चुनावी विशेष

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बिहार में लोकसभा की 40 में 39 सीटों पर जीता राजग , कांग्रेस को किशनगंज में मिला पड़ाव

23/05/2019

अरुण
पटना, 23 मई ( हि.स.)। लोकसभा  चुनाव में बिहार में 40 में 39 सीटों पर राजग को अप्रत्याशित जीत मिलने के साथ छह विपक्षी दलों के महागठबंधन को जबर्दस्त झटका लगा है। पीएम नरेन्द्र मोदी की चुनावी लहर में विपक्षी महागठबंधन को 40  लोकसभा सीट वाले बिहार में  मुस्लिम बहुल किशनगंज में पनाह मिली  । तीन मुस्लिम उम्मीदवारों के मुख्य मुकाबले में 67 प्रतिशत मुस्लिम बहुल किशनगंज में कांग्रेस ने अपना कब्जा बरकरार रखा।। चुनाव नतीजे से स्पष्ट होता है कि लोगों ने  पार्टी और जाति के रिश्ते की अनदेखी कर राष्ट्रवाद के मुद्दे को अहमियत दी और नरेन्द्र मोदी को पीएम बनाना है के मूल मंत्र के साथ राजग प्रत्याशियों को गले लगाया है। मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में भी राजग को मिली जीत से लगता है कि  सभी वर्ग,समुदाय के साथ तीन तलाक के विरोध में कानून बनाने का भाजपा को लाभ मिला है और महिला मुस्लिम मतदाताओं का उसे समर्थन मिला है। 
लोकसभा चुनाव में बिहार से राजग को मिली शानदार जीत का नवगठित मंत्रिपरिषद पर भी विशेष छाप देखने को मिलेगी।  जदयू के कम से कम तीन लोगों को प्रतिनिधि​त्व मिलने के साथ बिहार से कई नये चेहरे को केन्द्रीय मंत्रिपरिषद में जगह मिलना तय है। फिलहाल नये चेहरों में राजीव रंजन सिंह और चिराग पासवान का केन्द्रीय मं​त्री बनना तय है। 
पाटलिपुत्र में केन्द्रीय ग्रामीण विकास राज्यमंत्री रामकृपाल यादव ने लालू की बेटी एवं राज्यसभा सदस्य डा.मीसा भारती से कांटे के मुकाबले में जीत हासिल कर अपना राजनीतिक भविष्य बचा लिया । वहीं पटना साहिब लोकसभा क्षेत्र में केन्द्रीय ​विधि मंत्री रविशंकर प्रसाद ने भाजपा से बागी बन कांग्रेस उम्मीदवार बने शत्रुघ्न सिन्हा को पराजित कर पार्टी की धाक कायम रखी है। बराबर की 17 सीटों  के लिए चुनाव लड़ी भाजपा को 17 और जदयू को 16 सीटों पर जीत मिली है।  लोजपा के सभी छह उम्मीदवारों ने जीत हासिल कर ली। इनमें रामविलास पासवान के दो  भाई रामचंद्र—पशुपति और पुत्र चिराग हैं। अन्य किसी भी दल का दल का खाता नहीं खुला । पिछले चुनाव की तुलना में बिहार में भाजपा की सीटें 22 से घटकर 17 हो गईं वहीं जदयू की सीटें दो से बढ़कर 16 हो गईं ।
बिहार में इस बार के चुनाव में 56 महिला उम्मीदवारों में मात्र तीन कविता सिंह सीवान,रमा देवी शिवहर और वीणा सिंह वैशाली चुनाव जीत पाईं। कविता विधानसभा की सदस्य हैं जबकि वीणा सिंह विधानसभा की पूर्व सदस्य हैं।16वीं लोकसभा की सदस्य रहीं रंजीता रंजन चुनाव हार गयीं जबकि मुंगेर की मौजूदा सांसद वीणा देवी ने चुनाव नहीं लड़ा। 40 नवनिर्वाचित उम्मीदवारों में मात्र दो मुस्लिम  चौधरी महबूब अली कैसर खगड़िया और मो.जावेद किशनगंज हैं। 
बिहार में राजद के एमवाई सामाजिक समीकरण में कुशवाहा,मांझी और सहनी को साथ करने और माले से दोस्ती का फार्मूला  नरेन्द्र मोदी के जादू पर बेअसर रहा। लालू की राजनीतिक विरासत संभाल रहे उनके छोटे बेटे तेजस्वी प्रसाद यादव लोकसभा चुनाव की पहली राजनीतिक परीक्षा में फेल साबित हुए। बड़ी बहन मीसा भारती की पाटलिपुत्र में हुई हार के कारण राजद में अंदरूनी विवाद बढ़ना तय है। पिछले चुनाव में राजद को 4 सीटों पर जीत मिली थी। इस बार खाता भी नहीं खुल पाया । जहानाबाद में राजद उम्मीदवार सुरेन्द्र यादव को लालू के बड़े बेटे तेजप्रताप यादव का खुला विरोध झेलना पड़ा। इसके बावजूद  मौजूदा सासंद अरुण कुमार और जदयू के चंद्रेश्वर प्रसाद चंद्रवंशी को कांटे का  मुकाबला देकर हार गये। महागठबंधन के समर्थन के बावजूद माले को आरा में हार का मुंह देखना पड़ा वहीं भाकपा को बेगूसराय में मिली हार से वाम दलों का भी इस बार के भी चुनाव में बिहार में सूपड़ा साफ हो गया है।  
