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कहानी ‘गौसेवक’ को राजेन्द्र यादव हंस कथा सम्मान

06/09/2019

कहानी ‘गौसेवक’ को राजेन्द्र यादव हंस कथा सम्मान

युगवार्ता डेस्क

इंडिया इंटरनेशनल सेंटर एनेक्सी सभागार में 28 अगस्त को कहानीकार और पत्रकार अनिल यादव को राजेंद्र यादव हंस कथा सम्मान से सम्मानित किया गया। हंस की प्रबंध निदेशक रचना यादव ने अनिल यादव को हंस पदक चिन्ह और शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया।

हंस पत्रिका के मार्च, 2019 के अंक में गौसेवक कहानी प्रकाशित की गई थी। पुरस्कृत कहानियों का चयन अगस्त 2018 से जुलाई 2019 के दौरान हंस में प्रकाशित कहानियों में से किया गया है। हंसाक्षर ट्रस्ट और हंस पत्रिका हर वर्ष साहित्यकार और संपादक राजेन्द्र यादव की स्मृति में उनके जन्मदिवस के उपलक्ष्य में यह सम्मान देता है। इस अवसर पर हर वर्ष (अगस्त से जुलाई) माह की अवधि में हंस पत्रिका में छपी सर्वश्रेष्ठ कहानी को सम्मानित किया जाता है। कार्यक्रम में वरिष्ठ कथाकार अखिलेश, वंदना राग और रवि मंचासीन थे। इन सभी ने कहानी गौ सेवक पर विभिन्न कोणों से प्रकाश डाला। वरिष्ठ कहानीकार वंदना ने कहा कि कहानी में कई परतें हैं।

कहानी आदिवासी समाज की गहराई से पड़ताल करती है। साहित्यकार रवि ने कहानी की भाषा को रोचक और व्यंग्यात्मक पुट के पर प्रकाश डाला। इसके बाद इस कहानी पर वरिष्ठ साहित्यकार अखिलेश ने कहा कि इस कहानी में कई कहानियां चलती हैं। कहानी का पाठक कहानी के किसी भी निष्कर्ष पर जैसे ही पहुंचने की कगार पर होता वहीं से कहानी दूसरी ओर मुड़ जाती है। अनिल में पत्रकारिता, यात्री और लेखक जैसे तीन तत्व हैं, वैसे ही इस कहानी में भी ऐसा ही कुछ देखा जा सकता है। कहानी कई हिस्सों में चलती है जिससे पाठक खुद को बांध लेता है। इस कार्यक्रम में आम लोगों के साथ कई विशिष्ट लोग श्रोता के रूप में मौजूद थे।


 
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