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वायु प्रदूषण का कारण ठोस घरेलू ईंधन

30/08/2019

वायु प्रदूषण का कारण ठोस घरेलू ईंधन

युगवार्ता डेस्क

वायु प्रदूषण की समस्या दिनोंदिन बढ़ती जा रही है। विशेषकर मेगासिटी में वायु प्रदूषण गंभीर स्थिति तक पहुंच चुका है। एक अध्ययन के मुताबिक भारत में वायु प्रदूषण की समस्या का प्रमुख कारण घरों में ठोस ईंधन का जलना है। इसकी पुष्टि हुई है कोलैबोरेटिव क्लीन एयर पॉलिसी सेंटर के एक अध्ययन से। ठोस ईंधन में लकड़ी, पशुओं का गोबर, कृषि अपशिष्ट और कोयला आदि का प्रयोग मुख्य रूप से घरों में खाना बनाने के लिए होता है। इससे निकलने वाले धुएं से मनुष्य के स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ता है।
भारत की अधिकांश जनसंख्या चूंकि गांवों में रहती है। अनुमान के मुताबिक उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छतीसगढ़, झारखंड, ओडिशा, राजस्थान और असम जैसे राज्यों में आज भी लगभग 70 फीसदी आबादी ठोस ईंधन का उपयोग करती है। इसके चलते यह ठोस ईंधन भारत में वायु प्रदूषण के लिए 20 प्रतिशत से 52 प्रतिशत तक जिम्मेदार है। ठोस ईंधन के जलने से पर्टिकुलेट मैटर भी निकलता है। ये पार्टिकुलेट मैटर श्वसन तंत्र एवं हृदय संबंधी रोग के कारक बनते हैं। इससे भारत में लाखों लोगों की मृत्यु हो जाती है।


 
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