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मनी लॉन्ड्रिंग मामला: डीके शिवकुमार की याचिका खारिज, परिवार से मिलने के लिए नहीं मिलेगा अतिरिक्त समय

09/09/2019

संजय

नई दिल्ली, 09 सितम्बर (हि.स.)। दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट ने मनी लाॅन्ड्रिंग के आरोप में गिरफ्तार कर्नाटक के कांग्रेस के नेता डीके शिवकुमार को परिजनों, दोस्तों और वकील से मिलने के लिए अतिरिक्त समय नहीं मिलेगा। इस संबंध में दायर याचिका अदालत ने सोमवार को खारिज कर दिया।


उल्लेखनीय है कि डीके शिवकुमार 13 सितंबर तक ईडी की हिरासत में हैं। उन्हें 4 सितंबर को कोर्ट ने ईडी की हिरासत में भेजा था। इससे पहले 3 सितंबर को ईडी ने डीके शिवकुमार को गिरफ्तार किया था। सुनवाई के दौरान ईडी की ओर से एएसजी नटराज ने कहा था कि डीके शिवकुमार के कब्जे से 44 करोड़ रुपये बरामद हुए हैं। जांच महत्वपूर्ण मोड़ पर है और शिवकुमार की कुछ दस्तावेजों के साथ पूछताछ करनी है। ईडी ने कहा था कि डीके शिवकुमार जांच में सहयोग नहीं करते। उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ करने की जरुरत है।


डीके शिवकुमार के वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने जमानत याचिका दाखिल करते हुए कहा था कि ईडी ने 33-34 घंटे की पूछताछ की है। वे भाग नहीं रहे हैं। जब तक कुछ बड़ा नहीं हो तब तक रिमांड नहीं दिया जा सकता है। सारा केस 2 अगस्त 2017 से इनकम टैक्स जांच के बाद का है। उसके आधार पर 13 जून 2018 को इनकम टैक्स शिकायत की गई। सारे आरोपों के पीछे की कहानी यही है। रिमांड याचिका में भी इनकम टैक्स की बात कही गई है। इसी आरोप के आधार पर मनी लाॅन्ड्रिग का केस बनाया गया है।


सिंघवी ने कहा था कि ईडी कह रही है कि डीके शिवकुमार सच नहीं बता रहे हैं। आखिर सच क्या है। जो अभियुक्त कह रहा है वो कि जो ईडी कह रही है वो। एजेंसी जो चाह रही है अगर कोई अभियुक्त वो बताए तो हर कोई गिरफ्तार होगा। सिंघवी ने कहा था कि डीके शिवकुमार को निम्न रक्तचाप, शुगर और थॉयरॉयड की बीमारी है।


उल्लेखनीय है कि सितंबर 2018 में ईडी ने डीके शिवकुमार और दिल्ली के कर्नाटक भवन के कर्मचारी हनुमंथैया समेत कुछ अन्य लोगों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिग एक्ट के तहत केस दर्ज किया था। यह मामला 2018 में इनकम टैक्स विभाग द्वारा डीके शिवकुमार के खिलाफ बेंगलुरु के ट्रायल कोर्ट में दायर आरोप पत्र के आधार पर दर्ज किया गया था। इसमें करोड़ों की टैक्स चोरी और हवाला लेन-देन का आरोप है।मामले में कर्नाटक हाई कोर्ट ने शिवकुमार की ईडी समन को चुनौती देने वाली याचिका खारिज कर दी थी। इसके बाद वे ईडी के समक्ष पेश हुए थे।


हिन्दुस्थान समाचार


 
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