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युवाओं को समर्पित योगी का बजट

07/03/2020

युवाओं को समर्पित योगी का बजट

पीएन द्विवेदी

प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने 18 फरवरी को विधानसभा में योगी सरकार का चौथा बजट पेश किया। पांच लाख 12 हजार 860 करोड़ 72 लाख रुपये का यह बजट कई मामलों में ऐतिहासिक है। बजट में 10 हजार 967 करोड़ 87 लाख की नई योजनाएं शामिल की गई हैं। प्रदेश के इतिहास में यह अब तक का सबसे बड़ा बजट है। बजट में किसी भी प्रकार का नया टैक्स नहीं लगाया गया है। इस बजट की कुल प्राप्तियां 5,00,558.53 करोड़ रुपये अनुमानित है, जिनमें से 4,22,567.83 करोड़ की राजस्व प्राप्तियां और 77,990.70 करोड़ की पूंजीगत प्राप्तियां सम्मिलित हैं। राजस्व प्राप्तियों में कर राजस्व का अंश 3,18,884.17 करोड़ रुपये है। कुल व्यय में 3,95,116.95 करोड़ रुपये राजस्व लेखे का है तथा 1,17,743.77 करोड़ रुपये पूंजी लेखे का व्यय है। समस्त लेन-देन का शुद्ध परिणाम 3,802.19 करोड़ रुपये ऋणात्मक अनुमानित है। वहीं राजकोषीय घाटा 53,195.46 करोड़ रुपये अनुमानित है, जो वर्ष के लिए अनुमानित सकल राज्य घरेलू उत्पाद का 2.97 प्रतिशत है। राज्य की ऋणग्रस्तता सकल राज्य घरेलू उत्पाद का 28.8 प्रतिशत अनुमानित है।

योगी सरकार के चौथे बजट में युवाओं पर खास फोकस किया गया है। सरकार उनके लिए नौकरी से लेकर स्वरोजगार संबंधी दो महत्वपूर्ण योजनाएं लेकर आई है। युवाओं के लिए उच्च शिक्षा को भी इस बजट में खास तवज्जो दी गई है।

सरकार ने किसान, आधारभूत संरचना और महिला सशक्तिकरण के बाद अब नौजवानों को अपने बजट का केंद्र बिन्दु बनाया है। प्रदेश के युवाओं को उद्योगों व एमएसएमई इकाइयों में आॅन-जॉब ट्रेनिंग देने के लिए उन्हें निश्चित अवधि के रोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री शिक्षुता प्रोत्साहन योजना शुरू की जाएगी। इस योजना के तहत युवाओं को उद्योगों में प्रशिक्षण के साथ-साथ उन्हें 2500 रुपये मासिक भत्ता भी प्रदान किया जाएगा। 18 फरवरी को पेश योगी सरकार के चौथे बजट में इस योजना के लिए 100 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। दूसरी योजना युवा उद्यमिता विकास अभियान है। इसके तहत प्रशिक्षित युवाओं को रोजगार से स्वावलंबन की ओर बढ़ाने के लिए प्रदेश के प्रत्येक जिले में ‘‘युवा हब’’ की स्थापना की जाएगी। विभिन्न स्वत: रोजगार योजनाओं में राज्य के पास करीब 1200 करोड़ रुपये उपलब्ध हैं, जिससे एक लाख से अधिक युवाओं को स्वावलम्बन की ओर ले जाने की सरकार की योजना है। प्रदेश के हर जिले में युवा हब की स्थापना के लिए बजट में 50 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।

वित्तीय वर्ष 2020-21 का बजट उत्तर प्रदेश के समग्र विकास के लिए है। हमारा पहला बजट किसान पर आधारित था, दूसरा अवस्थापना और औद्योगिक विकास पर। इसके बाद तीसरा बजट महिला सशक्तिकरण के लिये था। अब यह चौथा बजट युवाओं को समर्पित है। इस बजट में समाज के हर वर्ग का ध्यान रखा गया है। प्रदेश के इतिहास में अब तक के सबसे बड़े इस बजट में वित्तीय अनुशासन का पालन किया गया है।  – योगी आदित्यनाथ, मुख्यमंत्री

योगी सरकार का यह बजट बेहद निराशाजनक है। सरकार आंकड़ों में हेरफेर कर जनता को गुमराह कर रही है। सरकार को अपनी उपलब्धियां बतानी चाहिए थीं। पूर्वांचल एक्सप्रेस वे हमारी सरकार ने शुरू किया था। अब भाजपा सरकार इसे अपनी उपलब्धि बता रही है। -अखिलेश यादव, सपा मुखिया

बजट जनता की आशाओं, आकांक्षाओं व अपेक्षाओं के साथ छलावा है। सरकार के वादे और दावे पूरी तरह से खोखले हैं। इस बजट से यहां की 22 करोड़ जनता का हित और कल्याण संभव नहीं है। -मायावती, बसपा सुप्रीमो

सात नये विश्वविद्यालय

योगी सरकार ने उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश में सात नये विश्वविद्यालय खोलने का निर्णय लिया है। इनमें राजधानी लखनऊ में पुलिस फोरेंसिक यूनीवर्सिटी, प्रयागराज में लॉ विश्वविद्यालय, गोरखपुर में आयुष विश्वविद्यालय और सहारनपुर, आजमगढ़ एवं अलीगढ़ में तीन नये राज्य विश्वविद्यालय शामिल हैं। इसके अलावा राजधानी में ही पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजयेयी के नाम पर चिकित्सा विश्वविद्यालय की स्थापना भी प्रस्तावित है। इसके अलावा सरकार ने प्रदेश के सभी 18 मंडलों में अटल आवासीय विद्यालयों की स्थापना के लिए बजट में 270 करोड़ रुपये की व्यवस्था की है। उच्च शिक्षा में आधारभूत सुविधाओं के विकास के लिए 111 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। वहीं प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्तर पर स्कूली शिक्षा के उन्नयन हेतु समग्र शिक्षा अभियान के लिए 18 हजार 363 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।

