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स्कूली शिक्षा की गुणवत्ता में अंतर

14/10/2019

स्कूली शिक्षा की गुणवत्ता में अंतर

युगवार्ता डेस्क

नीति आयोग के स्कूली शिक्षा गुणवत्ता सूचकांक रैंकिंग के मुताबिक देशभर में स्कूली शिक्षा की गुणवत्ता में अंतर देखने को मिला है। 20 बड़े राज्यों में केरल ने 76.6 फीसदी स्कोर के साथ प्रथम स्थान हासिल किया। वहीं अंतिम स्थान पर रहने वाला उत्तर प्रदेश का 36.4 फीसदी स्कोर रहा। हालांकि हरियाणा, असम और उत्तर प्रदेश ने वर्ष 2015-16 की तुलना में वर्ष 2016-17 में अपने प्रदर्शन में सबसे अधिक सुधार किया है।
अन्य राज्यों जैसे तमिलनाडु पहुंच, समता और परिणाम के मामले में, कर्नाटक सीखने की प्रक्रिया और हरियाणा बुनियादी सुविधा संकेतक के आधार पर शीर्ष प्रदर्शनकर्त्ता रहे। वहीं छोटे राज्यों में मणिपुर का सर्वश्रेष्ठ रहा। जबकि केंद्रशासित प्रदेशों की सूची में चंडीगढ़ शीर्ष स्थान पर है।
स्कूली शिक्षा गुणवत्ता सूचकांक- सीखने की प्रक्रिया, पहुंच, समता, बुनियादी ढांचे की सुविधाओं, राज्य द्वारा किए गए सर्वेक्षण के आंकड़े और तीसरे पक्ष के सत्यापन के आधार पर तैयार रिपोर्ट में प्रयोग किये गए आंकड़ो के आधार पर राज्यों का आकलन किया गया। सूचकांक में 34 संकेतक और 1000 अंक निर्धारित हैं। इसमें सीखने की प्रक्रिया को सबसे अधिक 600 अंक का भारांक दिया गया है।


 
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