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आदिवासी आंदोलन: जंगल की कटाई पर लगी अस्थायी रोक.

11/06/2019

रंजन 
रायपुर, 11 जून (हि.स.)। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रबावित दंतेवाड़ा के बौलाडीला की नंदराज पहाड़ी पर खनन का विरोध कर रहे आदिवासी पांचवें दिन भी आन्दोलन पर डटे हुए हैं। इस बीच, बस्तर से कांग्रेस सांसद दीपक बैज और कांग्रेस विधायक मोहन मरकाम ने आदिवासियों के प्रतिनिधिमंडल बनकर मंगलवार को मुख्यमंत्री के साथ बैठक की। जिसके बाद मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने फिलहाल जंगलों की कटाई पर रोक लगाने का निर्देश दिया है। 
2014 में अडानी को सौंपे गए संबंधित दस्तावेजों की जांच भी होगी। साथ ही मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार की ओर से भारत सरकार को पत्र लिखकर छत्तीसगढ़ के आदिवासियों की जन भावनाओं की जानकारी देने की बात भी कही है। आदिवासियों के आंदोलन की समाप्ति की आधिकारिक घोषणा अभी तक नहीं की गई है।  यहां डिपोडिट 13 के माइन्स को छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम लिमिटेड एनसीएल के नाम से संयुक्त उद्यम कंपनी के स्वामित्व में है। एनसीएल के अधिकारियों के मुताबिक खुदाई और खदान के विकास का ठेका पिछले साल अडानी एंटरप्राइजेज लिमिटेड को दिया गया था। खनन योजना के अनुसार, इस क्षेत्र में 25 हजार से अधिक पेड़ काट दिए जाएंगे और अब तक 10 हजार पेड़ काटे जा चुके हैं। आदिवासी इसी का विरोध कर रहे हैं। सरकार शुरूआत से ही कह रही है कि इस आदिवासी आंदोलन को नक्सलियों का भी समर्थन मिला हुआ है। लेकिन अब आंदोलन के राजनीतिक रंग लेने के बाद कांग्रेस सरकार ने जंगल की कटाई पर फिलहाल रोक लगा दी है। 
हिन्दुस्थान समाचार


 
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