सांस्कृतिक राष्ट्रवाद को धार

योगी सरकार ने सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के एजेंडे को धार देने के लिए इस बजट में पर्यटन, संस्कृति और धर्मार्थ कार्यों हेतु अलग से व्यवस्था की है। राम नगरी अयोध्या को स्मार्ट सिटी के तौर पर विकसित करने के उद्देश्य से 85 करोड़ की व्यवस्था की गई है। तुलसी स्मारक भवन के लिए 10 करोड़ अलग से प्रस्तावित है। वाराणसी में सांस्कृतिक केंद्र की स्थापना के लिए 180 करोड़ की व्यवस्था की गई है। प्रदेश की पर्यटन इकाइयों को प्रोत्साहित करने के लिए 50 करोड़ प्रस्तावित है। काशी विश्वनाथ मंदिर के विस्तारीकरण के लिए 200 करोड़, काशी हिन्दू विश्वविद्यालय में वैदिक विज्ञान केंद्र की स्थापना को 18 करोड़ और गोरखपुर के रामगढ़ ताल में वाटर स्पोर्ट्स के लिए 25 करोड़ रुपये दिए गये हैं। इसके अलावा महत्वपूर्ण पर्यटन स्थलों पर हेलीपोर्ट का निर्माण और 46 अन्य पर्यटन विकास योजनाओं का क्रियांन्वयन प्रस्तावित है।

महिला कल्याण पर बल

इस बजट में महिलाओं की भी फिक्र की गई है। इसमें सभी धर्मों की परित्यक्त महिलाओं के लिए पेंशन की व्यवस्था है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हिन्दू परित्यक्ताओं और तीन तलाक पीड़िता मुस्लिम महिलाओं को सालाना छह हजार रुपये पेंशन देने की घोषणा की थी। बजट में उनकी इस घोषणा को अमली जामा पहनाया गया है। निराश्रित महिला पेंशन योजना के अंतर्गत एक हजार 432 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के लिए एक हजार 200 करोड़ रुपये आवंटित किये गये हैं। योगी सरकार बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना के तहत 100 टॉपर छात्राओं को खास तोहफा देगी। अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति की टॉपर छात्राओं को लैपटॉप मिलेंगे।

एक्सप्रेसवे व मेट्रो पर जोर

बजट में पूर्वांचल एक्सप्रेस वे के अलावा मेरठ से प्रयागराज तक 637 किमी लम्बे गंगा एक्सप्रेस वे के लिए दो हजार करोड़ की व्यवस्था की गई है। योगी सरकार ने राजधानी लखनऊ, गाजियाबाद और नोएडा के बाद प्रदेश के अन्य बड़े नगरों में भी मेट्रो रेल संचालित करने की योजना बनाई है। इसके तहत कानपुर और आगरा मेट्रो रेल परियोजनाओं के लिए क्रमश: 358 और 286 करोड़ रुपये आवंटित किया गया है। गोरखपुर और अन्य शहरों में भी मेट्रो रेल हेतु प्रस्ताव तैयार किये जा रहे हैं। इसके लिये भी 200 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। इसके अलावा बजट में एयर कनेक्टिविटी पर भी जोर दिया गया है। गौतमबुद्ध नगर के जेवर में बन रहे इंटरनेशनल ग्रीनफिल्ड एयरपोर्ट के लिए 2000 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। साथ ही अयोध्या में हवाई अड्डे के निर्माण हेतु 500 करोड़ और रीजनल कनेक्टिविटी स्कीम के लिये 92 करोड़ 50 लाख की व्यवस्था प्रस्तावित है।

सुरक्षा को विशेष तवज्जो

सुरक्षा और कानून व्यवस्था में सुधार को लेकर बजट में पर्याप्त धन आवंटित किये गये हैं। पुलिस विभाग के अनावासीय भवनों के निर्माण हेतु 650 करोड़ तथा आवासीय भवनों के लिए 600 करोड़ की व्यवस्था की गई है। साथ ही नवसृजित जनपदों में भवनों के निर्माण के लिए 300 करोड़ आवंटित किये गये हैं। अग्निशमन केंद्र के आवासीय तथा अनावासीय भवनों के निर्माण हेतु 150 करोड़ दिये गये हैं। इसके अलावा पुलिस बल आधुनिकीकरएण योजना के लिये 122 करोड़, सेफ सिटी लखनऊ योजना के लिये 97 करोड़, यूपी पुलिस फॉरेंसिक यूनिवर्सिटी के लिये 20 करोड़, विधि विज्ञान प्रयोगशालाओं के निर्माण के लिए 60 करोड़, ड्यूटी के दौरान शहीद या घायल हुए पुलिस एवं अग्निशमन सेवा के कर्मियों के परिवारों को अनुग्रह भुगतान के लिये 27 करोड़, अग्निशमन सेवाओं के सुदृढ़ीकरण के लिये 10 करोड़ और अग्निशमन केंद्रों पर सोलर पॉवर प्लांट्स की स्थापना को 20 करोड़, स्टूडेंट पुलिस कैडेट योजना हेतु 16 करोड़ और साइबर क्राइम प्रीवेंशन अगेंस्ट वीमेन एंड चिल्ड्रेन के लिए तीन करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।


 
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