ट्रेंडिंग

Blog single photo

सौराष्ट्र-कच्छ पर 'वायु' का खतरा, 2.91 लाख लोगों को तटीय क्षेत्रों से हटाया गया

12/06/2019

हर्ष
अहमदाबाद, 12 जून (हि.स.)। 140 से 150 किमी. प्रति घंटे की रफ़्तार से सौराष्ट्र की ओर बढ़ रहा 'वायु' बवंडर अभी वेरावल से करीब 320 किमी. दूर है। यह बवंडर अब डीप डिप्रेशन में परिवर्तित हो चुका है  और गुजरात के तट से टकराने के बाद सौराष्ट्र-कच्छ के तटीय इलाकों में तबाही मचा सकता है। ऐसे में 5 से 7 इंच बारिश होने की संभावना जताई जा रही है सौराष्ट्र के तटीय विस्तार के गांवों से अब तक लगभग 2.91 लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा जा चुका है 
अरब सागर में स्थित डीप डिप्रेशन अब बवंडर में तब्दील होने से गुजरात के तटीय इलाकों में चिंता व्याप्त हो चुकी है 12 और 13 को स्कूल-कालेजों में छुट्टी घोषित कर दी गई है स्कूल-कालेजों के परिसरों को आपातकालीन स्थिति में लोगों को शरण देने के काम में लाया जायेगा। मंगलवार शाम को मुख्यमंत्री विजयभाई रुपानी की अगवाई में हुई बैठक में राज्य के मुख्य सचिव जेएन सिंघ ने सौराष्ट्र और कच्छ के जिला कलेक्टरों से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये वार्ता की थी 'वायु' बवंडर की वजह से लोगों के जान-माल की सुरक्षा के लिए सरकार ने सौराष्ट्र और कच्छ जिले के संभावित प्रभावित क्षेत्रों में सेना की 34 टीमें, एनडीआरएफ की 15 टुकड़ियां, एसडीआरएफ की 11 टीमें 24 घंटे तैनात रहेंगी
एनडीआरएफ की 20 अतिरिक्त टीमें पुणे और भटिंडा से सौराष्ट्र भेजी जा चुकी हैं पोरबंदर, महुआ, वेरावल और दिव में बारिश शुरू हो चुकी हैबवंडर का असर दिव और उना में ज्यादा देखने को मिल रहा है सौराष्ट्र के तटीय इलाकों में भय सूचक संकेत प्रसारित किए गए हैं मांगरोल तालुका के चार गांवों और मालिया तालुका के 4 गांवों को अलर्ट कर दिया गया है गिर सोमनाथ जिला प्रशासन ने भी अलर्ट घोषित किया है सौराष्ट्र के तटीय इलाकों के 408 गांवों में ज्यादा असर होने की संभावना जताई गई हैराज्य के नायब मुख्यमंत्री नितिन पटेल लगातार प्रशासन के संपर्क में हैं। सभी सरकारी एजेंसियां भी सरकार से संपर्क बनाए हुए हैं
सरकार द्वारा आपदा की स्थिति को संभालने के लिए 5 लाख फ़ूड पैकेट्स तैयार करने के लिए राज्य के आपूर्ति विभाग को निर्देश दिए हैंफ़ूड पैकेट्स में पानी के पाउच के साथ सूखा नाश्ता रखने को कहा गया है सरकार ने इस आपदा की परिस्थिति में बीएसएनएल और एनी मोबाइल ऑपरेटर्स को खास निर्देश दिए हैं कि इस आपदा की स्थिति में भी मोबाइल टावर कार्य करते रहें। 
हिन्दुस्थान समाचार


News24 office

News24 office

Top