अपराध

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मीट कारोबारी का शव बोरे में मिला.

05/06/2019

मोहित
-परिजनों ने पुलिस पर लापरवाही व पड़ोसी पर लगाया हत्या का आरोप 
-मृतक तीन दिन से था लापता, शिकायत के बाद भी पुलिस ने नहीं की सुनवाई

कानपुर, 05 जून (हि.स.)। जनपद में पुलिस की संवेदनहीनता का मामला एक बार फिर सामने आया है। तीन दिनों से लापता मीट कारोबारी की तलाश के लिए परिजन पुलिस से गुहार लगाते रहे मगर पुलिस थाने से परिजनों को ही भगाती रही। जब बुधवार को कारोबारी का बोरे में भरकर फेंका गया शव बरामद हुआ, इसके बाद पुलिस हरकत में आयी। पुलिस अधीक्षक ने पुलिस बल व फारेंसिक के साथ जांच की और कार्रवाई शुरु कर दी है। 
बर्रा थानाक्षेत्र के बनपुरवा इलाके में बुधवार को बोरे में अधेड़ का शव बरामद होने से हड़कम्प मच गया। मृतक की शिनाख्त गुजैनी इलाके में रहने वाले 45 वर्षीय मीट कारोबारी प्रेम के रूप में हुई। मौके पर पहुंचे मृतक की बेटी पूनम व परिजनों ने बताया कि तीन दिन पूर्व पुलिस से शिकायत करने गये थे, लेकिन उनकी सुनवाई करने के बजाय बर्रा थाने में मौजूद पुलिस कर्मियों ने उन्हें भगा दिया था। पुलिस ने अगर उनकी शिकायत पर कार्रवाई की होती तो पिता जिंदा होते। परिजनों ने हत्या के पीछे पड़ोस में रहने वाले दूसरे मीट कारोबारी से बिक्री को लेकर होने वाला झगड़ा बताया है। बेटी का आरोप है कि पड़ोसी कारोबारी ने ही पिता का कत्ल करके शव फेंका है। तीन दिनों से हत्यारोपित पड़ोसी मीट कारोबारी भी लापता है। 
हत्या की जानकारी पर पुलिस अधीक्षक दक्षिण रवीना त्यागी भी घटना स्थल पर पहुंची। उन्होंने पुलिस टीम व फारेंसिक के साथ घटना से जुड़े साक्ष्य जुटाये और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिये भेज दिया है। एसपी दक्षिण ने बताया कि पीड़ित परिवार ने जिन लोगों के खिलाफ तहरीर दी है, उसकी जांच की जा रही है। जांच व सबूतों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। 

पहले ही चेत जाती पुलिस तो बच सकती थी जान-
मीट कारोबारी की हत्या की घटना को लेकर परिजनों का कहना है कि अगर बर्रा थाना पुलिस ने पहले ही परिजनों की शिकायत का संज्ञान लिया होता तो यह घटना शायद सामने न आती। ऐसे में बड़ा सवाल यह खड़ा होता है कि क्या सही मायने थानों में पीड़ितों की पुलिस सुनवाई करती होगी। 

हिन्दुस्थान समाचार


 
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