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रामगढ़: फर्जी तरीके से गाड़ियों की जांच कर रहे युवक को कुजू पुलिस ने पकड़ा

20/04/2020

-सीआईएसएफ की वर्दी, डीटीओ ऑफिस का नाम, गाड़ियों से हो रही थी वसूली

अमितेश
रामगढ़, 20 अप्रैल (हि.स.)। जिले में लॉक डाउन के दौरान अपराधी भी अवैध वसूली करने के लिए अलग-अलग हथकंडे अपना रहे हैं। अब अपराधी भी पुलिस की वर्दी में ही लोगों को लूटने का काम कर रहे हैं। रविवार की रात एक ऐसा ही मामला कुज्जू पुलिस के सामने आया। यहां पुलिस की टीम ने डूमरबेड़ा से एक युवक को पकड़ा। उसने सीआईएसएफ की वर्दी पहनी हुई थी। वह सड़क पर चल रही गाड़ियों के चालक को वर्दी का धौंस दिखाकर अवैध तरीके से वसूली कर रहा था। पुलिस उस वर्दीधारी इंसान को पकड़कर जब थाने लेकर आई, तो उसके सुर भी बदल गए। उसने कुजू ओपी प्रभारी को बताया कि वह डीटीओ ऑफिस का स्टाफ है। डीटीओ के आदेश से ही वह गाड़ियों की जांच कर रहा है। 
डीटीओ ने कहा वह मेरा स्टाफ नहीं
इस मामले की तह तक जाने के लिए कुछ जो ओपी प्रभारी भरत पासवान ने डीटीओ के.के. राजहंस से संपर्क किया। डीटीओ ने जो जवाब दिया उसके बाद ओपी प्रभारी के होश उड़ गए। डीटीओ ने साफ शब्दों में कह दिया कि उनके यहां सीआईएसएफ तो बहुत दूर की बात है। कोई होमगार्ड का जवान भी नहीं है। अगर गाड़ियों की जांच भी करनी होगी तो वे खुद ही करते हैं। उनके ऑफिस में और भी कई कर्मचारी हैं। सीआईएसएफ की वर्दी के पीछे के इंसान को ना तो वह जानते हैं और ना ही उसका नाम के कभी भी उन्होंने सुना है।
कई दिनों से फर्जी पुलिस बनकर कर रहे थे जांच
दरअसल पुलिस की वेश में तोपा निवासी आफताब और गोविंद नामक दो युवक कई दिनों से गाड़ियों की जांच कर रहे थे। वह लोग वाहन चालकों से रुपए की वसूली भी कर रहे थे। वह दोनों बाइक जे ए 24 ई- 3836 से निकलते थे, और एक शातिर अपराधियों की तरह अपनी योजना को अंजाम देते थे। 
कुजू ओपी प्रभारी ने इस पूरी घटना को अफवाह करार दिया। कुजू ओपी क्षेत्र में यह पूरा मामला कई घंटे तक चलता रहा। कुजू पुलिस पकड़ कर उस फर्जी वर्दीधारी को थाने भी लाई। लेकिन मीडिया वालों के सामने पुलिस ने कोई और ही राग अलापा। कुजू ओपी प्रभारी भरत पासवान ने साफ तौर पर इन सारी बातों को अफवाह करार दिया। उन्होंने कहा कि टोपा में कोई भी व्यक्ति सीआईएसएफ का जवान नहीं है। उनके यहां कोई ऐसी घटना नहीं घटी है और ना ही किसी ऐसे फर्जी व्यक्ति को उन्होंने पकड़ा है। लेकिन पुलिस की पूरी कार्रवाई की वीडियो और फोटो वायरल हो रहा है। इस पर थाना प्रभारी को सांप सूंघ गया और उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया।

फर्जी वर्दीधारी को छोड़ने के लिए वसूली गई होगी मोटी रकम
फर्जी वर्दीधारी आफताब को छोड़ने के लिए कुजू प्रभारी के द्वारा शायद मोटी रकम वसूली गई है। इसीलिए उन्होंने मीडिया में खुलकर इस बात को नहीं रखा। रविवार की रात ही दलालों और पैरबीकारों की भीड़ कुज्जू ओपी के बाहर लगी हुई थी। अब यह पूरा मामला जांच के घेरे में है। अगर एसपी इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करते हैं, तो कुजू प्रभारी भरत पासवान के द्वारा बरती गई घोर लापरवाही सामने आएगी। 

हिन्दुस्थान समाचार


 
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