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जीडीपी के संतुलन के‍ लिए सरकार को जनसंख्‍या नियंत्रित करनी चाहिए : गुप्‍ता

14/01/2020

नई दिल्‍ली/लुधियाना, 14 जनवरी (हि..)। अमेरिका का सकल घरेलू उत्‍पाद यानी (जीडीपी) वृद्धि दर महज 2.5 फीसदी है, तब भी अमेरिकी लोग अमीर हैं,  लेकिन यहां भारत में हमलोग जीडीपी में 5.0 फीसदी की दर से वृद्धि कर रहे हैं। इसके बावजूद हमलोग गरीबी का सामना कर रहे हैं,  जबकि वामपंथी लोग भुखमरी से आजादी की खातिर संघर्ष कर रहे हैं। क्‍योंकि, इसका पूरा श्रेय हमारी विशाल व अनियंत्रित जनसंख्या को जाता है, जो हमारी अर्थव्यवस्था को दिन-प्रतिदिन खतरे में डाल रही है।

ये बात हिन्‍दुस्‍थान समाचार से बातचीत के दौरान फर्नेस एसोसिएशन के अध्यक्ष महिंदर गप्‍ता ने कही। मंडी गोविंदगढ़ निवासी महिंदर गुप्‍ता, लुधियाना के नजदीक स्थित पंजाब का एक कस्बा है, जो झारखंड के जमशेदपुर की तरह पंजाब के इस्पात शहर (लोहा मंडी) के नाम से जाना जाता है।

संवाददाता द्वारा देश में आर्थिक मंदी और मंडीगोविंदगढ़ पर इसके प्रभाव के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने वैश्विक मंदी को इसकी एक वजह बताया। बातचीत के दौरान गुप्ता ने कहा कि खपत बढ़ाने के लिए किसी भी सरकार के पास कोई सूत्र नहीं है। उन्‍होंने कहा कि खपत और इसके विपरीत मंदी ने लोगों को मनोवैज्ञानिक रूप से अधिक मंदी के लिए मजबूर किया है।

महिंदर गुप्‍ता ने उदाहरण के तौर पर कहा कि अगर ईंधन के भंडार में कमी हो रही है और लोग इससे यदि अवगत हैं,  तो वे कतार में बढ़ती भीड़ में खड़े होंगे। हालांकिगुप्ता ने मंदी को विपक्ष के लिए एक प्रमुख प्रचार मशीन ही करार दिया।

जब गुप्ता से सीएए (नागरिक संशोधन अधिनियम) के बीच विरोधाभास के बारे में और जनसंख्या नियंत्रण उपाय (क्योंकि सीएए के माध्यम से जनसंख्या बढ़ सकती है, क्योंकि पड़ोसी देश के लोग बहुत ज्‍यादा आ सकते हैं) को लेकर संवाददाता ने जब सवाल पूछा तो उन्‍होंने इन आरोप का खंडन करते हुए कहा कि देश में कितने बांग्लादेशी रह रहे हैं।

इस्पात उद्योगों और विशेषकर मंडी गोविंदगढ़ की स्थिति को सुधारने के लिए गुप्‍ता ने कहा कि सरकार को बिजली, पानी की आपूर्ति, उचित स्वच्छताआदि बुनियादी ढांचे का विकास करना चाहिए। साथ ही महिंदर गुप्ता ने अर्थव्यवस्था को निर्यात-उन्मुख बनाने का भी आग्रह किया, क्योंकि खपत केवल निर्यात के माध्यम से ही  बढ़ाई जा सकती है।

हिन्‍दुस्‍थान समाचार/मुकेश/प्रमोद/प्रजेश शंकर 


 
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