युगवार्ता

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संप्रदा सिंह से प्रेरित होते रहेंगे युवा

11/08/2019

संप्रदा सिंह से प्रेरित होते रहेंगे युवा

 प्रजेश शंकर

बिहार के जहानाबाद जिले के मोदनगंज प्रखंड स्थित ओकरी गांव के किसान परिवार में जन् मे संप्रदा सिंह ने सही मायने में ये साबित कर दिया कि यदि इंसान चाह ले तो उसके लिए नामुमकिन कुछ भी नहीं।

जानेमाने उद्योगपति और अंग्रेजी दवा कंपनी अल्केम ग्रुप आॅप कंपनीज के संस्थापक और मानद चेयरमैन रहे संप्रदा सिंह सिंह अब इस दुनिया में नहीं रहे। लेकिन वह हमेशा इस रूप में याद किये जाते रहेंगे कि केमिस्ट की एक छोटी-सी दुकान से करियर की शुरुआत कर 3.3 बिलियन डॉलर की कंपनी खड़ी कर दी। उनकी यह मेहनत व लगन सदैव युवाओं को प्रेरित करने का काम करेगी। फर्श से अर्श तक का सफर तय करने वाले संप्रदा सिंह का निधन मुंबई के लीलावती अस्पताल में 27 जुलाई, 2019 को हो गया।
सिंह अपने पीछे भरा पूरा परिवार छोड़ गए हैं। बिहार के जहानाबाद जिले के मोदनगंज प्रखंड स्थित ओकरी गांव में किसान परिवार में 1925 में जन्मे संप्रदा सिंह ने पटना विश्वविद्यालय से बीकॉम की पढ़ाई पूरी की थी। संप्रदा सिंह ने साल 1953 में रिटेल केमिस्ट के तौर पर अपने करियर की शुरुआत की थी। उन्होंने राजधानी पटना में लक्ष्मी शर्मा नाम के एक व्यक्ति के साथ दवा की दुकान शुरू की। दुकान अच्छी चल पड़ी तो उन्होंने 1960 में डिस्ट्रीब्यूशन का कारोबार मगध फार्मा के बैनर तले शुरू किया। धीरे-धीरे अपनी मेहनत के बल पर उन्होंने कई मल्टीनेशनल कंपनियों की डिस्ट्रीब्यूटरशिप ले ली। इसके बाद तो संप्रदा सिंह ने फिर पीछे मुड़कर नहीं देखा। संप्रदा सिंह की दवा एजेंसी अच्छी चल रही थी, लेकिन वह इतने से संतुष्ट नहीं थे।
कारोबार को विस् तार देने के इरादे से मुंबई चले गए। उन्होंने एक लाख रुपये की लागत से 8 अगस् त 1973 को एलोपैथी दवा बनाने वाली अल् केम लैबोरेटरीज लिमिटेड शुरू किया। शुरूआत में उन्होंने दूसरे की फैक्ट्री में अपनी दवा बनवाई। दवा की मांग बढ़ने पर खुद की दवा फैक्ट्री शुरू कर दी। देखते ही देखते उनकी कंपनी चल पड़ी। सिंह की कंपनी में बनी दो एंटीबायोटिक दवाएं ‘क्लैवम और टैक्सिम’ ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई। एक समय दोनों ही एंटीबायोटिक दवा बाजार में आॅन डिमांड बिकने लगी। वैश्विक कारोबारी पत्रिका फोर्ब्स इंडिया की साल 2017 में जारी भारत के अमीरों की सूची में संप्रदा सिंह ने रिलायंस समूह के अनिल अंबानी को पीछे छोड़ दिया था। इस सूची में सिंह को 43वां जबकि अनिल अंबानी को 45वां स्थान प्राप्त हुआ था।
वहीं, फोर्ब्स की द वर्ल्ड बिलिनेयर्स लिस्ट 2018 में संप्रदा सिंह 3.3 बिलियन डॉलर की संपत्ति के साथ 1867 वें पायदान पर रहे थे। सिंह ने अपने 45 साल के काबिलियत, मेहनत और अनुभव के दम पर अल् केम लेबरोटरीज को करीब 26 हजार करोड़ रुपये से ज् यादा की वैल्यूएशन वाली कंपनी बना दिया। सिंह विगत 1 अप्रैल, 2015 से कंपनी के चेयरमैन इमेरिटस बन गए और मुंबई में अपने परिवार के साथ रह रहे थे। देश के जानेमाने कारोबारी और उद्योगपति संप्रदा सिंह के निधन पर बिहार इंडस्ट्रीज एसोसिएशन ने गहरी संवेदना व्यक्त किया और इसे उद्योग जगत के लिए एक अपूर्णींय क्षति बताया। वहीं, हिन्दुस्थान समाचार के चेयमैन एवं राज्यसभा सांसद आरके सिन्हा ने भी उनके निधन पर गहरी संवेदना व्यक्त किया और श्रद्धांजलि दी। एसोसिएशन के अध्यक्ष केपीएस केशरी ने सिंह के जीवन के संघर्ष, उद्यमशीलता और उनकी सफलता को याद करते हुए कहा कि वे बिहार मूल के चन्द गिने चुने सफल उद्यमियों में से आते हैं जिन्होंने देश के कॉरपोरेट जगत में अपनी पहचान कायम की।
उन्होंने कहा कि उनकी सफलता एवं पहचान इस रूप में भी अहम है कि वे प्रथम पीढ़ी के उद्यमी थे। उनकी पारिवारिक पृष्ठभूमि किसान की थी। सिंह के निधन पर पूर्व मंत्री सीपी ठाकुर, केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह, बिहार के पूर्व सीएम जीतनराम मांझी ने भी शोक जताया और दिवंगत को अपनी श्रद्धांजलि दी।


 
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