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जबरदस्त है 'दृष्टिकोण' एप्प, करेगा मुश्किल में मदद

22/08/2019

कुसुम चोपड़ा झा
कहते हैं कि अगर कुछ करने की ज़िद पकड़ ली जाए, तो फिर बड़ी से बड़ी मुश्किल भी आपको आपकी मंज़िल तक पहुंचने से नहीं रोक सकती। जी हां...ऐसा ही कुछ कर दिखाया है फरीदाबाद के युवा हेमंत चौहान  ने। 23 साल के हेमंत ने कड़ी मेहनत और लगन से एक ऐसी एप्लीकेशन (एप्प) तैयार की है, जो महिलाओं के लिए तो वरदान साबित हो ही सकती है, साथ ही मुश्किल समय में अन्य लोग भी इसके ज़रिए जरूरी मदद मांग सकते हैं। हेमंत ने दृष्टिकोण (DRISHTIKAUN) नाम की एक एप्प तैयार की है। हेमंत पर कुछ अलग कर गुजरने का इस कदर जुनून था कि उन्होंने इसे तैयार करने के लिए अपनी पढ़ाई तक बीच में ही छोड़ दी। चार  साल तक वे लगातार इस पर काम करते रहे। आखिरकार, उन्हें सफलता मिली और वो नतीजा सामने आया, जिसका उन्हें इंतज़ार था। 
चलिए, इस एप्प की खूबियों से हम आपको रू-ब-रू करवा देते हैं -
गूगल प्ले स्टोर से करें डाउनलोड - दृष्टिकोण (DRISHTIKAUN) एप्प को गूगल प्ले स्टोर पर जाकर आसानी से डाउनलोड किया जा सकता है। उसके बाद ये गूगल के ज़रिए साइन-इन करना होगा। साइन-इन करने के लिए ये आपका मोबाइल नंबर मांगेगा। उसके बाद वैकल्पिक नंबर देना होगा, और फिर बताना होगा कि आप महिला हैं या पुरुष। बस इतना करते ही आप इस एप्प पर रजिस्टर हो जाएंगे। 
लोकेशन भेज कर करें अलर्ट - एप्प  पर रजिस्टर होते ही जैसे ही आप इमरजेंसी मैसेज पर यैस के विकल्प पर टैप करेंगे तो गूगल मैप पर आपकी लाइव लोकेशन दिखाई देगी। उसके बाद आपके द्वारा सेव किए गए आपके करीबियों के 10 के 10 नंबरों पर सायरन बजने लगेगा। जिससे उनको पता चल जाएगा कि आपको फौरन मदद की जरुरत है। 
एड ई-कॉन्टेक्ट - एप्प के मैन्यू में जाकर आप एड ई-कॉन्टेक्ट के ऑप्शन पर जाएं और अपने उन 10 सबसे नज़दीकी लोगों के नंबर सेव करें, जिन्हें आप मदद के समय अलर्ट करना चाहते हैं । 5 किलोमीटर के दायरे में जिन लोगों ने भी ये एप्प डाउनलोड की है, उनके साथ-साथ आपके द्वारा सेव्ड 10 लोगों तक आपका संदेश पहुंच जाएगा। 
सरकारी हेल्पलाइन नंबर - इसके बाद मैन्यू में हेल्पलाइन का आप्शन दिखाी देगा, जिसे खोलते ही आपको पुलिस, वूमेन हेल्पलाइन, सीनियर सिटीज़न एंड स्टूडेंट, नार्थ ईस्ट हेल्पलाइन, मिसिंग पर्सन, ट्रैफिक, एंटी करप्शन, एंटी ऑबसेंस, रेलवे और चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर दिखेंगे। जहां से आप इनमें से किसी से कभी भी मदद मांग सकते हैं। 
नियरबाई - मैन्यू में तीसरा विकल्प आपको नियरबाई का दिखाई देगा। जिसपर जाकर आप नज़दीकी पुलिस स्टेशन, अस्पताल, एंबुलेंस और एटीएम जैसी इमरजेंसी सेवाओं की जानकारी ले सकते हैं। 
लोकेशन - इसके बाद मैन्यू में आपको लोकेशन का ऑप्शन दिखाई देगा। इस विकल्प में जिन्होंने पिछले एक घंटे में आपसे मदद मांगी है, उनकी जानकारी तो दिखाई देगी ही, साथ ही जिसने अभी -अभी मदद के लिए आपको संदेश भेजा है, उसकी भी लोकेशन और नाम की जानकारी मिल सकेगी। 
परमानेंट नोटिफिकेशन - एक खास बात और ये है कि इस एप्प को डाउनलोड करने के बाद आपकी मोबाइल स्क्रीन पर तब तक इसका परमानेंट नोटिफिकेशन दिखता रहेगा, जब तक आप सेटिंग में जाकर इसके रिमूव नहीं कर देते। मोबाइल स्क्रीन पर इसे बनाए रखने के लिए हफ्ते में एक बार खोलना होगा, ताकि नोटिफिकेशन बार पर पॉप-अप दिखता रहे। 
हेमंत के मुताबिक, अगले दो से तीन हफ्तों में इसका ऑफलाइन वर्ज़न भी आ जाएगा, जिसके बाद अगर आपने एप्प डाउनलोड ना भी किया हो तो भी  आप अपने उन नज़दीकी 10 लोगों को, जिनका नंबर आपने एमरजेंसी कॉन्टेक्ट लिस्ट में सेव किया है, टेक्सट मैसेज के जरिए भी अपनी लोकेशन का लिंक भेजकर मदद मांग सकते है। हेमंत ने भारत सरकार के रजिस्ट्रार ऑफ कॉपीराइट से इस एप्प के अधिकार हासिल कर लिए हैं और उपायुक्त ने इसका सर्वे कर हरी झंडी भी दे दी है। बस उन्हें इंतज़ार है तो इस एप्प के फायदों से लोगों को रू-ब-रू करवाने का।
हिंन्दुस्थान समाचार 


 
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