युगवार्ता

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तीन माह, तेरह मंत्री

01/07/2019

तीन माह, तेरह मंत्री


सुधीर जोशी

विधानसभा चुनाव से महज तीन महीने पहले देवेंद्र फडणवीस ने अपने मंत्रिमंडल का विस्तार कर एक साथ कई संदेश देने की कोशिश की है।

लोकसभा चुनाव में मिली जबर्दस्त जीत के बाद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अक्टूबर में होने जा रहे संभावित राज्य विधानसभा चुनाव से सिर्फ तीन माह पहले अपने मंत्रिमंडल का विस्तार करते हुए 13 नए मंत्रियों को शपथ दिलाई है। इसे देखते हुए यह कहना 100 फीसदी सच है कि भाजपा की ओर से मुख्यमंत्री को इस बात की पूरी छूट दी गई कि वे अपनी मर्जी से मंत्रियों का चयन करें। दूसरे दलों से भाजपा में आए नेताओं को मंत्री बनाने से पार्टी के अंदर विद्रोह की ज्वाला भड़क सकती है, इस बात को ध्यान में रखकर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मंत्रिमंडल विस्तार से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह तथा वरिष्ठ भाजपा नेता नितिन गडकरी से बातचीत की और उसके बाद किसे मंत्री बनाया जाए, किसको कौन सा विभाग दिया जाए।
किसकी जिम्मेदारी बढ़ायी जाए और किसकी कम की जाए। शिवसेना की अनेक मांगों में से किसे स्वीकारा जाए और किसे नकारा जाए। इन सभी पहलुओं पर गहनता से विचार किया और उसके आधार पर कांग्रेस से भाजपा में आए राधाकृष्ण विखे पाटिल को गृहनिर्माण मंत्री बनाया। इस विभाग की जिम्मेदारी पहले प्रकाश मेहता के पास थी, लेकिन एक भूमि विवाद के कारण विपक्ष के निशाने पर आए प्रकाश मेहता को मंत्रिमंडल से हटाकर मुख्यमंत्री ने एक तीर से दो निशान साधने की कहावत को पूरा कर दिया। मंत्रिमंडल में स्थान पाने वाले भाजपा नेताओं में एक नाम मुंबई भाजपा अध्यक्ष आशीष शेलार का भी है।
शेलार को स्कूली शिक्षा, खेल तथा युवक कल्याण विभाग की जिममेदारी सौंपी गई है। हालांकि मंत्रिमंडल विस्तार से पहले यह कयास लगाए जा रहे थे कि शेलार को प्रकाश मेहता की जगह गृह निर्माण विभाग की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी, लेकिन वैसा नहीं हुआ। कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ लेने वालों नेताओं की सूची में राधाकृष्ण बिखे पाटिल, आशीष शेलार के अलावा डॉ संजय कुटे (कामगार, अन्य पिछडा वर्ग, विशेष पिछड़ा प्रवर्ग कल्याण विभाग), डॉ, सुरेश खाडे (सामाजिक न्याय विभाग), डॉ, अनिल बोंडे (कृषि), प्रो. डॉ. अशोक उईके (आदिवासी विकास) तथा प्रो. डॉ. तानाजी सावंत (जलसंधारण विभाग) का समावेश है। मंत्रिमंडल विस्तार में जिन पांच नेताओं को राज्य मंत्री के तौर पर स्थान दिया गया है, उनमें योगेश सागर (नगरविकास विभाग), अविनाश महातेकर (सामाजिक न्याय विभाग), संजय बाला भेगड़े (कामगार, पर्यावरण, मदद एवं पुनर्वास विभाग), डॉ. परिणय फुके (सार्वजनिक निर्माण कार्य) तथा अतुल सावे (उद्योग, खनिज कार्य एवं अल्पसंख्यक विभाग) का समावेश है। इस बहुप्रतीक्षित मंत्री विस्तार में भाजपा के 10, शिवसेना के दो तथा आरपीआई के एक विधायक ने मंत्री पद की शपथ ली।
मावल के संजय भेगड़े के साथ-साथ पश्चिम महाराष्ट्र तथा मराठवाडा क्षेत्र से दो विधायकों को मंत्री पद देकर मुख्यमंत्री ने साफ तौर पर यही संदेश दिया है कि उन्होंने राज्य के सभी क्षेत्रों को प्रतिनिधित्व दिया है। हालांकि मुख्यमंत्री ने अपने मंत्रिमंडल में 13 नए चेहरों को स्थान तो दिया लेकिन उन्होंने प्रकाश मेहता, विष्णु सावरा, राजकुमार बडोले, विद्या ठाकुर, राजे अंबरीशराव अत्राम, प्रवीण पोटे पाटिल को बाहर रास्ता दिखाया है। बहरहाल, विधानसभा चुनाव संबंधी आचार संहिता सितंबर माह में लागू होगी, इस आधार पर नए मंत्रियों को सिर्फ तीन माह ही काम करने का अवसर मिलेगा, इसीलिए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस इन मंत्रियों के रिपोर्ट कार्ड पर ज्यादा ध्यान नहीं देंगे। 3 माह की अल्पावधि के लिए मंत्रिमंडल का विस्तार करके मुख्यमंत्री ने यही बताने की कोशिश की है कि उन पर किसी का दबाब नहीं है और वे किसी भी मंत्री को बाहर का रास्ता दिखा सकते हैं।
विस्तार के तुरंत बाद राज्य विधानसभा का सत्र शुरू हो गया है। अधिवेशन में विपक्ष को हावी होने का एक भी मौका फडणवीस सरकार की ओर से नहीं दिया जाएगा, ऐसा दावा मुख्यमंत्री तथा उनकी सरकार के नेताओं ने किया है। अब देखना यह है कि सरकार विपक्ष को चारों खाने चित्त कैसे करती है।


 
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