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छत्‍तीसगढ़ : मुठभेड़ में पांच नक्सली ढेर, 2 जवान घायल

24/08/2019

सुधीर जैन
-मौके से शव समेत विस्फोटकों का जखीरा बरामद
-गोलीबारी में और भी 4-5 नक्सलियों के मारे जाने के प्रमाण मिले 
जगदलपुर, 24 अगस्त (हि.स.) (अपडेट) । छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले में आज शनिवार की  सुबह पुलिस व नक्सलियों के मध्य हुयी मुठभेड़ में 5 वर्दीधारी नक्सली मारे गए, जिनके शव बरामद कर लिए गए हैं। मारे गए नक्सलियों की शिनाख्त की जा रही है। मौके से पुलिस ने बंदूकें समेत भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्रियां बरामद की हैं। मुठभेड़ में (डिस्‍ट्रिक रि‍जर्व ग्रुप) डीआरजी के दो जवान घायल हो गए हैं। 
बस्तर आईजी विवेकानंद सिन्‍हा ने बताया कि, सूचना मिली थी कि धुरबेड़ा गांव के समीप नक्सलियों ने प्रशिक्षण कैम्प बना रखा है। फौरन ही ओरछा थाने से पुलिस का संयुक्त बल रवाना किया गया, जिसने योजनाबद्ध तरीके से इलाके की घेराबंदी शुरू कर दी। पुलिस की मौजूदगी भांपकर नक्सलियों ने गोलीबारी प्रांरभ कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस बल ने भी अविलंब मोर्चा संभालते हुए फायरिंग की। लगभग एक घंटे की मुठभेड़ बाद अंतत: नक्सलियों के पैर उखड़ गए और नक्सली घने जंगल और पहाड़ी की आड़ लेकर भाग गए। 
उन्होंने बताया कि मौके से 5 वर्दीधारी नक्सलियों का शव बरामद किया गया है, जिनकी शिनाख्त की जा रही है। मुठभेड़ स्थल पर मौजूद परिस्थितिजन्य साक्ष्य, खून के धब्बे एवं घसीटे जाने के निशान से यह साबित होता है कि कम से कम 4 से 5 नक्सली और मारे गए हैं तथा कई लहुलूहान हुए हैं, साथियों के शव नक्सली अपने साथ ले जाने में कामयाब रहे।
घटनास्थल से कार्बाइन, 12 एवं 15 बोर बंदूकें, बैनर, हेंडग्रेनेड, पोस्टर, दवाईयां, गोला-बारूद, डेटोनेटर, बिजली के तार, बैटरी, पिटठू, दैनिक उपयोग की सामग्रियां तथा नक्सली साहित्य का जखीरा बरामद किया गया है।
उन्होंने बताया कि घायल जवानों को नारायणपुर में प्राथमिक उपचार के बाद रायपुर रि‍फर कर दिया गया है। 
आईजी सिन्‍हा के मुताबिक भैरमगढ़ में माओवादियों की नई यूनिट तैयार करने ट्रेनिंग दी जा रही थी। मारे जाने वालों में बड़े हार्डकोर माओवादी शामिल हैं। इस हमले से माओवादियों को बड़ा झटका लगा है। 
उल्लेखनीय है कि जिस इलाके में नक्सलियों का कैम्‍प था उसे नक्सली बेहद सुरक्षित स्थान मानते हैं। शनिवार को हुई मुठभेड़ में नक्सलियों को करारा नुकसान उठाना पड़ा है। माढ़ क्षेत्र बीजापुर और सुकमा जिले के बीच में है और अबूझमाढ़ से बेहद सटा हुआ है। यह क्षेत्र छत्तीसगढ़ का सबसे संवेदनशील माओवाद प्रभावित इलाका माना जाता है। यहां घुसने के लिए पहाड़ों से होते हुए पहुंचना होता है। पुलिस फोर्स ने इसकी प्लानिंग इतनी तगड़ी की थी कि माओवादियों को फोर्स के आने की हवा तक नहीं लगी और फोर्स ने माओवादियों की कमर तोड़ दी।
ह‍िन्‍दुस्‍थान समाचार


 
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