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वित मंत्री के आर्थिक पैकेज के ऐलान से बाजार में पैसे की तरलता आएगी: कैट

13/05/2020

प्रजेश शंकर

नई दिल्‍ली, 13 मई (हि.स.)। कन्‍फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के आत्मनिर्भर भारत पैकेज के तहत एमएसएमई के लिए  दिए गए राहत पैकेज का स्‍वागत किया है। कैट ने इस पैकेज के ऐलान पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वित्त मंत्री ने बाजार को पैसे की तरलता को भरने का आश्वासन ही नहीं दिया, बल्कि एमएसएमई सेक्टर के लिए मजबूत योजनाओं की घोषणा भी की है। 

कैट ने कहा कि देश की बिगड़ती हुई अर्थव्यवस्था को करोना-19 की महामारी और लॉकडाउन के कारण कोमा में जाने से पहले ही आर्थिक पैकेज का स्ट्राइड इंजेक्शन सरकार ने लगा दिया है। कारोबारियों के संगठन ने कहा कि बुधवार को सीतारमण की घोषणाओं से सुस्‍त पड़ी अर्थव्‍यवस्‍था उठ खड़ी होगी और अर्थव्यवस्था पटरी पर आकर तेजी से दौड़ने लगेगी।

कैट के राष्ट्रीय राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीन खंडेलवाल ने कहा कि वित्त मंत्री सीतारमण ने जो घोषणाओं से यह निश्चित तौर पर लगता है कि इसी तरह से इस श्रृंखला में अब रिटेल व्यापार के लिए आर्थिक पैकेज की घोषणा वित्‍त मंत्री करेंगी। खंडेलवाल ने कहा कि देशभर में 7 करोड़ व्यापारी हैं, जो करीब 40 करोड़ लोगों को रोजगार को देने का काम करते हैं। उन्‍होंने कहा कि पिछले 50 दिनों से जारी लॉकडाउन से सबसे अधिक व्‍यापारी प्रभावित हुए हैं, जो वित्त मंत्री की ओर आशा भरी निगाहों  से देख रहे हैं। 

खंडेलवाल ने कहा की जिस तरीके से अर्थव्यवस्था के सभी स्तंभों को केंद्र सरकार ने प्रोत्साहित करने के साथ वित्तीय सहायता देने की घोषणा की है। इससे बाजारों में पैसे की तरलता बहुत ज्यादा बढ़ जाएगी। उन्‍होंने कहा कि एमएसएमई को 45 दिन के अंदर सारे बिलों का भुगतान करवाना, बैंकों से अतिरिक्त कर्ज बिना किसी गारंटी के उपलब्ध कराना तथा ई-टेंडरिंग 200 करोड़ रुपये तक की स्थानीय लोगों को मिले। यह स्पष्ट रूप से बताता है की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 20 लाख करोड़ रुपये का आर्थिक पैकेज देने का जो ऐलान किया था। उसी के अनुरूप सारे निर्णय हो रहे हैं। 

कैट महामंत्री ने कहा कि बाजार में अलग-अलग नाम से पैसों की तरलता लाने की जो बात वित्‍त मंत्री ने कही है, यह अपने आप में एक क्रांतिकारी कदम है। उन्होने कहा कि एनबीएफसी, हाउसिंग फाइनेंस और माइक्रो फाइनेंस कंपनी को कर्ज मुहैया कराने से उनमें आर्थिक रूप से मजबूती आने के साथ उनके जरिए बाजार में पैसा भी आएगा। इसके अलावा टीडीएस की दरें घटाना, प्रोविडेंट फंड में पैसे की कटौती करवाना, सरकार द्वारा रिफंड में पैसे देना, यह सारी घोषणाएं निश्चित रूप से पैसे की तरलता बाजार में लाएगी, जिससे भारत की अर्थव्यवस्था दुनियाभर की मजबूत अर्थव्यवस्था के रूप में उभर कर आएगी। 

इसके अलावा खंडेलवाल ने कहा कि व्यापारियों को ये उम्मीद थी कि जीएसटी की कोई अभय योजना सरकार घोषित करेगी। 1 जुलाई 2017 से जो भी गलतियां या भुगतान की कमी जीएसटी में की गई है, उसका कोई समाधान कारक योजना घोषित होगी। ऐसी कोई योजना घोषित नहीं होने से व्यापारियों ने निराशा का  भाव महसूस किया है। कैट को उम्मीद है की वित्त मंत्री की आने वाली अन्‍य आगामी घोषणाओं में यह अवश्य शामिल होगा। 

हिन्‍दुस्‍थान समाचार



 
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