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मेरठ : शहीद मेजर को दी अंतिम विदाई, केतन शर्मा अमर रहे के नारे गूंजे

18/06/2019

कुलदीप त्यागी
मेरठ, 18 जून (हि.स.)। कश्मीर के अनंतनाग जिले के अच्छाबल इलाके में आतंकियों से मुठभेड़ में शहीद हुए मेजर केतन शर्मा का पार्थिव शरीर मंगलवार को उनके घर पहुंचा। शहीद मेजर की अंतिम यात्रा में ’केतन शर्मा अमर रहे’ के नारे गूंज उठे। शहीद के पार्थिव शरीर को सूरजकुंड स्थित श्मशान घाट ले जाया गया। अंतिम यात्रा में शामिल मुस्लिम महिलाओं ने पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगाए।

मंगलवार को शहीद मेजर केतन शर्मा का पार्थिव शरीर उनके श्रद्धापुरी फेस 2 स्थित आवास पहुंचा तो शहीद के अंतिम दर्शन के लिए लोगों का तांता लग गया। शहीद मेजर की पत्नी ईरा ने उन्हें सेल्यूट किया। इसके बाद शहीद की अंतिम यात्रा शुरू हुई। शहीद मेजर की अंतिम यात्रा में प्रदेश के राज्य मंत्री सुरेश राणा, विधायक सत्यप्रकाश अग्रवाल, विधायक जितेंद्र सतवाई, डीएम अनिल ढींगरा और एसएसपी नितिन तिवारी समेत शहर के गणमान्य लोग शामिल हुए। 

शहीद मेजर केतन शर्मा को सेना के जवानों ने सलामी दी। अंतिम यात्रा में हजारों लोग शामिल हुए । चारों ओर केतन शर्मा अमर रहे के नारे गूंज रहे थे। अंतिम यात्रा में शामिल मुस्लिम महिलाओं ने पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगाए। अंतिम यात्रा सूरजकुंड स्थित श्मशान घाट पहुंची। जहां पर शहीद मेजर का अंतिम संस्कार किया गया।

अपने परिवार के इकलौते पुत्र थे मेजर
शहीद मेजर केतन शर्मा का परिवार कंकरखेड़ा क्षेत्र की श्रद्धापुरी फेस-2 काॅलोनी में रहता था। वह अपने परिवार में इकलौते पुत्र थे और उनके एक बहन भी है। शहीद मेजर की शादी 2012 में हुई थी। जैसे ही परिवार को मेजर के शहीद होने की खबर लगी तो कोहराम मच गया। शहीद की पत्नी ईरा और पांच साल की एक बच्ची काइरा है। शहीद मेजर के पिता रविंद्र कुमार शर्मा ने बताया कि 20 दिन पहले ही 27 मई को वह अवकाश से वापस अपनी ड्यूटी पर गए थे। 

बेसुध हुई शहीद की मां
शहीद केतन की मां उषा देवी का रो-रोकर बुरा हाल है। वे रोते हुए अफसरों से कह रही थी कि मेरा शेर लौटा दो। अबकी बार ऐसा इंतजाम होना चाहिए कि किसी का लाल शहीद ना हो। बिलखते हुए पिता कह रहे थे कि अब क्या होगा। सेना के अफसर शहीद के परिवार के सदस्यों को सांत्वना देते रहे। लोगों ने भी पाकिस्तान को करारा सबक सिखाने की बात कही।

हिन्दुस्थान समाचार


 
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