राम जन्मभूमि

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राम मन्दिर को लेकर जर्जर भवनों को हटाने का काम जारी, नक्शा अभी नहीं किया प्रस्तुत : चम्पत राय

28/08/2020

लखनऊ, 28 अगस्त (हि.स.)। अयोध्या में राम मन्दिर निर्माण के लिए रामजन्मभूमि परिसर में काम की गति तेज हो गई है। ऐसे में मन्दिर के मार्ग पर पड़े रहे जर्जर भवनों व मंदिरों के ध्वस्तीकरण की भी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। 

राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चम्पत राय ने बताया कि जो पुराने जर्जर भवन हैं, उन सभी को हटाने का काम चल रहा है। पुराने जर्जर भवन जो अधिग्रहित हैं, मन्दिर की सीमाओं में आ जाएंगे, उन्हें हटाना आवश्यक है। उन्होंने बताया कि अभी नक्शा प्रस्तुत नहीं किया है। पूरे 70 एकड़ का नक्शा पास कराया जाएगा।

वहीं रामजन्मभूमि परिसर स्थित करीब 250 वर्ष पुराने सीता रसोई मन्दिर को ध्वस्त किया गया है। एल ऐंड टी की टीमों ने जेसीबी व अन्य मशीनों के जरिए गुरुवार को सबसे पहले सीता रसोई मंदिर को ध्वस्त करने का काम शुरू किया। श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के मुताबिक राम मन्दिर परिसर में मौजूद सीता रसोई, कोहबर भवन, आनंद भवन, साक्षी गोपाल सहित करीब बारह मन्दिरों को गिराने का निर्णय किया है। 

हालांकि इन मन्दिरों में विराजमान गर्भगृह को मन्दिर परिसर में ही सुरक्षित रखा जाएगा। जब राममंदिर का निर्माण हो जाएगा तो इन सभी मन्दिरों के गर्भगृह को उचित स्थान पर स्थापित कर इनकी पूजा-अर्चना का क्रम प्रारम्भ किया जाएगा। 

इस बीच राम मन्दिर निर्माण में पत्थरों को एक दूसरे से जोड़ने के लिए प्रयुक्त होने वाली ताम्र पट्टिका का दान अब छह महीने बाद ही स्वीकार होगा। दरअसल इन ताम्र पट्टिकाओं को सुरक्षित रखना ट्रस्ट के सामने चुनौती है। इसी वजह से यह फैसला किया गया है। इससे पहले ट्रस्ट की ओर से बीते दिनों कहा गया था कि मन्दिर निर्माण में लगने वाले पत्थरों को जोड़ने के लिए तांबे की पत्तियों का उपयोग किया जाएगा। निर्माण कार्य के लिए 18 इंच लम्बी, 3 एमएम गहरी और 30 एमएमचौड़ी 10,000 पत्तियों की आवश्यकता पड़ेगी। 

इसके मद्देनजर श्री रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ने श्रीरामभक्तों से तांबे की पत्तियां दान करने का आह्वान किया था। इसमें कहा गया था कि इन तांबे की पत्तियों पर दानकर्ता अपने परिवार, क्षेत्र अथवा मंदिरों का नाम गुदवा सकते हैं। इस प्रकार से ये तांबे की पत्तियां न केवल देश की एकात्मता का अभूतपूर्व उदाहरण बनेंगी, बल्कि मन्दिर निर्माण में सम्पूर्ण राष्ट्र के योगदान का प्रमाण भी देंगी।

हिन्दुस्थान समाचार/संजय/राजेश


 
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