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सुहागनगरी में लोगों के धैर्य और हिम्मत से हार रहा है कोरोना

22/05/2020

कौशल राठौर
फिरोजाबाद, 22 मई (हि.स.)। कोरोना की जंग में सुहाग की प्रतीक चूड़ियों के लिये विश्व में प्रसिद्व सुहागनगरी जीत रही है। लोगों के धैर्य और हिम्मत से कोरोना हार रहा है। यही कारण है कि अब तक 183 लोग कोरोना से जंग जीतकर अपने-अपने घर जा चुके है। कोरोना से जंग जीत चुके परिवार का कहना है कि कोरोना को छुपाना नही, देश से भगाना है। उन्होंने लोगों से कोरोना से न घबराने की अपील की है।   

वर्तमान हालातों पर नजर डाली जाये तो फिरोजाबाद में अभी तक कोरोना के कुल मरीजों की संख्या 203 है। जिनमें से 183 लोग कोरोना से जंग जीतकर अपने अपने घरों को जा चुके है। जवकि 6 लोगों की मौत हो चुकी है, 2 को रैफर किया गया है। जिले में एक्टिव मरीजों की संख्या 12 है। 

कोरोना को लेकर हुये लाॅकडाउन में जरूरतमंदों की सेवा करते हुये आरएसएस के राजेन्द्र नगर के नगर संचालक सुरेश चन्द्र गुप्ता (62) कोरोना संक्रमण की चपेट में आ गये। उन्होंने बताया कि उन्हें 23 अप्रैल को जिला अस्पताल के आईसोलेशन बार्ड़ में भर्ती कर लिया गया। स्वास्थ विभाग द्वारा उनके सम्पर्क में आने वाले तथा परिवार के सदस्यों को कोरोंटाइन कर जव उनकी जांच करायी गई तो उनकी पत्नी राजरानी गुप्ता (61), पुत्र अभिषेक गुप्ता (31), पुत्रवधू मोहिनी गुप्ता (29) व नांती राघव गुप्ता (9 माह) में भी कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई। इसके बाद परिवार के इन चार सदस्यों को भी 26 अप्रैल को जिला अस्पताल के आईसोलेशन बार्ड़ में भर्ती कर लिया गया। जहां सभी का चिकित्सकों की देखरेख में उपचार हुआ। जिसके बाद वह व उनका परिवार कोरोना से जंग जीतकर सकुशल घर वापस आ गये।

सुरेश चन्द्र गुप्ता ने हिन्दुस्थान समाचार को बताया कि उन्होंने 14 दिन अस्पताल में बिताये। अस्पताल की व्यवस्थायें अच्छी थी। बार्ड़ में भर्ती कुछ लोगों के मन में कोरोना को लेकर ड़र था। मुझे लगा कि इन लोगों के मन में जो भय है उसे दूर करना चाहिये। मरीजों को तनाव मुक्त करने के लिये मैंने हंसी खुशी का माहौल बनाते हुये सभी को हर दिन हंसाया। ऐसा करते हुये 14 दिन कब बीत गये पता ही नही चला। 

राजरानी गुप्ता ने बताया कि आईसोलेशन बार्ड़ में वह 14 दिन भर्ती रही। वहां खाने, पीने रहने के इंतजाम अच्छे थे। समय पर दवा खिलाई जाती थी। हल्दी का दूध दिया जाता था। उनका कहना है कि लोग घबरायें नही समझदारी का परिचय दें। कोरोना को हिम्मत से हराया जा सकता है। 

अभिषेक गुप्ता ने बताया कि वह 14 दिन भर्ती रहे। बार्ड की व्यवस्थायें बेहतर थी। खाने की गुणवत्ता अच्छी थी। उनका कहना है कि कोरोना को हराने के लिये मनोबल ऊंचा होना बहुत जरूरी है। 

पुत्रबधू मोहिनी गुप्ता ने बताया कि जव उन्हें पता उनकी व उनके दुधमुहे पुत्र राघव की रिपोर्ट कोरोना पोजिटिव आयी है तो वह थोड़ा घबरा गई। लेकिन बार्ड़ से लोगों को डिस्चार्ज होते देख उन्हें विश्वास हो गया कि वह व उनका पुत्र कोरोना से जंग जीतकर ही रहेंगे। उन्होंने बताया कि बार्ड़ में व्यवस्थायें बेहतर थी। चिकित्सक भी हमें समझाते रहते थे कि कोरोना से कैसे जीतना है। 
कोरोना से जंग जीतने वाले परिवार का कहना है कि कोरोना से बचाव के लिये मास्क पहने, हाथों को धोते रहें, सामाजिक दूरी रखें, रोग प्रतिरोध क्षमता बढ़ायें, धैर्य और हिम्मत बनाये रखें तथा लाॅकडाउन का पालन करें। परिवार ने बेहतर स्वास्थ सेवा देने के लिये शासन, जिला प्रशासन, चिकित्सक व स्वास्थकर्मियों का आभार प्रकट किया है। 
हिन्दुस्थान समाचार


 
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