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चार राज्यों में हथियार सप्लाई करने वाले तस्कर गिरफ्तार

18/02/2020

अश्वनी शर्मा  
नई दिल्ली, 18 फरवरी (हि.स.)। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने दिल्ली, यूपी, हरियाणा, राजस्थान और मध्य प्रदेश में चल रहे अवैध हथियारों की तस्करी का भंडाफोड़ करते हुए दो तस्करों को गिरफ्तार किया है। आरोपितों की पहचान मध्य प्रदेश के ग्वालियर निवासी 35 वर्षीय तुषार भारद्वाज उर्फ पिंटू और भिंड निवासी 46 वर्षीय देवेंद्र सिंह के रूप में हुई है। सेल की टीम ने इनके पास से 22 ऑटोमेटिक .32 बोर की पिस्टल और 10 जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। ये लोग 8 से 12 हजार रुपये प्रति पीस के हिसाब से .32 बोर कैलिबर के हथियार खरीदते थे और एनसीआर में 20-25 हजार रुपये में बेच देते थे। दोनों की जोड़ी ने मप्र, यूपी, राजस्थान, हरियाणा और दिल्ली के अपराधियों को 550 से अधिक हथियारों की सप्लाई दी है।

स्पेशल सेल के डीसीपी प्रमोद कुशवाहा के अनुसार, दिल्ली एनसीआर के गैंग, गैंगस्टर्स को ऑन डिमांड ऑटोमेटिक हथियारों की सप्लाई के नेटवर्क की जानकारी थी। यह भी पता चला कि मध्य प्रदेश और बिहार से अवैध हथियार तस्करों के जरिए सप्लाई दी जा रही है। टीम इस दिशा में काम कर रही थी। ऐसे में दोनों आरोपितों के बारे में जानकारी मिली। एसीपी ललित मोहन नेगी और हृदयभूषण के सुपरविजन में इंस्पेक्टर रविन्द्र कुमार त्यागी, एसआई विकास दीप त्यागी, राजकुमार, उमेश, एएसआई नरेंद्र, सत्येंद्र कुमार, हेड कॉन्स्टेबल सत्यदेव, कांस्टेबल ललित, कपित, धरमराज, भूपेंद्र, मोनबीर, कुलदीप, और मुकेश की टीम तैयार  की गई। दोनों को सरायकाले खां आईएसबीटी के पास से मुठभेड़ के बाद पकड़ा। आरोपित तुषार पर पहले से हत्या, डकैती, आर्म्स एक्ट और चोरी के 16 से अधिक केस दर्ज हैं। जबकि आरोपित देवेंदर के ऊपर आर्म्स एक्ट के 3 केस दर्ज है।

पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपित तुषार साल 2004-12 के दौरान भोपाल, ग्वालियर में फैक्ट्रियों, शोरूम में डकैती और चोरी की वारदातों को अंजाम देता रहा। साल 2012 में उसने अपने सहयोगी शिवम के साथ मिलकर मामूली विवाद के बाद ग्वालियर में विनय नाम के व्यक्ति की हत्या कर दी, जिसमें गिरफ्तारी हुई। उसके बाद वह 2016 तक ग्वालियर की सेंट्रल जेल में रहते हुए आरोपित देवेंद्र के संपर्क में आया। देवेंद्र अवैध हथियारों की बड़ी खेप बरामदगी के मामले में बंद था। तुषार ने उसी से हथियारों की तस्करी का अवैध कारोबार सीखा। जेल से रिहा होने के बाद दोनों ने फिर से वही धंधा शुरू कर दिया। ये लोग यूपी, हरियाणा, राजस्थान और दिल्ली के अलग-अलग रिसीवर को हथियार बेच देते थे।

हिन्दुस्थान समाचार


 
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