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जीडीए अब 'पहले आओ-पहले पाओ' स्कीम में बेचेगा आवासीय प्रॉपर्टी

07/06/2019

गाजियाबाद, 07 जून (हि.स.)। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) अब 'पहले आओ-पहले पाओ' की आवासीय योजना के तहत लोगों को आवास बेचेगा। यानि कि अब गाजियाबाद में मकान खरीदने वालों को लाइन में लगने की जरूरत नहीं है। जीडीए ने करीब 17 सौ करोड़ की सम्पत्ति बेचने के लिए अपनी कार्य योजना को अंजाम देना शुरू कर दिया है। इसमें करीब 650 करोड़ लागत की सम्पत्ति 'पहले आओ-पहले पाओ' के आधार पर बेची जाएगी। 

जीडीए की उपाध्यक्ष कंचन वर्मा ने शुक्रवार को अपनी नियमित प्रेस ब्रीफिंग में बताया कि पहले आओ-पहले पाओ स्कीम का प्रस्ताव 25 जून को होने वाली जीडीए बोर्ड की बैठक में अनुमोदन के लिए रखेगा। प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है। इस समय जीडीए की करीब 500 सम्पत्तियां ऐसी हैं जिनकी बिक्री के लिए ई-नीलामी व ऑक्शन की योजनाएं लाई जा रही हैं। उन्होंने बताया वर्ष 2017 में जीडीए की इस तरह की करीब दो हजार करोड़ की सम्पत्ति थी जिसमें पिछले दो वर्षों के दौरान जीडीए ढाई सौ करोड़ से ज्यादा की सम्पत्ति बेच चुका है। 
उन्होंने बताया कि जीडीए ने करीब 650 करोड़ की वह सम्पत्ति है जिसकी स्कीम जीडीए तीन बार निकाल चुका है लेकिन वह बिक नहीं पायी हैं। उन्होंने बताया कि पहले आओ-पहले पाओ योजना के आधार पर मधुबन बापू धाम की योजना में 2 बीएचके व 3 बीएचके के 549 भवन हैं।यह एक अच्छी लोकेशन है तथा रैपिड रेल के लिए बनने वाला स्टेशन इसके नजदीक होगा। इस तरह कौशाम्बी में गंगोत्री अपार्टमेंट में 88 सिंगल रूम फ्लैट हैं वैशाली में 16 एमआईजी फ्लैट तथा इंदिरापुरम में 22 एमआईजी व मिनी एमआईजी फ्लैट्स हैं। 
जीडीए के सम्पत्ति प्रभारी एआर राही का कहना है कि पहले आओ-पहले पाओ या ई-नीलामी में कोई भी शख्स या संस्था जितनी चाहे उतनी प्रॉपर्टी खरीद सकता है। उन्होंने बताया कि जीडीए की सम्पत्ति पर लोन भी आसानी से होगा जिसमें प्राधिकरण सहयोग करेगा।
हिन्दुस्थान समाचार/फरमान/सुनीत 

 

 
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