क्षेत्रीय

Blog single photo

दशहरा के मौक़े पर 103 होमगार्ड ड्यूटी से बर्खास्त, घरों में पसरा मातम

08/10/2019

सिपाही के बराबर वेतन लग जाने से 68 फीसदी होमगार्डों के घर जश्न का माहौल

चंद्रपाल सेंगर 
फर्रुखाबाद, 08 अक्टूबर (हि.स.)। दशहरा के मौक़े पर शासनादेश की पहली गाज यहां के 103 होमगार्डों पर गिर गई है। नतीजतन इन होमगार्डों को हमेशा के लिए ड्यूटी से मुक्त कर दिया गया है। यानी कि 32 फीसदी होमगार्डों के घर मातम पसरा हुआ है। दूसरी ओर 68 फीसदी होमगार्डों के घर सिपाही के बराबर वेतन लग जाने से जश्न का माहौल है। 

जिला होम गार्ड कमांडेंट शैलेन्द्र प्रताप सिंह बताते हैं कि शासन ने होमगार्डों का वेतन सिपाही के बराबर 18 हजार रुपये प्रति माह कर दिया है। अब होमगार्डों को 18 हजार वेतन के साथ अन्य खर्चे भी दिए जायंगे। कुल 672 रुपया प्रतिदिन उन्हें ड्यूटी का दिया जायेगा। यह बढ़ोत्तरी के बाद शासन पर आर्थिक भार बढ़ गया है। इसीलिए शासन ने 32 फीसदी कुल मिलाकर जिले में 103 होमगार्डों की छंटनी करके हमेशा के लिए ड्यूटी से मुक्त कर दिया गया है। जिला होम गार्ड कमांडेंट शैलेन्द्र प्रताप सिंह ने बताया कि डीजी ने शासन को पत्र लिखकर इन 32 फीसदी होमगार्डों को पुनः ड्यूटी दिए जाने की मांग की है। कमांडेंट का कहना है कि जो 32 फीसदी होमगार्ड ड्यूटी से मुक्त किये गए हैं, उनके पैसे से बढ़ाये गए होमगार्डों के पैसों की भरपाई की जा रही है। कमांडेंट ने कहा कि हो सकता है कि सरकार उन्हें फिर से ड्यूटी करने का मौका देने के लिए नया शासनादेश जारी करे। इसके लिए विभागीय अधिकारी प्रयास कर रहे हैं।

ड्यूटी से मुक्त किये गए होमगार्डों का कहना है कि शासन के इस फैसले से दशहरा का पर्व फीका हो गया है। ड्यूटी से मुक्त होने से दीपावली भी उनकी फीकी हो जायेगी। कुल मिलाकर शासन के इस निर्णय से 103 होम गार्डों को दशहरा की खुशी राश नहीं आ रही है। उनके घरों में मातम पसरा हुआ है। दूसरी तरफ जिन 68 फीसदी होम गार्डों को सिपाही के बराबर 672 रुपये प्रति दिन किया गया है, उनके घरों में आज ख़ुशी का माहौल है। 

हिन्दुस्थान समाचार


 
Top