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क्रिकेट के महाकुम्भ का आगाज

29/05/2019

विश्वकप
खिताब के लिए 10 टीमें करेंगी जोर आजमाइश



 



सुनील
दुबे



 



इंग्लैंड
की मेजबानी में गुरुवार से क्रिकेट का महाकुम्भ आईसीसी विश्वकप शुरू हो रहा है। इस
विश्वकप में 10 टीमें हिस्सा ले रही हैं।
 टूर्नामेंट
का पहला मुकाबला कल गुरुवार को इंग्लैंड और दक्षिण अफ्रीका के बीच खेला जाएगा।
विश्वकप के लिए सभी टीमों और कप्तानों ने कमर कस ली है।



इतिहास रचने को तैयार
भारतीय टीम



इस
विश्वकप के लिए भारतीय टीम ने भी अपनी तैयारियां पूरी कर ली है। हालांकि विश्वकप
से पहले खेले गए दो अभ्यास मैचों में भारतीय टीम को न्यूजीलैंड के खिलाफ छह विकेट
से हार और बांग्लादेश के खिलाफ
95 रनों से जीत मिली थी। भारतीय टीम की कमान विराट कोहली
के हाथों में है। कोहली विश्वकप में पहली बार कप्तानी कर रहे हैं। टीम इंडिया
विश्व विजेता बनने की प्रबल दावेदार है। विराट ने टीम इंडिया के लिए 77 टेस्ट
227
एकदिनी और 67 टी-20 मैच खेले हैं। टेस्ट में विराट के नाम 6613 और एकदिनी में
10843 रन दर्ज हैं। इस विश्वकप में कोहली के लिए सबसे अच्छी बात यह कि उनकी सहायता
के लिए महेन्द्र सिंह धोनी भी टीम में मौजूद हैं
, जिन्होंने
वर्ष 2011 में भारत को विश्व विजेता बनाया था।



भारत
की 15 सदस्यीय टीम इस प्रकार है
-



विराट
कोहली (कप्तान)
जसप्रीत बुमराहयुजवेंद्र
चहल
शिखर धवनएमएस धोनी (विकेटकीपर)रवींद्र
जडेजा
केदार जाधवदिनेश कार्तिक (विकेटकीपर)भुवनेश्वर
कुमार
हार्दिक पांड्या, केएल
राहुल
मोहम्मद शमीविजय
शंकर
रोहित शर्मा और कुलदीप यादव।



विश्वकप की प्रबल दावेदार है इंग्लैंड



मेजबान
इंग्लैंड को विश्वकप का प्रबल दावेदार बताया जा रहा है।
 विश्वकप
2015 में लचर प्रदर्शन के बाद इंग्लैंड के रवैये में आमूलचूल बदलाव आया है। टीम तब
क्वार्टर फाइनल में भी जगह नहीं बना पाई थी। इंग्लैंड ने हालांकि इसके बाद आक्रामक
क्रिकेट खेलना शुरू किया और विशेष रूप से इस प्रारूप को देखते हुए मैच विजेता
तैयार किए। टीम को इसके शानदार नतीजे भी मिले। इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा
सकता है कि इंग्लैंड की एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय टीम इससे पहले कभी विश्वकप में
इतने बड़े दावेदार के रूप में नहीं उभरी। इंग्लैंड आईसीसी एकदिनी रैंकिंग में
शीर्ष पर चल रही है।



भारत
के पास अगर शिखर धवन
रोहित शर्मा और विराट कोहली के रूप में शीर्ष तीन पर
शानदार बल्लेबाज हैं तो इंग्लैंड के पास जेसन रॉय
जॉनी
बेयरस्टो
जो रूटजोस बटलरबेन स्टोक्स और कप्तान मोर्गन के रूप में संभवत:
सर्वश्रेष्ठ शीर्ष छह बल्लेबाज हैं
, जो अपने दम पर खेल का रुख बदलने में सक्षम हैं।



