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उरी के शहीद निम्बसिंह परिवार को परमवीर शहीद मेजर शैतान सिंह भाटी अलंकरण-2019

09/06/2019

सुनीता
राष्ट्रीय चरित्र और सत्यनिष्ठता से परिपूर्ण हो हर देशवासी - कर्नल रामपाल
-उरी के शहीद निम्बसिंह परिवार को परमवीर शहीद मेजर शैतान सिंह भाटी अलंकरण-2019
-सारथि बना शहीद परिवारों का सारथी 
उदयपुर, 09 जून (हि.स.)। राष्ट्रसेवा के लिए सिर्फ सेना में भर्ती जरूरी नहीं। यदि व्यक्ति के मन में राष्ट्र सर्वोपरि का भाव हो तो वह कोई भी कार्य करे, उसमें वह ईमानदार रहेगा, और यही भावना देश में व्याप्त जातिवाद, भ्रष्टाचार, अपराध आदि समस्याओं से स्वतरू मुक्ति दिला देगी। 
यह बात वीर चक्र से सम्मानित कर्नल दीपक रामपाल ने रविवार को यहां हिरण मगरी सेक्टर-3 स्थित ‘सारथि’ एकेडमी में शहीद हवलदार निम्बसिंह रावत के परिवार के सम्मान समारोह में कही। उन्होंने समारोह में मौजूद युवाशक्ति का मागदर्शन करते हुए कहा कि जीवन में लक्ष्य छोटा न रख कर बड़ा और स्पष्ट रखें और धैर्य के साथ प्रयास करते चले जाएं। शॉर्ट टर्म वाले लक्ष्य में विफल रहने पर आत्मविश्वास और धैर्य खोने का डर रहता है। ऐसे में दूर तक का लक्ष्य निर्धारित करें और चींटी की तरह कदम-दर-कदम धीरे-धीरे बाधाएं पार कर आगे बढ़ते रहें। 
उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति में राष्ट्रीय चरित्र और सत्यनिष्ठता हो। राष्ट्रीय चरित्र के कारण ही द्वितीय विश्व युद्ध की तबाही के बाद जर्मनी और परमाणु बम की त्रासदी के बाद जापान उठ खड़े हुए और उन्होंने विकास की नई इबारत लिखी। जब सभी में सत्यनिष्ठता और कर्तव्यनिष्ठता होगी तो वही सबसे बड़ी राष्ट्रसेवा होगी। सत्य और अपने कर्तव्य के प्रति जवाबदेह व्यक्ति ऐसी राह नहीं चुन सकता जिससे देश या देशवासियों को नुकसान पहुंचे। माता-पिता के प्रति कर्तव्यनिष्ठ रहना भी राष्ट्र की सेवा है। उन्होंने कहा कि सिर्फ सेना को ही नहीं जनता को भी देश के प्रति सत्यनिष्ठ और कर्तव्यनिष्ठ होना होगा। 
वीर चक्र से सम्मानित कर्नल दीपक रामपाल ने करगिल युद्ध का अनुभव भी सुनाया। उल्लेखनीय है कि फिल्म ‘एलओसी करगिल’ में कर्नल दीपक रामपाल की भूमिका संजय कपूर ने निभाई थी। कर्नल रामपाल ने शहीद निम्बसिंह के परिवार के लिए सेना के अंतर्गत नौकरी व अन्य मदद के प्रयास की बात भी कही। 
इस मौके पर विशिष्ट अतिथि विश्व हिन्दू परिषद के जैसलमेर जिले के जिलाध्यक्ष अनोप सिंह भाटी ने कहा कि राष्ट्रसेवा के कई आयाम हैं। कोई भी व्यक्ति जिस भी कार्य में जुटा है, उसमें राष्ट्र सर्वोपरि रखे, यह अपने आप में राष्ट्रीय चरित्र की स्थापना का मार्ग है। इस मौके पर जयपुर से आए राष्ट्रीय राइडर गु्रप के संस्थापक हिम्मत सिंह शेखावत ने राजस्थान के पहले परमवीर चक्र से सम्मानित होने वाले शहीद पीरू सिंह और दूसरे परमवीर चक्र से सम्मानित शहीद मेजर शैतान सिंह की बलिदान गाथा का वर्णन किया। गौरतलब है कि अब तक कुल 21 जांबाजों को परमवीर चक्र से नवाजा गया है जिनमें राजस्थान के ये दो हैं। 
समारोह में सारथि एकेडमी की ओर से शहीद हवलदार निम्बसिंह रावत के परिवार को परमवीर चक्र सम्मानित शहीद मेजर शैतान सिंह भाटी अलंकरण प्रदान किया गया। इसके तहत शहीद की पत्नी वीरांगना रोड़ी देवी, पुत्री दीपिका, लता, पायल, आशा, पुत्र चंदन, शहीद के बड़े भाई रासु सिंह को एक लाख रुपये का चेक, स्मृति चिह्न प्रदान किए गए। राजसमंद जिले के भीम के राजवा गांव के सपूत हवलदार निम्बसिंह उरी के आतंकवादी हमले में शहीद हो गए थे। सारथि एकेडमी की ओर से यह अलंकरण अब हर वर्ष महाराणा प्रताप जयंती के उपलक्ष्य में शहीद परिवारों को प्रदान किया जाएगा। एकेडमी के निदेशक महेन्द्र सिंह भाटी ने बताया कि यह अलंकरण प्रथम प्रयास था। एकेडमी के इस प्रयास के साथ युवा विद्यार्थियों व भामाशाहों ने भी हाथ बंटाया और 75 हजार रुपये की राशि और एकत्र हुई जिसे वीरांगना रोड़ी देवी को प्रदान किया गया। साथ ही एकेडमी ने यह भी घोषणा की कि यदि शहीद परिवारों के बच्चे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करना चाहेंगे तो पढ़ाई में उनकी हर संभव मदद की जाएगी। 
अलंकरण प्राप्त करने के दौरान वीरांगना रोड़ी देवी भावविह्वल हो उठीं और उन्होंने कहा कि शहीद परिवारों के प्रति देशवासियों का सम्मान उनका हौसला और मजबूत करता है। 
कार्यक्रम का संचालन धनश्री चैहान ने किया जिन्होंने ‘पीथळ-पाथळ’ गीत सुनाकर सभी को भावुक कर दिया। इस मौके पर एकेडमी के मार्गदर्शक किशन सिंह राठौड़, प्रबंधक हरेन्द्र सिंह भाटी, हितु सिंह, अशोक सिंह, अभिजीत सिंह, अनुपम गिरि, राघवेन्द्र राठौड़, ओमप्रकाश, मोती चैहान आदि भी अतिथि के रूप में उपस्थित थे। 
हिन्दुस्थान समाचार 


 
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