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उबासी लेते पकड़े गए सरफराज

10/07/2019

उबासी लेते पकड़े गए सरफराज


भारत-पाकिस्तान क्रिकेट मुकाबले का स्लाइड शो बनाया जाए तो कई यादगार तस्वीरें हर क्रिकेट प्रेमी के जेहन में होंगी। भारतीय क्रिकेट प्रेमियों के दिलों में आजतक नश्तर की तरह चुभने वाला चेतन शर्मा की आखिरी गेंद पर जावेद मियांदाद का छक्का, सेंचुरियन के मैदान में रावलपिंडी एक्सप्रेस को मैच की शुरुआत में ही पंक्चर कर देने वाला प्वाइंट के ऊपर से तेंदुलकर का अविश्वसनीय छक्का, बेंगलुरू में विश्वकप का वो मैच जिसमें बेहद तनाव भरे क्षणों में वेंकटेश प्रसाद ने पाकिस्तान के आमिर सोहेल को सटीक गेंदबाजी से पवेलियन का रास्ता दिखाया था। एक मुकाबला वह भी जब जावेद मियांदाद ने भारतीय विकेटकीपर किरण मोरे की बार-बार की अपील से चिढ़कर मेंढ़क की तरह उछलना शुरू कर दिया था। इन यादगार तस्वीरों में एक ताजा तस्वीर भी जुड़ गई है- पाकिस्तानी टीम के कप्तान सरफराज की जम्हाई।

भारत और पाकिस्तान के करोड़ों क्रिकेट प्रेमियों को 16 जून का इंतजार था। मैनचेस्टर के ओल्ड ट्रैफर्ड मैदान पर खेला गया मुकाबला पाक कप्तान की उबासियों, प्वाइंट के ऊपर से लगाया गया रोहित शर्मा का सिक्सर, हार्दिक पांड्या शो,पाकिस्तान के ‘रेलु कट्टू’ और ट्वीट के जरिए सरफराज खान को दी गई इमरान की सलाह के साथ बीत गया।

विश्वकप में भारत और पाकिस्तान के करोड़ों क्रिकेट प्रेमियों को 16 जून का इंतजार था। मैनचेस्टर के ओल्ड ट्रैफर्ड मैदान पर खेला गया यह मुकाबला पाक कप्तान की उबासियों, प्वाइंट के ऊपर से लगाया गया रोहित शर्मा का सिक्सर, हार्दिक पांड्या शो, पाकिस्तान के ‘रेलु कट्टू’ और ट्वीट के जरिए सरफराज खान को दी गई इमरान की सलाह के साथ बीत गया। भारत ने यह मुकाबला 89 रनों से दबदबे के साथ जीता। अब नाराज पाकिस्तानी क्रिकेट प्रेमी अपनी टीम के कप्तान सरफराज को ट्रोल कर रहे हैं लेकिन इमरान ख़ान को सरफराज ख़ान का शुक्रगुजार होना चाहिए कि उन्होंने उनका मशविरा नहीं माना। पाक टीम के कप्तान ने अपने देश के प्रधानमंत्री इमरान की टॉस जीतकर पहले बैटिंग करने की सलाह को सिरे से नकार दिया। क्या होता अगर सरफराज ने इमरान की बात मानकर पहले बैटिंग ही की होती और फिर भी मुकाबला हार जाते? पाकिस्तान को इकलौता विश्वकप दिलाने वाले इमरान खान की सलाह भी तब दो कौड़ी की साबित हो गई होती। इमरान ने भारत के साथ मुकाबले में टीम के ‘रेलु कट्टूओं’ (बेकार के तत्वों के लिए आमतौर पर इस्तेमाल होता है) को न खिलाने की सलाह दी थी।

मानो इमरान को भी यकीन है कि उनकी टीम में ऐसे तत्वों का बोलबाला है, जो सिफारिशों के बलबूते टीम में जगह पा जाते हैं। जबकि टीम के चयनकर्ता के पद पर इमरान के बेहद करीबी पूर्व पाक कप्तान इंजमामुल हक हैं। ऐसी स्थिति में क्या होता अगर सरफराज ने इमरान की सलाह मान ली होती और यह मैच पाकिस्तान जीत भी गया होता। फिर होता ये कि हर मैच के पहले कप्तान टीम चयन, मैदान पर फींल्डंग सजाने से लेकर पहले बॉलिंग या बैटिंग के फैसले के लिए प्रधानमंत्री के आदेश का इंतजर करता। क्योंकि यह यकन और पुख़्ता हो जाता कि इमरान की सलाह ही जीत का मंत्र है। यह तथ्य भुला दिया गया होता कि स्वयं इमरान की अगुवाई वाली पाकिस्तानी टीम भी विश्वकप मुकाबले में भारत से जीत नहीं पाई थी। भले ही विश्वकप जीत लिया हो। इसलिए सरफराज ने एक तरह से अपने प्रधानमंत्री इमरान ख़ान की सलाह की लाज ही रख ली। बुरी तरह हार के बाद पाकिस्तानी क्रिकेट टीम की अंदरूनी कलह खुलकर सामने आ गई है। पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर से लेकर आम जनता तक अपनी टीम के कप्तान सरफराज से बुरी तरह नाराज हैं, जो इस अहम मुकाबले के दौरान जब भारत के दोनों सलामी बल्लेबाज रन कूट रहे थे, विकेट के पीछे बार-बार जम्हाइयां लेते हुए कैमरे में कैद हो गए। सो, अब उनकी फिटनेस पर सवाल उठ रहे हैं।

वैसे, मशहूर है कि दो साल पहले टीम में सरफराज की जगह तक नहीं बन पा रही थी। चयनकर्ताओं ने उन्हें टीम का कप्तान बना दिया। चैंम्पयस ट्रॉफी के फाइनल में जैसे-तैसे भारत के खिलाफ जीतकर सरफराज ने विश्वकप में कप्तान के तौर पर दावेदारी पक्की कर ली। सरफराज जानते हैं कि वह विश्वकप तक ही कप्तान तो क्या, टीम में खिलाड़ी के तौर पर भी शामिल हैं। उन्होंने पलटवार शुरू कर दिया कि विश्वकप में पाकिस्तान कोई पहली बार तो भारत से हारा नहीं है। बात भी सही है। पाकिस्तान की ताजा सातवीं हार से कौन-सा आसमान टूट गया। भारतीय क्रिकेट प्रेमी अव्वल तो अपनी टीम से पाकिस्तान को पीटने का सिलसिला बनाए रखने पर खुश हैं। ऊपर से वाघा बॉर्डर पर उछलकूद कर भारत को चुनौती देने के लिए चर्चित पाकिस्तानी गेंदबाज हसन अली के 9 ओवरों में सर्वाधिक 84 रन पीटकर भारतीय बल्लेबाजों ने जैसे विपक्षी टीम की धज्जियां उड़ा दीं। टीम इंडिया ने यह मुकाबला पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के पद पर एक पूर्व पाक कप्तान के रहते जीता है। बालाकोट और अभिनंदन एपिसोड हुए ज्यादा समय नहीं गुजरे हैं। भारत-पाक के कड़वाहट के इस दौर में क्रिकेट स्टेडियम से भारतीय प्रशंसकों के जीत के शोर को समझना ज्यादा मुश्किल नहीं है।


 
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