वेस्टइंडीज
को हल्के में लेना पड़ सकता है भारी



दो बार
की विश्व विजेता वेस्टइंडीज की टीम भले ही इस विश्वकप को जीतने की दावेदार नहीं है
 लेकिन
विंडीज के पास ऐसे खिलाड़ी हैं
, जो दूसरी टीमों का खेल बिगाड़ सकते हैं। विंडीज के
पास ऑलराउंडर खिलाड़ियों की फौज है
जो किसी भी टीम को मुश्किल में डालने का माद्दा रखती
है। विंडीज के खिलाड़ी अगर लय में हुए तो वह 2016 में टी-20 विश्वकप जीतने जैसा
कारनामा दोहरा सकते हैं। वेस्टइंडीज के पास क्रिस गेल जैसा विस्फोटक बल्लेबाज है
, जो कभी
भी मैच का रुख बदल सकता है। इसके अलावा
, शाई होप, ईविन लुइसडेरेन ब्रावो, आंद्रे
रसल और कप्तान जेसन होल्डर जैसे हरफनमौला खिलाड़ी कभी भी किसी भी टीम को घुटने
टेकने पर मजबूर कर सकते हैं।



आंकड़ों
में मजबूत ऑस्ट्रेलियाई टीम



विश्वकप
की बात हो और ऑस्‍ट्रेलिया का नाम न लिया जाए, यह हो ही नहीं सकता। टीम ऑस्ट्रेलिया
कभी भी किसी को हराने का माद्दा रखती है। इसकी वजह उसका पांच बार विश्‍वकप खिताब
जीतना है। ऑस्‍ट्रेलिया ने पहली बार
1987 में विश्‍वकप खिताब जीता था। इसके बाद उसने अपना
दूसरा खिताब
1999 में पाकिस्‍तान को हराकर जीता था। इसके बाद 2003 और 2007 में
ऑस्‍ट्रेलिया ने इस खिताब पर कब्‍जा जमाया। यह वह समय था जब क्रिकेट की दुनिया में
ऑस्‍ट्रेलियाई खिलाड़ियों की तूती बोलती थी। इसके अलावा
2015 में
हुए विश्‍वकप में भी ऑस्‍ट्रेलिया ने न्‍यूजीलैंड को हराकर खिताब अपने नाम किया
था।



किसी
से कम नहीं पाकिस्तान के गेंदबाज



पाकिस्तान
क्रिकेट टीम की बात करें तो सबसे पहले उनकी धारदार गेंदबाजी ही ध्यान में आती है।
गेंदबाजी हमेशा ही पाकिस्तान की सबसे बड़ी ताकत रही है। इस बार मो. आमिर और वहाब
रियाज के विश्वकप टीम में चुने जाने से पाकिस्तान और मजबूत स्थिति में है। इन दोनों
खिलाड़ियों को पाकिस्तान की विश्वकप टीम में बाद में शामिल किया गया था। हालांकि
टीम के बल्लेबाजों का फॉर्म विश्वकप से पहले चिंता का विषय था
 वैसे इंग्लैंड के खिलाफ एकदिनी श्रृंखला के दौरान टीम के बल्लेबाज फॉर्म में दिखे।



न्यूजीलैंड की टीम उलटफेर की जादूगर



हमेशा
से ही विश्वकप में न्यूजीलैंड की टीम को छुपा-रुस्तम कहा जाता रहा है। इस टीम की
खासियत रही है कि विश्वकप जैसे बड़े टूर्नामेंट में हमेशा से ही अच्छा प्रदर्शन
रहा है। विश्वकप 2019 से पहले अभ्यास मैच में इस टीम ने भारत को छह विकेट से
शिकस्त देकर अपना इरादा जता दिया है। न्यूजीलैंड के कप्तान केन विलियमसन बेहतरीन
फॉर्म में हैं। हालांकि
 यह टीम अब तक विश्व चैंपियन नहीं बन पाई है। इस टीम
ने 1975
, 1979, 1992, 1999, 2007 और 2011 में खेले गए विश्वकप में सेमीफाइनल तक
का सफर तय किया है।



