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भारतीय महिला प्रिंटमेकर्स की कलाकृतियां अब पोलैंड में

08/06/2019

सुभाषिनी 
नई दिल्ली, 08 जून (हि.स.)। ललित कला अकादमी के अध्यक्ष उत्तम पचारणे ने शनिवार को कहा कि अकादमी समकालीन भारतीय महिला प्रिंटमेकर्स पर 'स्त्री-विजन' नामक प्रदर्शनी का पोलैंड में आयोजन करने जा रही है। यह प्रदर्शनी ललित कला यूजीनियस गेप्पर्ट अकादमी ऑफ आर्ट एंड डिज़ाइन, रॉक्लो, पॉलेंड के साथ मिलकर आयोजन कर रही है।
पचारणे ने कहा कि प्रदर्शनी का उद्घाटन रॉक्लॉ के राष्ट्रपति जेसेक सतरिक 12 जून को करेंगे। सबसे पुरानी और सर्वाधिक देखी जाने वाली यह गैलरी गेप्पर्ट अकादमी की सबसे सुन्दर जगह है।
51 महिला प्रिंटर्स की कलाकृतियां होंगी प्रदर्शित


प्रदर्शनी में पूरे भारत से 51 महिला प्रिंटमेकर्स की कलाकृतियां प्रदर्शित की जाएंगी। अनीता दास चक्रवर्ती, अनु गुप्ता, अनुपम सूद, अस्मा मेनन, अवनी बंसल, डिम्पल बी. शाह, डिम्पल चंदत, दिव्या चतुर्वेदी, दुर्गा कैन्थोला, गौरी वेमुला, हेम ज्योतिका, हेमावती गुहा, जिन सुक शिन्दे, ज्योति देवघरे, कंचन चंदर, काईका शाह, किन्नारी तोन्दलेकर, क्षितीज वाजपेयी, लज्जा शाह, लीना घोष, मेघा सतपालकर, नैना दलाल, नंदिनी पन्तवानी, नेहा जायसवाल, पौलॉ सेन गुप्ता, पियाली पॉल, प्रेया भगत, प्रियंका बतरा, पुष्पा दुल्लर, रजनी साहनी, रीनी धूमल, सतविंदर कौर, सीमा गोन्दानी, सीमा कोहली, शालिनी, श्रद्धा तिवारी, सोघरा खुसरानी, सोनल वार्ष्णेय, स्तुति सोनकर, सुचेता घाटगे, सुषमा यादव, तंद्र भद्रा, तनूजा राणे, तेजस्विनी सोनावानी, उर्मिला वी.जी, विशाखा आप्टे की कृतियां प्रदर्शनी में शामिल हैं।
ललित कला अकादमी के अध्यक्ष डॉ. उत्तम पाचारणे ने कहा कि ललित कला अकादेमी यूजीनियस गेप्पर्ट अकादमी ऑफ आर्ट एंड डिज़ाइन, रॉक्लो की आभारी है कि उन्होंने अपने विश्वविद्यालय में 51 भारतीय महिला छापाकारों की प्रदर्शनी ‘स्त्री-विज़न’ के आयोजन का अवसर प्रदान किया। यह केवल एक आयोजन ही नहीं है बल्कि दोनों देशों के मध्य साहचर्य का द्वार है।
भारत और पौलेंड के मध्य मजबूत और गहरे संबंध है।

उन्होंने कहा कि दोनों देशों के मध्य सांस्कृतिक सहयोग के पहले समझौते पर वर्ष 1957 में हस्ताक्षर किए गए थे और अब यह मित्रता 61वें वर्ष में प्रवेश कर रही है तो इससे अधिक उपयुक्त और कोई आयोजन नहीं हो सकता। अकादमी के अपने संग्रह में भी कई पॉलिश कलाकारों की कलाकृतियां है। यह प्रदर्शनी भारत और पौलेंड की मित्रता और कला जगत के लिए ऐतिहासिक है। इस प्रदर्शनी के लिए कृतियों को विशेष तौर से चुना गया है।
हिन्दुस्थान समाचार


 
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