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सीएए की आड़ में धमकियों से बाज आएं मुस्लिम नेता : विहिप

22/02/2020

सुशील बघेल

नई दिल्ली, 22 फरवरी (हि.स.)। विश्व हिन्दू परिषद (विहिप) ने ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के प्रवक्ता वारिस पठान के '100 करोड़ बनाम 15 करोड़' के विवादास्पद बयान की कड़ी निंदा करते हुए चेतावनी दी है कि मुस्लिम नेता सीएए की आड़ में धमकियां देने से बाज आएं विहिप ने केंद्र और सभी राज्य सरकारों से अपील की है कि वे देश विरोधी भाषण देने वालों के विरुद्ध कड़ी से कड़ी कार्रवाई कर इस मानसिकता को अबिलम्ब रोकें।

उल्लेखनीय है कि नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) के खिलाफ कर्नाटक के गुलबर्गा में जनसभा के दौरान असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम के प्रवक्ता वारिस पठान ने एक बयान में कहा था, ‘हम 15 करोड़ ही 100 करोड़ लोगों पर भारी हैं यह बात याद रख लेना।'

विहिप के केन्द्रीय संयुक्त महा-सचिव डॉ सुरेन्द्र जैन ने बयानों की कठोरतम शब्दों में निंदा करते हुए चेतावनी दी है कि कोई इस दिशा में सोचने का भी दुस्साहस न करे। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के बयान से भी अधिक निंदनीय मुस्लिम नेताओं की चुप्पी है। ओवैसी सहित किसी भी स्थापित मुस्लिम नेता या सेक्यूलर विरादरी ने इन बयानों की भर्त्सना भी नहीं की है। हर छोटी-छोटी बात पर बड़े-बड़े वक्तव्य देने वाले इन लोगों की इस विषय पर चुप्पी भी अनेक प्रश्न खड़े करती है।

उन्होंने कहा कि सीएए पारित होते ही देश में अनेकों स्थान पर हुए हिंसक उपद्रवों पर भी ये नेता चुप थे। यदि किसी स्थान पर राष्ट्रीय संपत्ति व जनता के जान-माल की सुरक्षा के लिए वहां की सरकार ने कोई कार्रवाई की तो इन सभी ने आसमान सिर पर उठा लिया और नफरत भरी हिंसा को उचित ठहराने का कुत्सित प्रयास किया। सेकुलर बिरादरी और मुस्लिम नेताओं का यह दोहरा चरित्रविरोध के नाम पर की गई व्यापक हिंसा व विषैले नारों तथा भाषणों से देश का ध्यान हटाने का कुटिल प्रयास है।

डॉ सुरेन्द्र जैन ने कहा कि सीएए के विरोध के बहाने आज 1947 को दोहराने का षड्यंत्र चल रहा है। 1947 में मुस्लिम लीग सीधी कार्रवाई की धमकी दे रही थी। मुस्लिम समाज का एक बड़ा वर्ग उस धमकी को लागू कर रहा था और वामपंथी उनका समर्थन कर रहे थे। आज समस्त सेकुलर बिरादरी उस समय के वामपंथियों की भूमिका निभा रही है। लोकप्रिय केंद्र सरकार को अस्थिर करने के लिए देश को दंगों की आग में झोंकने के असफल प्रयास के बाद अब वे शाहीन बाग जैसे प्रयोग करके देश में अराजकता निर्माण करना चाहते हैं। मुस्लिम समाज को सड़कों पर उतार कर वे सूत्रधार की तरह उनके मन में देश के प्रति घ्रणा निर्माण कर रहे हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि ओवैसी की सभा में भी जिस तरह जिहादियों की भीड़ ने पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे दोहराए थे, उससे भी उनकी मानसिकता स्पष्ट हो जाती है। इन सब लोगों को ध्यान रखना चाहिए कि आज का भारत 1947 वाला भारत नहीं है। यह हर राष्ट्र विरोधी चुनौती का मुंह तोड़ जवाब देने में सक्षम है। उनकी यह घृणा व विद्वेष की राजनीति ज्यादा दिन नहीं चल पाएगी।

हिन्दुस्थान समाचार


 
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