मौजूदा सांसदों में हुक्मदेव नारायण यादव के बदले उनके बेटे अशोक यादव मधुबनी से चुनाव लड़े और जीते । भाजपा के पांच सांसदों— सतीश चंद्र दूबे,हरी मांझी,जनक राम,वीरेन्द्र कुमार चौधरी और ओम प्रकाश यादव को पार्टी ने  बेटिकट कर दिया था। बेगूसराय के सांसद भोला सिंह के निधन के कारण सीट चुनाव के पहले खाली हो गयी थी। शत्रुघ्न सिन्हा और कीर्ति आजाद भाजपा   से बगावत कर पहले से ही अलग राजनीतिक राह तय कर चुके थे। लोजपा ने भी वैशाली के मौजूदा सांसद राम किशोर सिंह को टिकट से वंचित कर दिया।     
चुनाव जीतने वाले प्रमुख चेहरे:चुनाव जीतने वाले प्रमुख चेहरों में केन्द्रीय मंत्री राधामोहन सिंह,गिरिराज सिंह,रविशंकर प्रसाद,अश्विनी कुमार चौबे,आरके सिंह,राम कृपाल यादव,चिराग पासवान,दिनेशचंद्र यादव,राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ,प्रदीप  सिंह,अशोक यादव,दिलकेश्वर कामत,मो,जावेद,दुलाचंद गोस्वामी,गोपालजी ठाकुर,आलोक सुमन,राजीव प्रताप रुढ़ी,गिरधारी यादव,चद्रेश्वर चंद्रवंशी और चंदन कुमार शामिल हैं।
चुनाव हारने वाले प्रमुख चेहरे: शरद यादव,रघुवंश प्रसाद सिंह,मीरा कुमार,जीतन राम मांझी,शत्रुघ्न सिन्हा,तारिक अनवर,जगदानंद सिंह,उपेन्द्र कुशवाहा, मुकेश सहनी,अब्दुल बारी सिद्दीकी,उदय सिंह,जयप्रकाश नारायण यादव,पु​तुल सिंह,चंद्रिका राय, डा.शकील अहमद, रंजीता रंजन और साधु यादव, कन्हैया कुमार,अख्तरुल इमान और अशोक राम हैं। उपेन्द्र कुशवाहा दो सीटें—काराकाट और उजियारपुर से चुनाव लड़े और दोनों जगहों पर हार का मुंह देखना पड़ा । साढ़े चार वर्षों तक नरेन्द्र मोदी सरकार में मंत्री रह कर  चुनाव के पहले राजग से नाता तोड़ वे महागठबंधन में शामिल हो गये थे। महागठबंधन में ​पांच सीटों के लिए चुनाव लड़ी रालोसपा को सभी सीटों पर हार झेलनी पड़ी।  
17वीं लोकसभा में बिहार से 23 नये चेहरे लोकसभा के सदस्य बने हैं। इनमें 8 पहले भी लोकसभा के सदस्य रह चुके हैं। —अररिया—प्रदीप सिंह,बांका—गिरधारी यादव,बेगूसराय—गिरिराज सिंह,भागलपुर—अजय मंडल,दरभंगा—गोपालजी ठाकुर,गया—विजय मांझी,गोपालगंज—आलोक कुमार सुमन,हाजीपुर —पशुपति कुमार पारस,जहानाबाद—सुरेन्द्र यादव,झंझारपुर—रामप्रीत मंडल,काराकाट —महाबली सिंह,क​टिहार—दुलालचंद गोस्वामी,किशनगंज—सैयद मसूद असरफ,मधेपुरा—दिनेशचंद्र यादव,मधुबनी —अशोक यादव,मुंगेर— राजीव रंजन सिंह,नवादा—चंदन सिंह,पटना साहिब—रविशंकर प्रसाद,सीतामढ़ी— सुनील कुमार पिंटू, सीवान—कविता सिंह, सुपौल—दिलेश्वर कामत,  वैशाली—वीणा सिंह और वाल्मिकीनगर—वैद्यनाथ महतो हैं। 
बिहार के तीन मंत्री भी जीते:चुनाव जीतने वालों में बिहार मंत्रिमंडल के तीन सदस्य राजीव रंजन​ सिंह,दिनेश चंद्र यादव और पशुपति कुमार पारस भी हैं। इन्हें विधानमंडल की सदस्यता छोड़नी होगी। तब विधानसभा की एक और परिषद की दो सीटें खाली होंगी। इसी तरह केन्द्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद को लोकसभा का सदस्य निर्वाचित होने से राज्यसभा की सदस्यता छोड़ी होगी। इस सीट के लिए भी उपचुनाव होंगे।
निर्वाचित उम्मीदवारों का जाति:40 नव निर्वाचित उम्मीदवारों में सर्वाधिक 7 राजपूत,6 यादव,4 पासवान,3—3 भूमिहार—काईरी—, 2—2—2 ब्राह्मण—जायसवाल—मुसलमान,एक—एक कायस्थ,कुर्मी,निषाद,रविदास,सूढ़ी,धानुक,केवट,गंगेय,गोसाई,गंगेोता और मुसहर जाति के हैं। 
हिन्दुस्थान समाचार


 
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