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फसल बीमा योजना की प्रीमियम राशि में कटौती किसानों के साथ धोखा : कांग्रेस

20/02/2020

आकाश राय
नई दिल्ली, 20 फरवरी (हि.स.)। कांग्रेस ने फसल बीमा योजना की प्रीमियम राशि में कटौती को किसानों के साथ धोखा बताते हुए इसे किसानों पर हमला करार दिया। केंद्र सरकार पर आरोप लगाते हुए विपक्षी दल ने कहा कि इस तरह का निर्णय देश के अन्नदाताओं के पेट पर लात मारने जैसा है, जो बहुत शर्मनाक है। 

कांग्रेस मुख्यालय में गुरुवार को संवाददाता सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए राष्ट्रीय प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा कि पीएम फसल बीमा योजना और मौसम आधारित फसल बीमा योजना के प्रीमियम में कटौती से किसानों का बोझ बढ़ेगा। अब तक फसल बीमा योजना में दो प्रतिशत बीमा प्रीमियम राशि किसान देता था, शेष राशि में केंद्र व राज्य सरकार का हिस्सा 50-50 फीसदी का होता था लेकिन सरकार ने तुगलकी फरमान जारी कर कहा है कि अब वो सिर्फ 25 प्रतिशत राशि ही देगी। केंद्र द्वारा प्रीमियम राशि के अपने हिस्से में कटौती से किसानों को अपने दो प्रतिशत के साथ केंद्र का 25 फीसदी भी अदा करना होगा। ऐसे में किसान ना तो 27 प्रतिशत बीमा प्रीमियम राशि भर पाएगा और ना ही फसल का बीमा करवा पाएगा। फसल बर्बादी की हालत के लिए केंद्र सरकार सीधे तौर पर जिम्मेदार होगी। 



सुरजेवाला ने कहा कि किसानों की समस्या यहीं खत्म नहीं होती। बड़ा सवाल तो यह है कि जब केंद्र अपनी प्रीमियम राशि का भुगतान नहीं कर रही तो राज्य सरकारों को उसका हिस्सा देने के लिए कैसे बाध्य करेगी। अगर राज्यों ने केंद्र की तर्ज पर प्रीमियम राशि में कटौती कर दी तब फसल बीमा योजना का क्या होगा और किसान इसे कैसे झेलेंगे। 



उन्होंने कहा कि केंद्र ने कहा है कि अगर राज्य सरकारें फसल बीमा प्रीमियम राशि देने में देरी करते हैं तो उस राज्य में योजना ही बंद कर दी जाएगी। कांग्रेस नेता ने सरकार की नीतियों पर तंज कसते हुए कहा, ‘करे कोई, भरे कोई। क्या यही है 'न्यू इंडिया का न्याय।' मोदी मंत्रिमंडल ने देश के 151 जिलों के लिए नई स्कीम बनाने का भी निर्णय लिया है। इसका साफ मतलब है कि अब कुल 732 जिलों में से 151 आपदाग्रस्त जिलों में फसल बीमा या मौसम आधारित बीमा योजना लागू ही नहीं रहेगी।

केंद्र पर बीमा योजना के जरिए बीमा कम्पनियों को फायदा पहुंचाने का आरोप लगाते हुए सुरजेवाला ने कहा कि पिछले तीन साल में बीमा कंपनियों ने पीएम फसल बीमा योजना से 77,801 करोड़ रुपये प्रीमियम लिया तथा 19,202 करोड़ का मुनाफा कमाया। मुनाफे की कारगुजारी के आधार पर पीएम फसल बीमा योजना को प्राइवेट बीमा कंपनी मुनाफा योजना कहना गलत नहीं होगा। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार को चाहिए था कि इस व्यवस्था को दुरुस्त करते लेकिन उनकी सरकार ने तो बीमा प्रीमियम राशि का बोझ भी किसानों पर ही डाल दिया।

हिन्दुस्थान समाचार


 
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