चोकर्स
का तमगा हटाना चाहेगी दक्षिण अफ्रीकी टीम



आईसीसी
विश्वकप में जब भी दक्षिण अफ्रीका के नाम का जिक्र होता है तो एक संज्ञा इस टीम के
साथ जुड़ जाती है। यह संज्ञा है
 'चोकर्सका। इस टीम को विश्वकप के पिछले महत्वपूर्ण मैचों में
हैरतअंगेज तरीके से हार का सामना करना पड़ा है। इस बार इंग्लैंड एंड वेल्स में
विश्वकप हो रहा है। फाफ डु प्लेसिस की टीम के लिए अपने ऊपर से चोकर्स का
तमगा हटाने बेहद जरूरी बन गया है। यह तमगा सिर्फ विश्व विजेता बनकर ही हट सकता है।
हमेशा की तरह इस विश्वकप में भी दक्षिण अफ्रीका कागजों पर मजबूत टीम है
, जो वो
पहले भी रही है। उसकी कोशिश इस बार मैदान पर दम दिखा ट्रॉफी जीतने की
होगी। इस टीम की खासियत इसकी पेस बैट्री है जिसमें युवा कागिसो रबाडा
लुंगी
नगिदी और डेल स्टेन के नाम हैं। विश्व क्रिकेट में इन तीनों के खौफ से हर
कोई वाकिफ है। इंग्लैंड की परिस्थिति में यह तीनों और खतरनाक हो जाएंगे। इन
तीनों के अलावा दक्षिण अफ्रीका के पास स्पिन में इमरान ताहिर और तबरेज शम्सी हैं।
बल्लेबाजी में टीम के पास डु प्लेसिस
क्विंटन डी कॉक जैसे नाम हैं 



सेमीफाइनल
तक पहुंचने का दम रखती है बांग्लादेशी टीम



युवा
और अनुभवी खिलाड़ियों से सजी बांग्लादेश की टीम वर्ल्डकप की दावेदार तो नहीं है
पर वह
सेमीफाइनल तक पहुंचने का दम रखती है। आईसीसी से टेस्ट दर्जा प्राप्त कोई भी ऐसी
टीम नहीं है
, जिसे बांग्लादेश ने शिकस्त न दी हो। भारतन्यूजीलैंड
और पाकिस्तान जैसे देशों को उसने वनडे सीरीज में धूल चटाई है। यह टीम तीन बार
एशिया कप के फाइनल में पहुंची। 2007 के वर्ल्ड कप में बांग्लादेश के हाथों हार ही
टीम इंडिया के बाहर होने की सबसे बड़ी वजह बनी थी।



चमत्कार
के भरोसे है श्रीलंका



कप्तानी
के संकट के अलावा टीम में गुटबाजी
खराब प्रदर्शन और प्रशासनिक अनियमितता से जूझ रही
श्रीलंकाई क्रिकेट टीम पहली बार विश्वकप में मजबूत टीमों में शुमार नहीं की जा रही
उसे अपना दमखम दिखाने के लिए किसी चमत्कार की जरूरत होगी। विश्वकप में हमेशा
अच्छा प्रदर्शन करने वाली श्रीलंका ने एक बार खिताब जीता और दो बार उपविजेता रही। एक
बार श्रीलंकाई टीम सेमीफाइनल में पहुंची। इस बार वह सबसे कमजोर टीमों में से है।



अफगानिस्तान
को हल्के में लेना ठीक नहीं



विश्वकप
में 2015 में पदार्पण के बाद से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में बड़ी छलांग लगाने वाली
टीम अफगानिस्तान विश्वकप में अगर एक-दो बड़ी टीमों को पछाड़ने में सफल रही
तो
किसी को आश्चर्य नहीं होगा। विश्वकप में सभी टीम को एक-दूसरे से भिड़ना है। ऐसे
में कोई भी टीम उसे हल्के में नहीं लेना चाहेगी। 2015 में अफगानिस्तान सिर्फ एक
मैच में जीत दर्ज कर सका था।
हालांकि उस समय राशिद खान जैसे मैच विजेता टीम में नहीं
थे। टीम के पास अब अनुभव है। आईसीसी विश्वकप क्वालिफायर में उसने वेस्टइंडीज को
फाइनल सहित दो बार हराया था।



(लेखक हिन्दुस्थान
समाचार के खेल संवाददाता हैं
।)


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