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नोटबंदी के तीन साल: सपा कार्यालय पर खजांची का केक काटकर मनाया जन्मदिन

08/11/2019

- अखिलेश बोले-बैंकिग सिस्टम को किया बर्बाद, मायावती ने कहा-आर्थिक स्थिति बिगड़ी

संजय सिंह 
लखनऊ, 08 नवम्बर (हि.स.)। नोटबंदी के तीन साल होने पर शुक्रवार को विपक्षी दलों ने एक बार फिर केन्द्र सरकार को घेरते हुए बयानबाजी की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आठ नवम्बर, 2016 को 500 और 1,000 रुपये के नोटों को चलन से बाहर करने की घोषणा की थी। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि नोटबंदी से व्यापार बर्बाद हो गए हैं। युवाओं की नौकरियां चली गई हैं। नोटबंदी से आतंकवाद और नक्सलवाद खत्म होने का दावा किया गया था कि लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ सरकार लगातार लोगों का ध्यान बंटाने का काम कर रही है।

उन्होंने पार्टी के प्रदेश मुख्यालय में मीडियाकर्मियों से कहा कि नोटबंदी ने बैंकिंग सिस्टम को बर्बाद कर दिया है। सरकार को युवाओं को रोजगार देने पर ध्यान लगाना चाहिए। उन्होंने सपा कार्यालय में नोटबंदी के दौरान पैदा हुए बच्चे खजांची का केक काटकर जन्मदिन मनाया और उसे शुभकामनाएं दी। अखिलेश यादव ने कहा कि नोटबन्दी की कितनी बड़ी उपलब्धि है कि बैंक की लाइन में बच्चे को जन्म लेने का मौका मिला। भले ही आतंकवाद खत्म न हुआ हो, काला धन आया न आया, बैंक मर्ज करना पड़ा हो, किसान तबाह हो गया हो लेकिन खजांची आया है। 

अखिलेश यादव ने कहा कि उत्तर प्रदेश में सबसे अधिक बैंक की शाखाएं थी। उत्तर प्रदेश के नाम पर इलाहाबाद इकलौता बैंक था वह भी खत्म हो गया। अगर इसे प्रयागराज कर देते तब भी ठीक होता लेकिन खत्म कर दिया। पहले मैं थोड़ा डर कर कहता था कि सपा सरकार बनेगी लेकिन जब लोगों के चेहरे पढ़े, दुख देखा, साथियों का उत्साह देखा, उपचुनाव देखा, साफ हो गया कि इस बार कोई धुंआ असर नहीं करेगा। लोगों के दुख और तकलीफें देखकर हम कह सकते हैं कि वह इस सरकार से छुटकारा पाना चाहते हैं और प्रदेश में 2022 में सपा की सरकार बनेगी। लोग परेशान हैं उनके पास काम नहीं और जानवर किसानों की फसलें बर्बाद कर रहे हैं। 

उन्होंने कहा कि इतना भ्रष्टाचार किसी सरकार में नहीं है। राज्यपाल ने कहा कि स्वास्थ्य में कितना भ्रष्टाचार है। न गऊ मां को सर्दी से बचाने की योजना है और न ही बच्चों को स्वेटर मिला। जितनी बहन-बेटियां आज असुरक्षित हैं उतना कभी नहीं थी। सपा अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा से ज्यादा चुनाव में कौन खर्च करेगा। हिसाब किताब बनाने में समय लगेगा। सरकार क्यों नहीं बता रही कि डीएचएफएल को कब कब पैसा दिया गया। बड़ी कुर्सी पर बैठे किसको बचा रहे हैं। हम सरकार में नहीं हैं। जो भी सुप्रीम कोर्ट का फैसला होगा मान्य होगा।

बहुजन समाज पार्टी की सुप्रीमो मायावती ने ट्वीट किया कि बीजेपी की केन्द्र सरकार द्वारा बिना पूरी तैयारी के जल्दबाजी व अपरिपक्व तरीके से किये गये नोटबन्दी का दुष्परिणाम पिछले तीन वर्षों में विभिन्न रूपों में जनता के सामने लगातार आ रहा है बल्कि देश में बढ़ती बेरोजगारी व बिगड़ती आर्थिक स्थिति इसी का मुख्य कारण है। 

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि नोटबंदी को तीन साल हो गए। सरकार और इसके नीमहकीमों द्वारा किए गए 'नोटबंदी सारी बीमारियों का शर्तिया इलाज' के सारे दावे एक-एक करके धराशायी हो गए। नोटबंदी एक आपदा थी जिसने हमारी अर्थव्यवस्था नष्ट कर दी। इस ‘तुगलकी’ कदम की जिम्मेदारी अब कौन लेगा?

हिन्दुस्थान समाचार


 
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