सुप्रभा सक्सेना 

यरुशलम30 अप्रैल (हि..)। इजराइल में शुक्रवार को एक धार्मिक उत्सव के दौरान मची भगदड़ में 44 लोगों की मौत हो गई, जबकि कम से कम 150 लोग घायल हुए हैं। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इसे एक बड़ी त्रासदी बताया है। घटनास्थल पर राहत एवं बचाव कार्य में जुटे एक प्रमुख अधिकारी ने 44 लोगों के मरने की पुष्टि की है। 

यह हादसा माउंट मेरोन में लाग बाओमर के मुख्य आयोजन के दौरान हुआ। इस दिन लोग बड़ी संख्या में खासकर अति रूढ़िवादी यहूदी रब्बी शिमोन बार योचाई के सम्मान में एकत्रित होते हैं। रब्बी शिमोन बार योचाई दूसरी सदी के संत थे जिन्हें यहीं दफनाया गया था। माउंट मेरोन में आयोजन के दौरान भीड़ पारंपरिक रूप से अलाव जलाती है। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि एक सुरंग से लोग बाहर निकलने का प्रयास कर रहे थे कि अचानक भगदड़ मच गई। 

भगदड़ के बाद तस्वीरों में दिखाया गया है कि शव जमीन पर पड़े हुए हैं और कई एंबुलेंस पास में खड़ी हुई हैं। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इसे एक बड़ी त्रासदी बताया है। उन्होंने सभी लोगों से पीड़ितों के लिए प्रार्थना करने की अपील की है। 

हतजाला राहत सेवा के निदेशक एली बीयर ने बताया कि वह कार्यक्रम में भीड़ को देखकर घबरा गए थे और 40 से अधिक लोगों की मौत हो गई है। मेगन डेविड एडम राहत सेवा के प्रवक्ता जाकी हेलर ने बताया कि हादसे में घायल 150 लोगों को अस्पताल में भर्ती किया गया है। इनमे से 6 की हालत गंभीर है। उन्होंने कहा कि किसी ने इस प्रकार की घटना के बारे में सोचा भी नहीं था। 

इजराइली सेना की ओर से कहा गया है कि हेलिकॉप्टर के जरिए दवाइयां और राहत एवं बचाव टीम को रवाना किया गया है। स्वास्थ्य प्रशासन ने बड़ी संख्या में सभा आयोजित ना करने की चेतावनी दी है। इजराइल के पुलिस कमांडर शिमोन लावी ने बताया कि उनके अधिकारियों ने लोगों को बचाने के लिए वह सब कुछ किया जो वह कर सकते थे।

हिन्दुस्थान समाचार


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