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दिल्ली : सीएए के खिलाफ प्रदर्शन से लोगों में नाराजगी

14/01/2020

- दिल्ली के शाहीन बाग में लगातार 32 दिन से जारी है प्रदर्शन

वीरेन सिंह
नई दिल्ली, 14 जनवरी (हि.स.)। नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) के विरोध में दिल्ली के शाहीन बाग में 15 दिसम्बर से शुरू हुआ प्रदर्शन मंगलवार को 32वें दिन भी जारी रहा। प्रदर्शनकारियों में महिलाओं की संख्या पुरुषों के मुकाबले कहीं ज्यादा है। छोटे बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक इस विरोध में शामिल हैं। आंदोलन के इतने दिन बाद भी न तो इनके उत्साह में कमी दिखाई दे रही है और न ही इनका इरादा बदला है। वहीं इस विरोध प्रदर्शन के कारण हो रही कई प्रकार की परेशानियों से व्यापारी, दुकानदार समेत स्थानीय लोगों में आक्रोश भी बढ़ता जा रहा है।

उधर दिल्ली पुलिस ने शाहीन बाग में प्रदर्शन के मद्देनजर ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की है। इसमें कहा गया है कि मथुरा रोड और कालिंदीं कुंज के बीच राजमार्ग संख्या 13-ए पर यातायात बंद है। नोएडा से आने वाले लोग डीएनडी अथवा अक्षरधाम होकर दिल्ली में प्रवेश पा सकते हैं। वहीं कुछ वकीलों ने सीएए और एनआरसी के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट से जंतर-मंतर पर पैदल मार्च निकाला।

दिल्ली के शाहीन बाग में डटे प्रदर्शनकारियों की मांग है कि केंद्र सरकार जब तक इस कानून को लेकर अपना फैसला नहीं बदल देती तब हम लोग रोजाना इस तरह शाहीन बाग की सड़कों पर विरोध प्रदर्शन करते रहेंगे। प्रदर्शनकारी हाथों में तिरंगा और नारे लिखी हुईं ताख्तियां लेकर हिन्दुस्थान जिंदाबाद के नारे लगा रहे थे और देशभक्ति गीत भी गा रहे थे। 

पिछले एक महीने से जारी इस विरोध प्रदर्शन का समर्थन करने कई राजनीतिक दलों के नेता भी पहुंचे। सभी ने एक ही बात कही कि सीएए और एनआरसी देश को तोड़ने वाला कानून है। 
हालांकि इस विरोध प्रदर्शन को लेकर यहां के व्यापारी समेत स्थानीय लोगों में आक्रोश पैदा होने लगा है। लोगों का कहना है कि यह स्थान प्रदर्शनकारियों के लिए एक पिकनिक स्पॉट बन गया है। प्रदर्शनकारियों ने बीच सड़क पर टेंट लगा रखा है, जिसकी वजह से यातायात पिछले 32 दिनों से बाधित है। किसी को आम जनता की समस्या से कोई लेनेदेना नहीं है। इस प्रदर्शन के चलते हमारे बच्चे समय से स्कूल नहीं पहुंच पा रहे हैं। ऑफिस आने-जाने में काफी समय लग रहा है। दस मिनट का रास्ता तय करने में दो-दो घंटे तक लग जा रहे हैं। दुकानें बंद पड़ी हैं, जिसके चलते व्यापारियों को काफी नुकसान उठाना पड़ रहा है। प्रदर्शन की वजह से दिल्ली को एनसीआर से जोड़ने वाले प्रमुख मार्ग पिछले एक महीने से प्रभावित हैं। करीब साढ़े पांच लाख लोग रोजाना इस रास्ते का इस्तेमाल करते हैं। जाम के कारण दस मिनट का रास्ता तय करने में डेढ़ से दो घंटे लग रहे हैं। बदरपुर, फरीदाबाद के लोग नोएडा जाने के लिए आश्रम-डीएनडी का रास्ता पकड़ने को मजबूर हैं। नोएडा में कई नामी प्राइवेट विश्वविद्यालय, कॉलेज और स्कूल हैं।दिल्ली के हजारों बच्चे वहां पढ़ने के लिए प्रतिदिन आते-जाते हैं। ये छात्र इस प्रदर्शन के कारण परेशान हैं। नोएडा के एक नामी स्कूल में पढ़ने वाले छात्र रतन आहूजा और पिंटू सिंहानिया कहते हैं कि तीन-तीन घंटे तक जब हम सफर ही करते रहेंगे तो पढ़ेंगे कब। परीक्षा की तारीख सर पर है और हम ठीक तरीके से पढ़ाई भी नहीं कर पा रहे हैं। 

दुकानदारों की हालात खराब
इस प्रदर्शन के कारण यहां पर सड़कों के दोनों तरफ की दुकानें कई दिनों से बंद पड़ी हैं। कुछ दुकानदारों ने सर्दी के मद्देनजर गर्म कपड़े पहले से भर लिये थे। अब सारी दुकानें बंद हैं तो कोई भी माल भी नहीं बिक रहा है। दुकानदारों को मालों न बिकने की चिंता सता रही है। प्रदर्शन के कारण मार्ग बंद होने की वजह से पैदल यात्री हों या फिर ऑटो रिक्शा वाले, सभी लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ऑटो रिक्शा चालक महेंद्र ने कहा कि इस प्रदर्शन के कारण सभी को परेशानियों का सामना करना पड़ा है। स्थानीय दुकानदार जुबैर ने कहा कि इस प्रदर्शन से प्रतिदिन 30 से 35 लाख रुपये तक मार्केट का नुकसान हो रहा है।

हिन्दुस्थान समाचार


 
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