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नए परिवहन कानून के विरोध में उत्तराखंड में निजी वाहनों का रहा चक्का जाम

11/09/2019

-दूध ,ब्रेड, स्कूलों के साथ एम्बुलेंस वाहनों को दी गई थी छूट, महासंघ ने किया था ऐलान
-स्थानीय नागरिकों के साथ पहाड़ों में जाने वाले यात्री रहे परेशान, रोडवेज बसों से रही राहत

विक्रम सिंह
ऋषिकेश,11 सितम्बर (हि.स.) उत्तराखंड परिवहन महासंघ के आह्वान पर केंद्र सरकार के लागू किये गये नए कानून के विरोध में सरकारी वाहनों को छोड़कर सभी निजी वाहन चालकों ने बुधवार को एक दिवसीय अपने वाहनों का चक्का जाम रखा। इसके कारण संपूर्ण उत्तराखंड में कोई भी निजी वाहन नहीं चला जिससे पर्वतीय क्षेत्रों में जाने वाले यात्रियों को जहां परेशानियों का सामना करना पड़ा। वहीं विक्रम ऑटो जीप, कार चालकों के भी सड़क पर न उतरने से स्थानीय नागरिकों को भी काफी दिक्कतों से जूझना पड़ा। 

 परिवहन महासंघ ने केंद्र सरकार के लागू किए गए नए परिवहन कानून को उत्तराखंड में अव्यवहारिक बताया। महासंघ के आयोजित चक्का जाम का प्रभाव ऋषिकेश ,रानीपोखरी, मुनी की रेती, हरिद्वार ,रुड़की आदि क्षेत्रों में पूरी तरह सफल रहा। यह चक्का जाम स्वैच्छिक रूप से एकदिवसीय था । केंद्र सरकार के विरोध में आयोजित चक्काजाम को सफल बनाने के लिए महासंघ से जुड़े तमाम पदाधिकारी सुबह से ही सड़कों पर जमे थे। जिसके चलते महासंघ से जुड़ी कोई भी बस, ट्रक और छोटे वाहन  पर्वतीय क्षेत्र के लिए रवाना नहीं हुए । यहां तक कि विक्रम ,टेंपो ,कार, मैक्स भी सड़क पर नहीं उतरी। इससे पर्वतीय क्षेत्रों में जाने वाले यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। रोडवेज बसों के आवगमन से यात्रियों को कुछ राहत जरूर थी।

निजी वाहनों के इस चक्का जाम का ऐलान महासंघ के अध्यक्ष सुधीर राय व विक्रम महासंघ के अध्यक्ष महंत विनय सारस्वत ने राज्य के प्रमुख सचिव से वार्ता विफल होने पर किया गया था। उनका कहना था कि उत्तराखंड राज्य में नया कानून पूरी तरह अव्यवहारिक है। यह पर्वतीय क्षेत्र में रहने वाले लोगों को सुविधा देने की बजाय असुविधा देने वाला है। क्योंकि राज्य में आल वेदर रोड तथा ऋषिकेश करणप्रयाग रोड का काम चल रहा है। जिसके कारण यहां की सड़कें भी इस लायक नहीं है कि वह आम लोगों को राहत दे सकें। उन्होंने कहा कि जाम के दौरान दूध ,ब्रेड ,स्कूलों के वाहनों को पूरी तरह छूट दी गई थी ।

विनय सारस्वत ने कहा कि उनका यह जाम अभी सांकेतिक है। यदि सरकार ने उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया तो महासंघ अब पूरे उत्तराखंड में बड़े पैमाने पर चक्का जाम करेगा । चक्का जाम की सफलता को लेकर विक्रम टेंपो महासंघ के अध्यक्ष विनय सारस्वत गढ़वाल टेंपो यूनियन के उपाध्यक्ष वीरेंद्र सजवाण, परिवहन महासंघ के अध्यक्ष सुधीर राय, त्रिलोक सिंह भंडारी, लक्ष्मण झूला विक्रम यूनियन, राम झूले के अध्यक्ष फेरु जगवानी, हरिद्वार विक्रम यूनियन के अध्यक्ष आदेश पंडित ,भगवान सिंह राणा सुबह से ही सड़कों पर जमे थे । 

हिन्दुस्थान समाचार 
  


 
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