क्षेत्रीय

11 दिन बाद पूर्व सैन्य अधिकारी सनाउल्लाह डिटेंशन कैंप से रिहा.

08/06/2019

असरार
ग्वालपाड़ा (असम) , 08 जून (हि.स.)। । पूर्व सैन्य अधिकारी सनाउल्लाह मामले में गौहाटी उच्च न्यायालय के न्यायाधीश मनोजित भुइंया  और पीके डेका की बेंच ने शुक्रवार को सुनवाई के बाद सनाउल्लाह को जमानत दे  दी । 11 दिन बाद डिटेंशन कैंप में रहने के बाद शनिवार को पूर्व सैन्य अधिकारी सनाउल्लाह को डिटेंशन कैंप से अमिनगांव थाना लाया गया जहां पर कानूनी प्रक्रिया करने के बाद सनाउल्लाह को परिवार वाले को सौंप दिया गया।
उल्लेखनीय है कि पूर्व सैन्य अधिकारी और असम पुलिस की  सीमा शाखा के एएसआई मोहम्मद सनाउल्लाह को  विदेशी न्यायाधिकरण  द्वारा बांग्लादेशी नागरिक घोषित किए जाने के बाद से ही उन्हें ग्वालपाड़ा के डिटेंशन कैंप में रखा गया था। सीमा शाखा के पुलिस अधिकारी चंद्रमल दास ने 23 मई, 2008 को सनाउल्लाह का बयान कलमबंद किया था।
उल्लेखनीय है कि 28 मई को विदेशी न्यायाधिकरण द्वारा बांग्लादेशी नागरिक घोषित किए जाने के बाद पुलिस ने पूर्व सैन्य अधिकारी मोहम्मद सनाउल्लाह को कामरूप जिले के बोको थाना क्षेत्र से हिरासत में लेकर ग्वालपाड़ा स्थित डिटेंशन कैंप में भेज दिया था। सनाउल्लाह सेना में कैप्टन के पद पर कार्य कर चुके हैं। सन 2017 में कैप्टन के पद पर रहते हुए  उन्होंने आनरेरी रिटायरमेंट लिया था। सेना में रहते हुए उन्हें साहसी कार्य के लिए राष्ट्रपति पुरस्कार से भी नवाजा गया था। पूर्व सैन्य अधिकारी मोहम्मद सनाउल्लाह वर्तमान में सीमा पुलिस में एएसआई पद पर कार्यरत हैं। वर्ष 2008 से फॉरेन ट्रिब्यूनल में मोहम्मद सनाउल्लाह के विरूद्ध मामला चल रहा था।

 हिन्दुस्थान समाचार