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जायरा वसीम का बॉलीवुड से दूर जाना डर या मर्जी!

01/07/2019

योगेश कुमार सोनी 
'दंगल गर्ल' के नाम से मशहूर जायरा वसीम ने अचानक बॉलीवुड को बॉय-बॉय कर फिल्मी दुनिया में हलचल पैदा कर दी। उनका कहना है कि 5 साल पहले उनके बॉलीवुड में कदम रखने के फैसले ने किस तरह उनकी लाइफ को बदल दिया है। उनको जो भी पहचान मिली है वो उससे बहुत खुश हैं। फिल्म इंडस्ट्री से जुड़ने के बाद उन्हें लोगों का काफी प्यार और सपोर्ट मिला है। लेकिन जायरा का तर्क है कि एक्ट्रेस बनने की वजह से वह इस्लाम धर्म से दूर होती जा रही हैं। इसलिए अब बॉलीवुड को अलविदा कह रही हैं। लेकिन उनके इतना कहने भर से संन्यास लेने में कुछ गड़बड़ी की बू आ रही है। ऐसा इसलिए कि जनवरी 2017 में कुछ कट्टरपंथियों से जायरा वसीम को धमकी मिली थी। जायरा उस समय जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती से भी इस सिलसिले में मिली थीं। अलगाववादी लगातार उनके पीछे इसलिए पड़े थे, क्योंकि वो कश्मीर की रहने वाली हैं। लेकिन क्या दोबारा जायरा वसीम पर या उनके परिवार को किसी आतंकी संगठन या कट्टरपंथियों का डर है? शायद उनको फिर से धमकी मिली हो? इसलिए उन्होंने यह निर्णय लिया हो। बॉलीवुड में पैर जमाने के लिए कितना संघर्ष करना पड़ता है, यह सब भलीभांति जानते हैं। बॉलीवुड के दिग्गज कलाकार आमिर खान ने जायरा को बॉलीवुड में लॉन्च किया था। देश में ही नहीं विदेशों तक में 'दंगल' फिल्म ने सुर्खियां बटोरी थी। इतने कम समय में हर किसी को इतनी ज्यादा शोहरत नहीं मिलती। जायरा ने 19 वर्ष की उम्र में तीन फिल्म कर ली। एक आने वाली है। जायरा ने साल 2016 में आमिर खान की फिल्म 'दंगल' से बॉलीवुड में कदम रखा था। उनको इस फिल्म के लिए नेशनल अवॉर्ड भी मिला था। जायरा ने फिल्म में पहलवान गीता फोगाट का रोल किया था, जिसके लिए उन्हें बेस्ट सपोर्टिंग एक्ट्रेस का अवॉर्ड मिला था। 2017 में जायरा वसीम ने फिल्म 'सीक्रेट सुपरस्टार' में भी आमिर खान के साथ काम किया। इस फिल्म के लिए जायरा को फिल्मफेयर बेस्ट एक्ट्रेस क्रिटिक का अवॉर्ड मिला था। छोटी उम्र में ही जायरा को कई अवॉर्ड से नवाजा गया। इतनी कामयाबी के बाद अचानक धर्म का हवाला देकर क्या साबित करने की कोशिश की जा रही है? जायरा की मानें तो बॉलीवुड में जितने भी कलाकार हैं क्या वे अपने धर्म के विपरीत जाकर काम करते हैं? हमारे देश में अधिकतर बड़े फिल्मी कलाकार मुसलमान ही हैं। इसलिए जायरा का तर्क बेदम लगता है। साजिश जान-बूझकर की जा रही है या डर के मारे, यह तो जायरा जानती हैं या उनका अल्लाह। लेकिन यह कहकर फिल्म इंडस्ट्री छोड़ना कि वो इस वजह से अपने धर्म से दूर होती जा रही हैं, यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
चलिये, यह उनका निजी फैसला है। लेकिन हमे लगता है कि इस मामले की जांच जरूर होनी चाहिए, क्योंकि उनका इस तरह जाना कई सवालिया निशान खड़े कर रहा है। साथ ही एक भड़काने वाली स्थिति भी पैदा हो रही है। हमारे देश की जनता बॉलीवुड और क्रिकेट को जिंदगी का महत्वपूर्ण हिस्सा मानती है। जनता ने आज तक कलाकार को अपना आईडियल या हीरो समझने में यह कभी नहीं सोचा कि उस कलाकार का धर्म क्या है। जायरा के इस फैसले से देश को नफरत में बांटने वालों को अब और ज्यादा हवा मिल जाएगी। इसके अलावा जायरा वसीम को अपना आदर्श मानने वाले लोगों को वो क्या उत्तर देंगी? यदि उनको इस तरह का कोई फैसला लेना था तो वह अपनी निजता का हवाला देकर अलविदा कर देतीं। जायरा का इस तरह जाना बहुत बेकार कर गया। उन्होंने अपने साथ इस्लाम धर्म पर भी कई सवाल खड़े कर दिए। बॉलीवुड में कैसे गलत है काम करना, यह इस्लाम में कहां लिखा है? यदि कुछ ऐसा है भी तो उनको क्या करना चाहिए जिससे उनकी तकदीर बदली है। अब मामला चाहे कुछ भी हो लेकिन इससे धर्म के फर्जी ठेकेदारों की दुकान सजने लगेगी। साथ ही मुसलमानों की आने वाली पीढ़ी का मोरल बेहद कम हो जाएगा। यदि जायरा वसीम को इस तरह का कुछ फैसला लेना था तो वह पहले भी निर्णय ले सकती थीं। जैसा कि उनकी आक्रामक शैली के चलते उनके जीवन व मस्तिष्क का अंदाजा लगाया जा सकता है तो वो इतनी तो समझदार पांच साल पहले भी थीं। 'कांटे अब दूसरे के दामन में छोड़कर चले गए क्योंकि फूल तो अपने आंचल के लिए बचा लिए' वाली तर्ज पर इस घटना को लेकर जायरा की चौतरफा निन्दा हो रही है। बॉलीवुड के एक भी सितारे ने इसको सपोर्ट नहीं किया। हालांकि मामला ताजा है तो कुछ लोगों की प्रतिक्रिया नहीं आई। लेकिन सरकार या जांच एजेंसियों को इस मामले की गंभीरता को समझते हुए इसकी जांच करानी चाहिए। उनकी पुरानी जीवनशैली को देखते हुए शायद कुछ सामने आए क्योंकि जायरा को पांच साल में कई बार धमकियां मिल चुकी थीं। हमें हर नजरिये को समझने की जरूरत है। कभी-कभी हम सोचते कुछ हैं और सच कुछ अलग ही होता है। 
(लेखक पत्रकार हैं।) 


 
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