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डॉ. बीआर मणि ने अयोध्या में मिले अवशेष को 10वीं-12वीं शताब्दी का बताया

21/05/2020

- रामलला विराजमान के स्थान पर बुधवार को मिले थे मंदिर के पुरातत्व अवशेष 

विजयलक्ष्मी
नई दिल्ली, 21 मई (हि.स.)। भारतीय पुरात्तव सर्वेक्षण के पूर्व अतिरिक्त महानिदेशक डॉ. बीआर मणि ने अयोध्या में राम जन्म भूमि पर राम मंदिर का निर्माण शुरू होने पर वहां मिले अवशेष को 10वीं-12वीं शताब्दी के 3-4 मंदिरों का बताया है। 

हिन्दुस्थान समाचार से विशेष बातचीत में डॉ. मणि ने बताया कि जिस स्थान पर अब काम शुरू हुआ है वहां मंदिर के अवशेष मिलना, पहले मिले मंदिरों के साक्ष्य को और मजबूत करता है। पहले की गई खुदाइयों में यहां तीन चार मंदिर के साक्ष्य मिले हैं। यहां पंचायतन मंदिर के साक्ष्य मिले हैं। पंचायतन शैली के मंदिर में एक मुख्य मंदिर के चारों मंदिर होते हैं। उन्होंने बताया कि खुदाई में  द्वार शाखा, मंदिर के खंभे, कसौटी पत्थर (जिनका इस्तेमाल मस्जिद बनाने के लिए किया गया था), मूर्तियां, अलंकृत पट मिले हैं। 

डॉ. बीआर मणि ने बताया कि एएसआई के साथ बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय ने भी 1967-69 में खुदाई की थी। उसके बाद कई बार सर्वेक्षण और उत्खनन का काम किया गया। बाद में अदालत के आदेश के बाद एएसआई ने यहां खुदाई करवाई जहां मंदिर के साक्ष्य मिले हैं। उन्होंने बताया कि अयोध्या में कई इतिहास की कड़ियां और मिल सकती हैं अगर वहां और भी खुदाइयां की जाएं। उन्होंने कहा कि अयोध्या पर जितना अध्ययन होना चाहिए उतना नहीं हुआ। डॉ. मणि ने कहा कि एएसआई द्वारा की गई खुदाई में निकले पुरा-अवशेष को तो संग्रहालय में रखा गया है लेकिन मौजूदा समय में जो भी ऐतिहासिक अवशेष मिल रहे हैं उनका भी अध्ययन किया जाना चाहिए और उन्हें भी संग्रहालय में रखा जाना चाहिए।

हिन्दुस्थान समाचार


 
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