क्षेत्रीय

Blog single photo

मुख्य सचिव के निर्देश, किसान पराली का चारे के रूप में करें उपयोग

02/12/2019

पराली जलने से न रोक पाने वाले अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाये
 - वीडियो काॅन्फ्रेन्सिंग के माध्यम से मुख्य सचिव की समीक्षा बैठक

पीएन द्विवेदी 
लखनऊ, 02 दिसम्बर (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव राजेन्द्र कुमार तिवारी ने सोमवार को सूबे के मण्डलायुक्तों, जिलाधिकारियों एवं कृषि विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को कड़े निर्देश दिये कि पराली जलाने की घटनाओं को पूर्णतः न रोक पाने में अक्षम अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाये। उन्होंने यह भी निर्देश दिये कि पराली का उपयोग गोवंश आश्रय स्थलों में चारे के रूप में कराया जाये। 

मुख्य सचिव सोमवार को लोक भवन में वीडियो काॅन्फ्रेन्सिंग के माध्यम से जनकल्याणकारी एवं विकासपरक योजनाओं की समीक्षा कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि पराली के मामले में उच्चतम न्यायालय द्वारा दिये गये निर्देशों का अक्षरशः अनुपालन कड़ाई के साथ सुनिश्चित कराना सम्बन्धित अधिकारियों की जिम्मेदारी है। किसी भी हालत में पराली जलाने की घटना स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने यह भी निर्देश दिये कि पराली जलाने वालों के विरुद्ध एफआईआर न होने पर सम्बन्धित क्षेत्र के पुलिस और राजस्व अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाये। 

उन्होंने यह भी निर्देश दिये कि पराली जलाने से सम्बन्धित दर्ज एफआईआर पर शीघ्र चार्जशीट लगाकर अग्रिम कार्यवाही सुनिश्चित करायी जाये। उन्होंने पराली को गड्ढों में डालकर डी-कम्पोस्ट की कार्यवाही भी किसानों के माध्यम से करवाने को कहा। रोक के बावजूद जिन जिलों में पराली जलाने की घटनाओं हो रही हैं, वहां के अधिकारियों से मुख्य सचिव ने मंगलवार दोपहर तक वास्तविक स्थिति की रिपोर्ट तलब की है। साथ ही बुधवार तक स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने को कहा है। उन्होंने कहा कि पराली जलाने की घटनाओं के न रुकने से सम्बन्धित अधिकारियों के वेतन से आर्थिक दण्ड की वसूली की जाये। साथ ही उन्हें दण्डित भी किया जाये।  मुख्य सचिव ने आज यह भी स्पष्ट किया कि जिस जिले से पराली जलाने की रिपोर्ट मिलेगी, वहां जिलाधिकारी और जिला पुलिस प्रमुख की जिम्मेदारी नियत कर उनके विरुद्ध भी कड़ी कार्रवाई करायी जायेगी। 

समीक्षा बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने यह भी निर्देश दिये कि शीत लहर को दृष्टिगत रखते हुये गोवंश आश्रय स्थलों में ठहरने वाले पशुओं के ठण्ड से बचाव हेतु आवश्यक व्यवस्थाय समय से सुनिश्चित करा ली जायें, ताकि ठण्ड के कारण किसी भी गोवंश की आकस्मिक मृत्यु न होने पाये। नदियों को प्रदूषण से बचाने हेतु नालों से गन्दा पानी न गिरने के लिये व्यापक कार्ययोजना बनाये जाने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि नगर विकास विभाग की देखरेख में व्यापक कार्ययोजना बनाकर नदियों में गन्दे नाली के पानी को रोकने हेतु आवश्यक कार्यवाही प्राथमिकता से सुनिश्चित करायी जायें। गन्दे पानी को शोधित करने हेतु सीवरेज ट्रीटमेंट प्लाण्ट (एसटीपी) लगाने हेतु आवश्यक जमीन सहित अन्य व्यवस्थायें भी सुनिश्चित कराये जाने का उन्होंने निर्देश दिया। 
मुख्य सचिव ने नवोदय, कस्तूरबा सहित आश्रम पद्धति विद्यालयों में अध्ययनरत बच्चों की सुरक्षा के सम्बंध में भी आवश्यक निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि इस बात का विशेष ध्यान रखा जाये कि किसी भी छात्रा के साथ कोई भी अप्रिय घटना न घटित होने पाये। छात्राओं के रहने वाले स्थानों व गल्र्स हाॅस्टलों में आने-जाने वाले व्यक्तियों व कर्मचारियों की गतिविधियों पर पैनी नजर रखने को भी कहा।

श्री तिवारी ने कहा कि वर्ष 2020-21, 2021-22 तथा 2022-23 में लक्षित वृहद वृक्षारोपण हेतु समस्त विभागों का समावेश करते हुये, जन सहभागिता से व्यापक स्तर पर पौधरोपण ‘वन महोत्सव’ 01 से 07 जुलाई के मध्य कराने हेतु तैयार कार्ययोजना के अनुसार सम्बन्धित विभाग आवश्यक कार्यवाहियां प्राथमिकता पर सुनिश्चित करायें। उन्होंने बताया कि वर्ष 2020-21 में 25 करोड़, 2021-22 में 30 करोड़ एवं 2022-23 में 35 करोड़ पौधों के रोपण का विभागवार लक्ष्य निर्धारित किया गया है। मुख्य सचिव ने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी एवं ग्रामीण), आयुष्मान भारत योजना, टीकाकरण अभियान, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि सहित अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं से और अधिक पात्र लोगों को लाभान्वित कराने हेतु और अधिक सार्थक प्रयास सुनिश्चित कराने के भी निर्देश दिये। 

हिन्दुस्थान समाचार


 
Top