चुनावी विशेष

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लोस परिणाम: रतलाम जिले की तीनों ससदीय सीटों पर भाजपा का कब्जा, डामोर ने कांग्रेस का गढ़ ढहाया

23/05/2019

रतलाम, 23 मई (हि.स.) । प्रधानमंत्री मोदी के प्रभाव का ऐसा कहर रहा कि देश में जैसे आंधी नहीं सुनामी चली हो, जिसका ही परिणाम है कि वर्षों तक कांग्रेस का गढ़ रहा रतलाम-झाबुआ संसदीय क्षेत्र ढह गया। भाजपा उम्मीदवार गुमानसिंह डामोर ने लोकसभा चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार कांतिलाल भूरिया को एक लाख 39 हजार 80 मतों से पराजित किया, वहीं हाल ही में संपन्न हुए विधानसभा चुनाव में उनके बेटे विक्रांत भूरिया को पराजित किया था। 

रतलाम जिले से जुड़ी तीन संसदीय सीटों रतलाम-झाबुआ, आलोट-उज्जैन एवं जावरा-मंदसौर संसदीय क्षेत्र पर इस बार भाजपा का परचम लहराया है, जबकि गत लोकसभा चुनाव में रतलाम-झाबुआ संसदीय क्षेत्र को छोड़कर दोनों ही संसदीय क्षेत्र पर भाजपा का कब्जा था। इस चुनाव में उज्जैन से अनिल फिरोजिया, मंदसौर से पुन: सुधीर गुप्ता और रतलाम झाबुआ से गुमानसिंह डामोर रिकार्ड मतों से विजयी हुए। सुधीर गुप्ता ने लगभग 3 लाख 44 हजार 796 मतों तथा अनिल फिरोजिया ने 3 लाख 64 हजार 132 मतों से विजयी प्राप्त की। 

राजनीति में हाल ही में प्रवेश करने वाले डामोर ने संसदीय क्षेत्र की अधिकांश सीटों पर प्रारंभ से ही बढ़त बनाए रखी और अंत में जीत हासिल कर ली। उनकी जीत को लेकर कई प्रकार की शंका व्यक्त की जा रही थी कि कांग्रेस के इस गढ़ में भाजपा का नया चैहरा क्या कांतिलाल भूरिया को चारो खाने चित कर पाएगा और क्या यह आदिवासी क्षेत्र जो कांग्रेस का परम्परागत रहा है ? क्या उस पर भाजपा का कब्जा हो सकेगा,ऐसे अनेक प्रश्न थे जिसे लेकर अनेक प्रकार की भ्रांतिया और चर्चा थी। इस अनुमान को दूर करते हुए डामोर ने अंतत: भाजपा का परचम लहरा दिया। 

इस संसदीय क्षेत्र की विधानसभा रतलाम से भाजपा को 53138,रतलाम ग्रामीण से 36387 मतों से बढ़त मिली, वहीं कांग्रेस सैलाना क्षेत्र से 2834 मतों से विजयी रही। सैलाना क्षेत्र में अक्सर कांग्रेस को काफी लीड मिलती है, लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुआ, जिसके लिए मोदी फेक्टर को ही प्रमुख माना जा रहा है।  

जीत का जश्न मना

देश में पुन: भाजपा की सरकार बनने की खुशी में तथा संसदीय क्षेत्र में दूसरी बार भाजपा का परचम लहराए जाने पर कार्यकर्ताओं ने जमकर आतिशबाजी की और कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे को बधाई दी। भाजपा कार्यालय पर भी विधायक चेतन्य काश्यप के साथ ही पार्टी के पदाधिकारियों की उपस्थिति में भाजपा की जीत पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए एक-दूसरे को बधाई दी।  चौराहे-चौराहे पर भी आतिशबाजी कर भाजपा की महा जीत पर जश्न मनाया गया।  

रतलाम-झाबुआ लोकसभा सीट का इतिहास 

पिछले हुए  लोकसभा चुनाव में इस सीट पर कांग्रेस ने मात्र 3 बार पराजय का सामना किया, लेकिन 11 बार इस सीट पर विजय का ताज पहनकर यह कांग्रेस के गढ़ के रूप में उभरी है। इस सीट पर दो भूरिया का कब्जा रहा है। पहले दिलीपसिंह भूरिया और बाद में कांतिलाल भूरिया इस सीट पर आदिवासियों के मसीहा बनकर उभरे हैं।

रतलाम-झाबुआ सीट पर कांग्रेस की नेत्री जमुनादेवी ने कांग्रेस और जेएनपी दोनों से भाग्य आजमाया, जिसमें वे कांग्रेस से विजयी रही, जबकि जेएनपी से उन्हें पराजय का सामना करना पड़ा। भागीरथ भंवर ने इस सीट पर लगातार दो बार अलग पार्टी से विजयश्री प्राप्त की तो दिलीपसिंह भूरिया ने कांग्रेस से 4 और भाजपा से एक बार विजयी रहे। कांग्रेसी नेता व पूर्व केन्द्रीय मंत्री कांतिलाल भूरिया ने इस सीट पर 6 बार भाग्य आजमाया, जिसमें 5 बार विजयी रहे और वर्तमान में इस सीट पर वे सांसद के रूप में काबिज है, लेकिन सातवीं बार चुनाव लड़ते हुए उन्हें पराजय का सामना करना पड़ा। 

रतलाम झाबुआ लोकसभा सीट पर पहला चुनाव 1957 में हुआ तथा इस सीट पर पहले सांसद बनने का गौरव कांग्रेस के अमरिसंह के नाम है। इस चुनाव में अरमसिंह ने जनसंघ के नाथूसिंग को 41596 वोट से हराया था। 1962 के चुनाव में जमुनादेवी ने जेएस के गट्टू को 22384 से, 1967 में कांग्रेस के सूरसिंह ने सादीबाई एसएमपी को 28385 से, 1971 में एसएमपी के भागीरथ भंवर ने कांग्रेस के सुरसिंग को 26593 से, 1977 में भागीरथ भंवर ने बीएलडी से चुनाव लड़कर कांग्रेस के दिलीपसिंह भूरिया को 62672 से, 1980 में कांग्रेस के दिलीपसिंह भूरिया ने जेएनपी की जमुनादेवी को 90136 मतों से, 1984 में कांग्रेस के दिलीपसिंह भूरिया  ने भाजपा के भगवानसिंह चौहान को 134532 से, 1989 में कांग्रेस के दिलीपसिंह भूरिया ने भाजपा के भगवानसिंह चौहान को 116957 से, 1991 में कांग्रेस के दिलीपसिंह भूरिया ने भाजपा की रेलम चौहान को 134402 से, 1996 में कांग्रेस के कांतिलाल भूरिया ने भाजपा के दिलीपसिंह भूरिया को 82375 से, 1999 में कांग्रेस के कांतिलाल भूरिया ने भाजपा के दिलीपसिंह भूरिया को 149377 से, 2004 में  कांग्रेस के कांतिलाल भूरिया ने भाजपा की रेलम चौहान को  80282 से, 2009 में कांग्रेस के कांतिलाल भूरिया ने भाजपा के दिलीपसिंह भूरिया को  57668 से, 2014 में भाजपा के दिलीपसिंह भूरिया ने कांग्रेस के कांतिलाल भूरिया को 108447 से पराजित किया तथा  2015 के उपचुनाव में कांग्रेस के कांतिलाल भूरिया ने भाजपा की निर्मला भूरिया को 88832 मतों से पराजित कर इस सीट पर पुन: कब्जा किया था।

हिन्दुस्तान समाचार/शरद / मुकेश/ रामानुज


 
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