सुप्रभा सक्सेना 

प्योंगयांग, 06 अप्रैल (हि.स.)। कोरोना महामारी के कारण इस साल उत्तर कोरिया टोक्यो ओलंपिक्स में भाग नहीं लेगा। अपने खिलाड़ियों की सुरक्षा को देखते हुए देश की ओर से यह कदम उठाया गया है।

उत्तर कोरिया के इस निर्णय से दक्षिण कोरिया की उन उम्मीदों पर पानी फिर गया है, जिसमें उसने उम्मीद जताई थी कि यह ओलंपिक दोनों देशों के बीच संबंधों को बेहतर करने का जरिया बनेगा। अपनी घोषणा के साथ उत्तर कोरिया ऐसा पहला देश बन गया है जो ओलंपिक खेलों में भाग नहीं लेगा। ओलंपिक खेलों की शुरुआत 23 जुलाई से हो रही है।

स्थानीय मीडिया रिपोर्ट के अनुसार 25 मार्च को ओलंपिक कमिटी की बैठक में यह निर्णय लिया गया। इससे पहले भी साल 1988 में हुए शीतयुद्ध के कारण उत्तर कोरिया ने सिओल गेम्स में भाग नहीं लिया था। उत्तर करिया में कोरोना के प्रसार को रोकने के लिए सख्त कदम उठाए गए हैं। यहां पर जनवरी के अंत में सीमाओं को बंद कर दिया गया था और सैकड़ों विदेशियों को एकांतवास में भेज दिया गया था।

जापान की ओलंपिक मंत्री तामायो मारूकावा ने पत्रकारों को बताया कि उन्हें उत्तर कोरिया की घोषणा की पुष्टि का इंतजार है और वह तुरंत इसपर टिप्पणी नहीं कर सकतीं।

हिन्दुस्थान समाचार

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