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भारत का नाविक बताएगा रास्ता

30/10/2019

भारत का नाविक बताएगा रास्ता

अब भविष्य में अमेरिका के ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम को भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन, इसरो द्वारा विकसित ‘नाविक’ रिप्लेस कर सकता है। मोबाइल तथा अन्य दूरसंचार उपकरणों के लिए चिपसेट बनाने वाली अमेरिकी कंपनी क्वॉलकॉम ने भौगोलिक स्थिति तथा मापन के लिए नेविगेशन विद इंडियन कॉन्सटेलेशन (नाविक) सिस्टम का परीक्षण पूरा कर लिया है।
आजकल नयी जगह, जहां का रास्ता न पता हो तो हम लोग जीपीएस यानी ग्लोबल पोजीशनिंग सिस्टम का सहारा लेकर वहां पहुंच जाते हैं। अभी हम गूगल मैप, हीयर मैप आदि के जरिए दुनिया भर में नेविगेट करते हैं। नाविक इस साल के अंत सक्रिय होकर जीपीएस को रिप्लेस कर सकता है। अभी स्मार्टफोन पर रास्ता या किसी स्थान की लोकेशन ढूंढने के लिए अमेरिका के जीपीएस का सहारा लेते हैं। इस तरह भारतीय उपमहाद्वीप के लिए नाविक भौगोलिक स्थिति के मापन को बेहतर कर सकेगा।


 
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