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एशियाई रेसलिंग चैंपियनशिप में पहले कॉन्टिनेंटल टाइटल जीतने की ताक में रवि दहिया

04/02/2020

सुनील दुबे

नई दिल्ली, 04 फरवरी (हि.स.)।  अपना पहला कॉन्टिनेंटल चैंपियनशिप जितने की उम्मीद से भारतीय पहलवान और 2019 विश्व कुश्ती चैंपियनशिप के कांस्य पदक विजेता रवि कुमार दहिया 18 - 23  फरवरी को दिल्ली में होने वाले एशियाई रेसलिंग चैंपियनशिप में भाग लेंगे ।हाल फिलहाल में उन्होंने रोम रैंकिंग सीरीज के  61 किग्रा वर्ग में उन्होंने स्वर्ण पदक जीता और अभी वो रूस में अपनी ट्रेनिंग पूरे करने में लगे है।

रवि का मानना है की एशियाई रेसलिंग चैंपियनशिप में  ईरान के रेज़ा अहमदली अटरिनघरची के उनके लिए सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक होंगे। उन्होंने यह भी माना की टोक्यो 2020  ओलिंपिक में विश्व के सर्वश्रेष्ठ  पहलवान रूस के जावूर उगुएव  का सामना करना भी बहुत मुश्किल होगा और इस चुनौती का वो द्रिड निष्चय के साथ सामना करने के लिए तैयार है । रवि अपनी ट्रेनिंग के दौरान लेग डिफेन्स पर काफी ध्यान दे रहे है और मानते है की यह आगे आने वाले प्रतियोगिताओं में काफी लाभदायक रहेगा।

रवि ने हिन्दुस्थान समाचार को मोबाईल से दिये साक्षात्कार में बताया कि वह  एशियाई चैंपियनशिप के लिए जी तोड़ मेहनत कर  रहे हैं और बुनियादी तकनीकों पर काफी ध्यान दे रहे हैं ।  उन्होनें बताया कि उनकी ट्रेनिंग का अहम हिस्सा दुसरे पहलवानों की वीडियोज  को भी देखना है जिससे वह नयी रणनीति बना सके।

एशियाई रेसलिंग चैंपियनशिप में किन पहलवानो को कठिन चुनौती को दर्जा देने संबंधि सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि  ईरान के  रेज़ा  अहमद अली  अटरिनघरची  बहुत ही मज़बूत चुनौती देने की क्षमता रखते हैं। उनके अलावा ईरान जापान उज़्बेकिस्तान और  कोरिया  के काफी पहलवान है जो  किसी को भी शिकस्त देने की क्षमता रखते है ।

रूस में ट्रेनिंग और कोच मुराद गाइडरोव के योगदान के बारे में पूछने पर उन्होंने बताया कि रूस में ट्रेनिंग करते हुए मेरा मुकाबला बेहतर और काफी मज़बूत पहलवानों के साथ हो रहा है और हर दिन एक नयी चुनौती का सामना करना पड़ता है । इसीलिए हर एक दिन कुछ न कुछ नया सीखने को मिलता है। जहाँ तक रही बात कोच मुराद की वो हर तरीके से मेरी मदद करने की कोशिश कर रहे है और हर दिन एक नयी चुनौती मेरे सामने रखते है । इससे मुझे अपने तकनीकों को बेहतर करने में काफी सहायता मिल रही है ।

टोक्यो ओलिंपिक 2020  की तैयारियों के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि मेरा उद्देश्य ओलिंपिक में गोल्ड जीतने का ही रहेगा और एशियाई रेसलिंग चैंपियनशिप से मेरी उस तैयारी में सहायक होगा । मैं लगातार मेहनत करते रहना चाहता हूँ और ओलिंपिक से पहले चोट ग्रस्त नहीं होना चाहता। 

हिन्दुस्थान समाचार


 
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