-कुंभ में पर्यावरण गतिविधि, नेत्र कुंभ जैसे नेक सेवा कार्य को चला रहा संघ

राजेश पांडेय
देहरादून, 06 अप्रैल (हि.स.)। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) हरिद्वार कुंभ मेले में नेत्र कुंभ और पॉलिथीन मुक्त, पर्यावरण युक्त जैसे बड़े अभियान चलाने के साथ ही अब यातायात की कमान को लेकर सड़कों पर उतरेगा। स्वयंसेवक कुंभ मेले में 8 अप्रैल से भीड़ नियंत्रण व यातायात प्रबंध की कंमान संभालने के लिए पूर्ण गणवेश में अनुशासित सिपाही के रूप में  देश-विदेश से आए यात्रियों की यात्रा को सुलभ बनाएंगे।इसके लिए प्रदेश भर के हजारों स्वयंसेवक 7 अप्रैल को हरिद्वार पहुंच जाएंगे। इन सभी स्वयंसेवकों को यातयात संचालन के लिए पुलिस ने प्रशिक्षण दिया है। यह लोग  8 से लेकर 16 अप्रैल तक कुंभ मेला क्षेत्र में रहेंगे। 

हिंदुओं की आस्था से जुड़े कुंभ का आयोजन इस मर्तबा बदली परिस्थितियों में हो रहा है। माहभर चलने वाले कुंभ में कोरोना संक्रमण की रोकथाम सबसे बड़ी चुनौती है। इस चुनौती से निपटने के लिए आईजी कुंभ संजय गुंज्याल ने संघ से  सहयोग मांगा था। शाही स्नानों पर प्रशासन के आग्रह पर संघ की ओर से लगभग एक हजार से ज्यादा स्वयंसेवकों की सूची मेला प्रशासन को उपलब्ध करा दी गई है। राज्य के सभी जिलों से स्वयंसेवक कुंभ मेले में यातायात संचालन में भाग लेने के लिए आएंगे। कुंभ मेले में 700 स्वयंसेवक स्थाई और 800 स्वयंसेवकों अस्थाई का डाटा तैयार किया गया है। इसके अलावा अन्य 300 स्वयंसेवक को भी तैयार रखा गया है। सभी स्वयंसेवकों को खाने का प्रबंध संघ ने खुद किया है। 

स्वयंसेवक का पटका और संघ की  प्रवेशिका लगाए नजर आएंगे। पुलिस इन सभी को स्पेशल पुलिस आफिसर का कार्ड  जारी करेगी। पुलिस की कैप और रेडियम जैकेट उपलब्ध कराई जाएगी। 

46 प्वाइंट, हर एक में 10 स्वयंसेवक, आठ घंटे की ड्यूटी
कुंभ मेला प्रशासन से हुई वार्ता के अनुसार मेला प्रशासन ने 46 प्वाइंट बनाये हैं। इन सभी प्वाइंट्स पर 10-10 स्वयंसेवक दिन और रात में आठ-आठ घंटे की डयूटी पर पूर्ण गणवेश में तैनात रहेंगे। 4 कैंपों में इनके ठहरने की व्यवस्था की गई है। स्वयंसेवकों के ठहरने के लिए मायापुर,रानीपुर, रुडकी और ऋषिकेश में संघ द्वारा चार बेस कैंप बनाये गए हैं। 7  अप्रैल को सभी स्वंयसेवक हरिद्वार पहुंच जाएंगे। 

शाही स्नान में यातायात की कमान
उत्तराखंड के प्रांत कार्यवाह दिनेश सेमवाल ने हिन्दुस्थान समाचार को बताया कि यातायात ही नहीं, पर्यावरण गतिविधि, नेत्र कुंभ जैसे नेक सेवा कार्य संघ और उसके अनुसांगिक संगठनों की ओर से शुरू कर दिए गए हैं। पुलिस प्रशासन की मांग पर संघ नि:शुल्क यायायात संचालन के लिए हजारों स्वयंसेवकों को प्रशिक्षण के साथ हरिद्वार भेज रहा है। स्वयंसवेक शाही स्नानों पर यातायात व्यवस्था को चलाने में मेला प्रशासन को सहयोग करेंगे। 

नेत्र कुंभ
उन्होंने बताया कि संघ के समचिवारी संगठन सक्षम की ओर से नेत्र कुंभ के जरिये सात स्थानों पर नि:शुल्क आंखों की जांच कर दवा और चश्मे दिए जा रहे हैं। पर्यावरण समिति पॉलिथीन मुक्त और पर्यावरण युक्त कुंभ अभियान चला रही है। देशभर से आए श्रद्धालुओं से पॉलिथीन का प्रयोग न करने की अपील की जा रही है। सिंगल यूज प्लास्टिक का प्रयोग करके उसे फेंकने की बजाय इको ब्रिक बनाने का आह्वान किया जा रहा है। 

सह प्रांत प्रचार प्रमुख संजय कुमार ने बताया कि संघ हमेश से राष्ट्र और समाज की चिंताओं को लेकर अग्रसर रहा है। कुंभ आस्था का केन्द्र है। मेला प्रशसन की मांग पर संघ की ओर हर जिले से स्वयंसेवक की तैनाती की गई है। प्रशासन के साथ-साथ यात्रियों की सुविधा को लेकर संघ सेवा को  सेवा कार्य को लेकर मुस्तैद है। 

14 संगठनों को पुलिस ने किया है आमंत्रित 
आईजी कुंभ संजय गुंज्याल की ओर से मेला क्षेत्र में विभिन्न व्यवस्थाओं के लिए 14 स्वयंसेवी संगठनों को पत्र भेजा गया था। सभी संगठनों ने अपने-अपने स्वयंसेवक भेजने की सहमति दे दी है। इसमें प्रमुख रूप से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, कांग्रेस सेवादल, भारत स्काउट एंड गाइड, राष्ट्रीय कैडेट कोर, राष्ट्रीय सेवा योजना, पंतजलि योगपीठ, शांतिकुंज, वेद संस्कृति महाविद्यालय, व्यापार मंडल, वैदिक कन्या गुरुकुल, भारत सेवाश्रम संघ, रोटरी क्लब, लायंस क्लब व इंडियन मेडिकल एसोसिएशन।  
हिन्दुस्थान समाचार
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