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बुलबुल के मद्देनजर प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव ने की उच्च स्तरीय बैठक

07/11/2019

अनूप शर्मा

नई दिल्ली, 07 नवम्बर (हि.स.)। प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव डॉ पीके मिश्रा ने चक्रवाती तूफान ‘बुलबुल’ के मद्देनजर स्थिति से निपटने से जुड़ी तैयारियों की समीक्षा करने के लिए गुरुवार को ओडिशापश्चिम बंगाल और केंद्र शासित प्रदेश अंडमान-निकोबार द्वीप समूह के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक की।

बैठक में पिछले कुछ घंटों में चक्रवात ‘बुलबुल के कारण उत्पन्न स्थिति की समीक्षा की गई। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के महानिदेशक ने चक्रवात बुलबुल पर विस्तृत पूर्वानुमान दिया। इसमें चक्रवात के अनुमानित ट्रैक और समुद्र और ओडिशा और पश्चिम बंगाल के तटों पर हवा की गति और वर्षा के अनुमान की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि तटीय ओडिशा में आठ नवम्बर को 70-80 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने की संभावना है। इसी तरह की स्थिति नौ नवम्बर को तटीय पश्चिम बंगाल में भी रहने की संभावना है। इसके अलावा समुद्र की स्थिति बहुत उथल-पुथल वाली होगी और मछली पकड़ने पर रोक लगाने की सलाह दी गई।

राज्य के मुख्य सचिवों ने बताया कि तटीय क्षेत्रों में सभी एहतियाती कदम उठाए गए हैं और जिलों में स्थिति पर निगरानी रखी जा रही है। सभी मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी गई है और समुद्र में गए लोगों को वापस लौटने की सलाह दी गई है।

एनडीआरएफ डीजी ने बताया कि उनकी टीमें सभी आवश्यक उपकरण जैसे पेड़ कटर और पोल कटर आदि के साथ पूरी तरह तैयार हैं। भारतीय तटरक्षक भी मछुआरों और व्यापारी जहाज को समुद्र में न जाने के लिए सतर्क और सलाह दे रहा है।

प्रधान सचिव ने उन्हें यह सुनिश्चित करने के लिए सभी संभव उपाय करने की सलाह दी कि मानवीय एवं सपत्ति से जुड़ी क्षति कम से कम हो। उन्होंने इन परिस्थितियों में सभी आवश्यक केंद्रीय सहायता का राज्यों को आश्वासन भी दिया।


हिन्दुस्थान समाचार


 
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