लेख

Blog single photo

टीम इंडिया के मजबूत स्तंभ रोहित शर्मा

09/07/2019

योगेश कुमार गोयल

क्रिकेट विश्वकप में जहां टीम इंडिया के एक खिलाड़ी ने अपने जबरदस्त प्रदर्शन से ऐसा कारनामा कर दिखाया है, जिसके चलते पूरी दुनिया उनके इस बेहतरीन प्रदर्शन की कायल हो गई है। टीम इंडिया के हिटमैन के नाम से मशहूर भारतीय क्रिकेट टीम के उप-कप्तान रोहित शर्मा ने एक ही विश्वकप में पांच शतक लगाने का विश्व रिकॉर्ड अपने नाम कर विश्व के तमाम दिग्गज क्रिकेटरों को पीछे छोड़ दिया। उनसे पहले यह रिकॉर्ड चार शतकों के साथ बांग्लादेश के कुमार संगकारा के नाम दर्ज था। पांच शतकों के रिकॉर्ड के साथ रोहित के नाम एक और विश्व रिकॉर्ड दर्ज हुआ, किसी एक विश्वकप में सर्वाधिक ‘मैन ऑफ द मैच अवॉर्ड’ जीतने का। श्रीलंका के खिलाफ शानदार शतकीय पारी के बाद उन्हें विश्वकप के इतिहास में एक ही विश्वकप में पांचवां मैन ऑफ द मैच अवॉर्ड मिला और इसी के साथ अपने बल्ले से रनों की बरसात करते हुए धुआंधार पारियों की बदौलत रोहित ने बखूबी साबित कर दिया कि उन्हें यूं ही टीम इंडिया का हिटमैन नहीं कहा जाता। विश्वकप मुकाबलों के दौरान कप्तान विराट कोहली भी स्वीकार चुके हैं कि रोहित इस समय दुनिया के सर्वश्रेष्ठ वनडे क्रिकेटर हैं।

हालांकि विश्वकप के इतिहास में अभीतक के सर्वाधिक मैन ऑफ द मैच अवॉर्ड जीतने के रिकॉर्ड की अगर बात करें तो सचिन तेंदुलकर और ऑस्ट्रेलिया के महान गेंदबाज ग्लेन मैक्ग्राथ, रोहित से आगे हैं लेकिन उन्होंने किसी एक विश्वकप में यह रिकॉर्ड कायम नहीं किया बल्कि सचिन ने विश्वकप की कुल 44 पारियों में 9 मैन ऑफ द मैच अवॉर्ड, जबकि ग्लेन मैक्ग्राथ ने 6 अवॉर्ड जीते और ये दोनों ही क्रिकेटर काफी समय पहले ही क्रिकेट से संन्यास ले चुके हैं। विवियन रिचर्ड्स, ग्राहम गूच, सनथ जयसूर्या, मार्क वॉ, लांस क्लूजनर, एबी डिविलिअर्स जैसे दिग्गज क्रिकेटरों के नाम पांच-पांच मैन ऑफ द मैच अवॉर्ड दर्ज हैं और इन्हीं की बराबरी करते हुए रोहित ने यह कीर्तिमान सिर्फ 16 पारियों और अपने दूसरे विश्वकप में ही हासिल कर लिया है जबकि इस विश्वकप के कुछ मैच अभी बाकी हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि वे आनेवाले समय में इन तमाम दिग्गज क्रिकेटरों को पीछे छोड़ते हुए सचिन की बराबरी कर लेंगे। वैसे, रोहित ने विश्वकप में सर्वाधिक शतक बनाने के मामले में सचिन तेंदुलकर ने 6 शतकों के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली है। गौरतलब है कि सचिन ने 44 पारियों में ये शतक बनाए थे, जबकि रोहित ने यह करिश्मा सिर्फ 16 पारियों में ही कर दिखाया।

वन-डे क्रिकेट में रोहित अबतक 27 शतक जड़ चुके हैं और 2017 में खेली गई चैम्पियंस ट्राफी के बाद से ही वे अबतक 17 शतक लगाकर विराट के 15 शतक के आंकड़े से आगे निकल गए हैं। हालांकि रनों के मामले में वे अभी विराट से थोड़ा पीछे हैं। विश्वकप में श्रीलंका के खिलाफ खेले गए मैच में अपना पांचवां शतक जड़ने के बाद विश्वकप के लीग स्टेज के मुकाबलों के समाप्त होने के पश्चात आईसीसी द्वारा जारी रैंकिंग में भी रोहित काफी ऊपर पहुंच गए हैं। वन-डे में टॉप बल्लेबाजों की सूची में विश्वकप की पांच पारियों में 5 अर्धशतक लगाने वाले टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली अभी भी रैंकिंग में 891 अंकों के साथ पहले पायदान पर मौजूद हैं, वहीं टीम इंडिया के उप-कप्तान रोहित शर्मा दूसरे पायदान पर पहुंच गए हैं और रैंकिंग में अंकों के मामले में 885 अंकों के साथ वे विराट कोहली के बेहद नजदीक हैं।

