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आज के दिन ही सोनू सूद की मां का हुआ था निधन, 13वीं पुण्यतिथि पर मां के नाम की छात्रवृत्ति की घोषणा

13/10/2020

मोनिका शेखर
बॉलीवुड अभिनेता सोनू सूद अपने काम की वजह से इन दिनों सुर्खियों में हैं। कोरोना संकट के दौरान सोनू सूद प्रवासी मजदूरों और जरूरतमंदों के लिए मसीहा बने हैं। सोशल मीडिया पर सक्रिय रहने वाले अभिनेता सोनू सूद अपनी मां के बेहद करीब थे। सोनू सूद की मां इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन सोनू अक्सर अपनी मां का जिक्र करते रहते हैं। सोनू सूद की मां का 13 साल पहले आज ही के दिन निधन हो गया था। उन्होंने अपनी मां को उनकी पुण्यतिथि पर याद किया है।
सोनू सूद ने सोशल मीडिया पर अपनी दिवंगत मां की ब्लैक एंड व्हाइट तस्वीर शेयर कर एक नोट लिखा है। सोनू ने अपनी मां के 13वीं पुण्यतिथि पर आईएएस उम्मीदवारों के लिए प्रो. सरोज सूद छात्रवृत्ति की घोषणा कर एक नेक काम किया है जिसकी चारों ओर सराहना हो रही है। सोनू सूद ने ट्विटर पर मां की तस्वीर शेयर कर लिखा-'13 अक्टूबर, 13 साल हो गए मां। यहां सब ठीक ही चल रहा है। आप होते तो शायद थोड़ा और बेहतर होता। मिस यू मां।'

सोनू सूद ने अपनी मां के 13वीं पुण्यतिथि पर एक नेक काम किया है। इसकी जानकारी सोनू ने सोशल मीडिया पर दी है। सोनू सूद ने ट्विटर पर लिखा-'13 अक्टूबर; 13 साल हो गए मेरी मां को गुजरे हुए। वह शिक्षा की विरासत को पीछे छोड़ गई। आज उनकी पुण्यतिथि पर मैं आईएएस उम्मीदवारों को प्रो. सरोज सूद छात्रवृत्ति के माध्यम से उनके लक्ष्य तक पहुंचाने में समर्थन करने की प्रतिज्ञा करता हूं। आशीर्वाद की जरूरत है। आपकी याद आती है मां।'

अभिनेता के पोस्ट को लाखों लोगों ने लाइक और शेयर किया है। सोनू सूद ने 13 अक्टूबर 2007 में अपनी मां सरोज सूद को खो दिया था। अभिनेता सोनू सूद की मां प्रोफेसर थी। सोनू ने अपनी मां के लिए कहा था कि उन्होंने मुझे बहुत प्रेरित किया। वह मुझसे कहती थी जो भी तुम्हारे सपने हैं वह जरूर पूरे होंगे। मेहनत करना और टिके रहना। वह मुझे चिट्ठियां लिखा करती थी जब मैं स्ट्रगल कर रहा था।
सोनू सूद वर्तमान में अपने काम की वजह से सुर्खियों में हैं। उन्होंने लॉकडाउन में प्रवासी कामगारों की मदद में कोई कसर नहीं छोड़ी। अभिनेता सोनू हमेशा लोगों की मदद के लिए तैयार रहते हैं। उन्होंने अब तक हजारों जरूरतमंदों और छात्रों की मदद की है। सोशल मीडिया पर सक्रिय रहने वाले सोनू सूद ने पिछले दिनों प्रवासी रोजगार मुहिम शुरू की थी। सोनू ने संकट के समय में बसों की व्यवस्था करने से लेकर केरल की महिलाओं को एयरलिफ्ट करने और टोल फ्री नंबर देकर लोगों को उनके घरों तक पहुंचाया है। अभी भी वह लोगों की मदद कर रहे हैं। सोनू सूद अपने अनुभव के बारे में एक किताब लिखेंगे।
हिन्दुस्थान समाचार


 
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