राम जन्मभूमि

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श्रीराम जन्मभूमि मन्दिर के निर्विघ्न निर्माण के लिए स्वामी नरेन्द्रानंद ने एकादशमी रूद्राभिषेक किया

05/08/2020

-बोले, मुक्ति के लिए मन की शुद्धता आवश्यक, शुद्ध सात्विक मन ही मुक्ति का कारण 

वाराणसी, 05 अगस्त (हि.स.)। रामनगरी अयोध्या में बुधवार को श्रीराम जन्मभूमि स्थान पर भव्य मंदिर निर्माण के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के हाथों हुए भूमिपूजन पर श्री काशी सुमेरु पीठाधीश्वर जगद्गुरू शंकराचार्य स्वामी नरेन्द्रानन्द सरस्वती ने खुशी जाहिर की है। 

  उन्होंने श्रीराम जन्मभूमि मन्दिर के निर्विघ्न निर्माण के लिए 11 वैदिक विद्वानों के साथ भगवान चन्द्रमौलिश्वर का सविधि एकादशमी रूद्राभिषेक भी किया। पंचकोशी परिक्रमा पथ स्थित ग्राम-देउरा,काशीपुरा में बने श्री आदि शंकराचार्य महासंस्थानम् आश्रम में चातुर्मास साधना के लिए रह रहे स्वामी नरेन्द्रानंद ने श्रीराम जन्मभूमि मन्दिर के निर्विघ्न निर्माण, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पदाधिकारियों को सद्बुद्धि, सामर्थ्य की प्राप्ति, सनातन धर्म की अभिवृद्धि तथा चराचर जगत में सुख, शान्ति, समृद्धि,कोरोना से मुक्ति के लिए रूद्राभिषेक किया। 

 इस मौके पर उन्होंने अपने आर्शिवचन में कहा कि मुक्ति के लिए मन की शुद्धता आवश्यक है। शुद्ध सात्विक मन ही मुक्ति का कारण बन जाता है। इसे शुद्ध करने के लिए सर्वप्रथम आत्म-अनात्म वस्तु का विवेक आवश्यक है, जिससे दोनों में भेद किया जा सके। सनातन धर्मावलम्बियों को उपदेश देते हुए उन्होंने कहा कि अनात्म वस्तु विषयों के प्रति वैराग्य अर्थात आसक्ति का त्याग कर देना चाहिए। जिससे आत्म वस्तु को प्राप्त किया जा सके। इन दोनों के दृढ़ हुए बिना ज्ञान प्राप्त नहीं होता तथा बिना ज्ञान के मुक्ति नहीं होती। मोक्ष प्राप्ति की इच्छा वाले के लिए यह अनिवार्य है।

हिन्दुस्थान समाचार/श्रीधर/राजेश


 
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