यह कोई पहला मौका नहीं है जब रोहित ने अपनी आतिशी बल्लेबाजी से रिकॉर्डों की झड़ी लगाई है बल्कि रिकॉर्ड तो रोहित के साथ कदम दर कदम चलते रहे हैं। 2014 में श्रीलंका के खिलाफ एकदिवसीय मैच में 264 रनों की विशाल पारी खेलकर वनडे क्रिकेट में सर्वाधिक रन बनाने का रिकॉर्ड हो या 20-20 अंतर्राष्ट्रीय मैच में तीन शतक लगाने का रिकॉर्ड, रोहित के बल्ले से तरह-तरह के रिकॉर्ड आए दिन बनते रहे हैं। 13 मार्च 2019 को दिल्ली में ऑस्ट्रेलिया के साथ खेले गए मैच में अपना 41वां अर्धशतक पूरा कर रोहित वनडे क्रिकेट में सबसे तेजी से 8000 रन पूरे करने वाले तीसरे बल्लेबाज बने थे। वनडे इंटरनेशनल की 200 पारियों में 8000 रनों के आंकड़े को छूने वाले वे सौरव गांगुली की बराबरी करते हुए दुनिया में यह कमाल करने वाले गांगुली के साथ संयुक्त रूप से तीसरे क्रिकेटर बने थे। उनसे पहले विराट कोहली ने 175 और एबी डिविलियर्स ने 182 पारियों में इस आंकड़े को छुआ था, जबकि सौरव गांगुली ने 200 पारियों में ही 8000 वनडे रन बनाए थे। उस समय तक वनडे इंटरनेशनल में भारतीय बल्लेबाजों में सचिन तेंदुलकर ने 18426, सौरव गांगुली ने 11363, राहुल द्रविड़ ने 10889, विराट कोहली ने 10843, महेन्द्र सिंह धोनी ने 10500, मोहम्मद अजहरूद्दीन ने 9378, युवराज सिंह ने 8701 तथा वीरेन्द्र सहवाग ने 8273 रन बनाए थे।

इसी साल 10 मार्च को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मोहाली के पंजाब क्रिकेट एसोसिएशन आईएस बिंद्रा स्टेडियम में खेले गए चौथे वनडे मैच में रोहित ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए वनडे इंटरनेशनल क्रिकेट में सर्वाधिक छक्के लगाने के टीम इंडिया के पूर्व कप्तान महेन्द्र सिंह धोनी के रिकॉर्ड को भी तोड़ दिया था। धोनी के नाम वनडे इंटरनेशनल क्रिकेट में 217 छक्कों का रिकॉर्ड था और रोहित 218 छक्के लगाकर वनडे इंटरनेशनल में अपने वनडे कैरियर में सर्वाधिक छक्के लगाने वाले भारतीय बन गए थे। इसी साल न्यूजीलैंड के खिलाफ टी-20 सीरिज के दूसरे मैच में रोहित ने गप्टिल का टी-20 में सर्वाधिक रन बनाने का रिकॉर्ड भी तोड़ दिया था। तब गप्टिल के 76 मैचों में 2272 रन थे, जबकि रोहित 94 मैचों की 86 पारियों में 2331 रन बनाकर टी-20 में सर्वाधिक रन बनाने वाले खिलाड़ी का रिकॉर्ड अपने नाम करने में सफल हुए थे। गत वर्ष दीवाली से एकदिन पहले रोहित वेस्टइंडीज के खिलाफ अंतर्राष्ट्रीय टी-20 में चार शतक लगाने वाले दुनिया के पहले बल्लेबाज भी बने थे। उनसे पहले यह रिकॉर्ड संयुक्त रूप से तीन-तीन शतकों के साथ रोहित शर्मा और न्यूजीलैंड के कॉलिन मुनरो के नाम था।

30 अप्रैल 1987 को महाराष्ट्र के नागपुर में जन्मे रोहित गुरूनाथ शर्मा ने कभी स्पिन गेंदबाजी से अपने क्रिकेट कैरियर की शुरूआत की थी और वे कब मध्यम क्रम बल्लेबाजी से टीम इंडिया के एक सफल और भरोसेमंद ओपनर बन गए, पता ही नहीं चला। रोहित शर्मा एकदिवसीय क्रिकेट के इतिहास में सर्वाधिक दोहरे शतक लगाने वाले पहले बल्लेबाज हैं और क्रिकेट के इतिहास में पहले ऐसे बल्लेबाज भी हैं, जो वनडे क्रिकेट में तीन दोहरे शतक और अंतर्राष्ट्रीय 20-20 में चार शतक लगा चुके हैं। एकदिवसीय अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में एक मैच में सर्वाधिक 33 चौके लगाने वाले भी वह पहले खिलाड़ी हैं। इसके अलावा एक वनडे में सर्वाधिक 16 छक्के लगाने का रिकॉर्ड भी उन्हीं के नाम है। वनडे क्रिकेट में अभीतक तीन दोहरे शतक लगा चुके रोहित आईपीएल के सफलतम खिलाड़ी माने जाते हैं। वह आईपीएल के 188 मैचों में 130.82 के स्ट्राइक रेट के साथ 31.6 की औसत से 4898 रन बना चुके हैं और धोनी तथा गौतम गंभीर के बाद अपनी टीम को आईपीएल खिताब दिलाने वाले तीसरे कप्तान भी हैं। 2012 के आईपीएल में उनका सर्वाधिक स्कोर 109 रनों का था, जबकि आईपीएल में वे 36 अर्धशतक भी लगा चुके हैं। आईपीएल मैचों में उन्होंने कुल 194 छक्के और 431 चौके जड़े हैं। बहरहाल, विभिन्न पारियों में रोहित शर्मा के बेमिसाल प्रदर्शन को देखते हुए यह कहना असंगत नहीं होगा कि वे टीम इंडिया के एक ऐसे मजबूत स्तंभ हैं, जिनसे हर कोई उम्मीद बांधे है कि इंग्लैंड में खेले जा रहे विश्वकप को भारत की झोली में डालने में उनकी भूमिका निर्णायक साबित होगी।

(लेखक स्वतंत्र टिप्पणीकार हैं।)


 
Top