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एमएलसी रमेश मिश्रा समेत कई मौरंग खनन कारोबारियों के यहां सीबीआई के छापे

12/06/2019

-पंकज मिश्रा
-पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष के रिश्तेदार के घर पर छापेमारी, घर के दरवाजे तोड़े
हमीरपुर, 12 जून (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले में अवैध मौरंग खनन मामले में बुधवार को सीबीआई टीम ने सपा के एमएलसी रमेश मिश्रा और पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष समेत कई मौरंग कारोबारियों के यहां छापेमारी की। पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष संजय दीक्षित के रिश्तेदार के यहां भी सीबीआई टीम ने छापा मारा है। इस कार्रवाई को लेकर कोई भी बोलने को तैयार नहीं है और मीडिया कर्मियों को भी दूर रखा गया है। याचिकाकर्ता एवं समाजसेवी विजय द्विवेदी ने इस कार्रवाई की पुष्टि करते हुए बताया कि सीबीआई के रडार पर कई मौरंग कारोबारी हैं जिनमें एमएलसी समेत कई मौरंग खनन से जुड़े कारोबारियों के यहां छापे पड़ रहे हैं।  
सीबीआई के अधिकारी बुधवार को आठ वाहनों में आये और टीम बनाकर मौरंग कारोबारियों के यहां छापेमारी शुरू कर दी है। एमएलसी रमेश मिश्रा के गांव इमिलिया में टीम ने छापेमारी की है तो पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष के रिश्तेदार राकेश दीक्षित के गहरौली गांव में भी छापेमारी की गयी। इसके बाद राकेश दीक्षित के राठ कस्बे में स्थित आवास पर टीम ने छापा मारा है। छापेमारी में घर के दरवाजे टूट गये हैं। हमीरपुर में मौरंग खनन के बड़े कारोबारियों में जावेद हबीब के आफिस पर छापेमारी की गयी है। छापेमारी के डर से वह फरार हो गया है। मौरंग खनन में सीबीआई की जांच में फंसे रामऔतार मौरंग कारोबारी के यहां भी छापमारी जारी है। 
उल्लेखनीय है कि अखिलेश यादव की सरकार में हमीरपुर की तत्कालीन जिलाधिकारी आईएएस बी.चन्द्रकला ने अपनी तैनाती के दौरान मौरंग कारोबारी रमेश मिश्रा एण्ड कम्पनी को नियमों की अनदेखी करते हुये जिले में 47 मौरंग खनन के पट्टे किये थे इसके बाद मौरंग के 13 और पट्टे जारी किये गये थे जिन्हें कुछ समय बाद हाईकोर्ट ने रद्द कर दिया था। मौरंग के यह पट्टे नियमों के विरुद्ध किये गये थे जबकि ई-टेडरिंग से मौरंग के पट्टे किये जाने का प्रावधान था। अखिलेश यादव की सरकार में उन्होंने यहां जनपद में 50 मौरंग खनन के पट्टे जारी किये थे। मौरंग की खदानों में हमीरपुर-बांदा के एमएलसी रमेश मिश्रा, उनके भाई दिनेश मिश्रा का कब्जा रहा है। रमेश मिश्रा एण्ड कम्पनी नाम पर एक दर्जन से अधिक मौरंग के पट्टे थे। इसी तरह पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष संजय दीक्षित की मां माया देवी के नाम पर भी कई मौरंग खनन के पट्टे थे। 
हाईकोर्ट से अवैध मौरंग खनन की जांच कराने वाले हमीरपुर के अधिवक्ता एवं समाजसेवी विजय द्विवेदी ने बुधवार को दोपहर सीबीआई टीम की छापेमारी की पुष्टि करते हुये बताया कि तत्कालीन जिलाधिकारी बी.चन्द्रकला ने नियमों के विपरीत मौरंग खनन के पट्टे जारी किये थे जिन्हें काफी समय बाद हाईकोर्ट ने रद्द कर दिया था। इसके बाद भी जिले में अवैध मौरंग खनन का खेल चलता रहा। बी.चन्द्रकला 15 अप्रैल 2012 से 18 जून 2014 तक हमीरपुर की जिलाधिकारी के पद पर रही लेकिन उन्होंने अवैध खनन के मामले में कोई कार्रवाई नहीं की। उन्होंने बताया कि उनके कार्यकाल में यहां सिंडीकेट का नेटवर्क चला जिसके जरिये कई सौ करोड़ रुपये की वसूली हुई। यह पैसा नीचे से ऊपर तक पहुंचाया जाता था। 
याचिकाकर्ता विजय द्विवेदी एडवोकेट ने बताया कि सिंडीकेट में संजय दीक्षित का भाई राकेश दीक्षित, रामऔतार राजपूत समेत तमाम लोग हिसाब-किताब रखते थे। उन्होंने बताया कि जिले में अवैध खनन की सीबीआई जांच हाईकोर्ट के आदेश से करीब ढाई साल पहले शुरू हुयी थी जिसमें कई बार टीम ने हमीरपुर आकर मौरंग के पट्टे धारकों और अधिकारियों से पूछताछ की थी। इस साल जनवरी महीने के पहले सप्ताह में भी सीबीआई की टीमों ने छापेमारी कर बड़ी कार्रवाई की मौरंग कारोबारियों के खिलाफ की थी। 
लोकसभा चुनाव के बाद बुधवार को सीबीआई ने फिर हमीरपुर आकर एमएलसी रमेश मिश्रा, बसपा नेता संजय दीक्षित के भाई राकेश दीक्षित के यहां छापेमारी कर रही है। मौरंग कारोबारी रामऔतार के यहां भी राठ क्षेत्र में छापेमारी की खबर है। समाजसेवी एवं याचिकाकर्ता ने बताया कि सीबीआई की एक टीम हमीरपुर में गोपनीय ढंग से कई मौरंग कारोबारियों के ठिकानों पर रेड करेगी। बता दे कि इससे पहले एमएलसी रमेश मिश्रा के कानपुर, बांदा सहित अन्य ठिकानों पर भी सीबीआई टीम छापेमारी कर करोड़ों की नगदी सम्पत्ति बरामद की थी। हमीरपुर में तत्कालीन खनिज लिपिक रामआसरे प्रजापति व मौरंग व्यवसायी रामऔतार के यहां भी छापेमारी में सीबीआई को अहम दस्तावेज व नगदी बरामद की थी।
सीबीआई की रिपोर्ट में महिला आईएएस समेत 11 नामजद
याचिकाकर्ता एवं समाजसेवी विजय द्विदी एडवोकेट ने बताया कि इस वर्ष जनवरी माह के प्रथम सप्ताह में सीबीआई टीम ने छापेमारी करने के बाद हमीरपुर की तत्कालीन जिलाधिकारी 
सीबीआई के जरिये करायी गयी एफआईआर में आईएएस बी.चन्द्रकला, खनिज अधिकारी मुईनुदीदीन, हमीरपुर के एमएलसी रमेश मिश्रा, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष संजय दीक्षित, उनके पिता सत्येदव दीक्षित, पुत्र राकेश दीक्षित, रामऔतार बाबू, रामआसरे प्रजापति व अम्बिका दीक्षित समेत अन्य पट्टेदारों पर अवैध खनन के आरोप है। सीबीआई ने खान अधिकारी मुईनुद्दीन, रामऔतार समेत अन्य आरोपितों के घर पर भी छापेमारी में लाखों रुपये की नगदी औैर सोने के जेवरात भी बरामद किये थे। खाते भी सीज कर दिये गये थे। 
हिन्दुस्थान समाचार


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