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अफरीदी के बयान से प्रभावित होगा खेल जगत

19/05/2020

योगेश कुमार सोनी

पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर शाहिद अफरीदी का एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें वह भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर धार्मिक भेदभाव करने के आरोप लगाते हुए गलत शब्दों का प्रयोग कर रहे हैं। इस वीडियो पर चैनलों में डिबेट होने के बाद अफरीदी के बयान की चौतरफा निंदा हो रही है। आम से लेकर खास तक अफरीदी पर गुस्से का इजहार कर रहा है। देश के सभी दलों के नेता के अलावा अफरीदी के करीबी माने जाने वाले भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व खिलाड़ी हरभजन सिंह और युवराज सिंह ने भी कड़े स्वर में एतराज करते हुए कह दिया कि अफरीदी दोस्ती के लायक नहीं।

कुछ दिनों पहले मित्रता के आधार पर हरभजन सिंह और युवराज सिंह ने अफरीदी की एनजीओ के लिए मदद करने की अपील भी की थी लेकिन दोनों क्रिकेटरों को यह समझ में आ गया कि अफरीदी द्वारा की गई इस घटिया हरकत के बाद ऐसे लोगों की सहायता करना गलत था। हरभजन ने कहा कि ‘हमारा इरादा दोस्ती के आधार पर अच्छे व सामाजिक कार्यों को करने के लिए था लेकिन अफरीदी ने अपनी औकात दिखाई और अब अफरीदी से दोस्ती का कोई मतलब नहीं।‘ वहीं युवराज ने भी कहा कि ‘अफरीदी द्वारा हमारे माननीय प्रधानमंत्री जी के बारे में कहे शब्दों से बहुत निराशा हुई। मैनें मानवता के आधार पर मदद के लिए अपील की थी लेकिन अब कभी किसी प्रकार की सहायता नहीं करूंगा।‘

यदि अफरीदी के वीडियो पर गौर किया जाए तो ऐसा लग रहा था वो पहले से ही सोचकर आया था कि उसे यह सब बोलना है। कोरोना से जंग या उसके सुझाव पर तो वह बामुश्किल तीस सेंकड भी नहीं बोल पाया और मोदी के खिलाफ आग उगलनी शुरू कर दी। हालांकि अधितकर लोगों ने अफरीदी के बयान को गंभीरता से न लेते हुए उसे जोकर तक करार दे दिया। कुछ लोगों का मानना तो यह है कि आजकल जिसको भी हीरो बनना है वो बस मोदी के खिलाफ बोल दे, उसके बाद पूरी दुनिया की मीडिया का ध्यान उसकी ओर आकर्षित हो जाएगा। इस घटना का एक नजरिया यह भी समझा जा रहा है कि अफरीदी को इमरान खान का खास चेला बताया जाता है इसलिए ऐसा बोलकर शायद अपने आका को खुश करना चाह रहा हो। बहरहाल,अफरीदी की मंशा कुछ भी रही हो लेकिन उसके बयान का असर क्रिकटरों के रिश्तों पर देखने को मिल सकता है। जैसा मौजूदा वक्त में मोदी सबसे प्रभावशाली नेता बनकर उभरे हैं और उनकी लोकप्रियता देश ही नहीं पूरी दुनिया में देखने को मिल रही है, यह बात पाकिस्तान को बहुत चुभती है। इस बात को पाकिस्तान के पत्रकार व अन्य क्षेत्रों के दिग्गजों को रोजाना पाकिस्तानी चैनलों पर कहते सुना जा सकता है। पाकिस्तान की आवाम से लेकर तमाम लोगों ने यह माना है कि मौजूदा वक्त में मोदी ने भारत के सम्मान को शिखर तक पहुंचा दिया, इसके विपरीत जब से इमरान खान पाकिस्तान के प्रधानमंत्री बने हैं तब से पाकिस्तान में हर तरह का संकट गहराता जा रहा है। आर्थिक चुनौतियां तो हर रोज बढ़ ही रही हैं, साथ में सम्मान भी नहीं बच रहा।

वैसे तो भारत-पाकिस्तान को जोड़ने के लिए अब कुछ नहीं है लेकिन मात्र क्रिकेट ही बचा था जिसके आधार पर थोड़ी बहुत दोस्ती का आधार बना हुआ था लेकिन शाहिद अफरीदी ने अब वो भी दांव पर लगा दिया। पाकिस्तान के तमाम पूर्व क्रिकेटर भारत के कई शो में आते रहते हैं और वो इसलिए किया जाता है कि दोनों देशों में आपसी प्रेम बढ़े। कपिल शर्मा शो के अलावा अन्य कॉमेडी, सिंगिंग व डांसिंग शो में पाकिस्तानी क्रिकेटर आते रहते हैं लेकिन शायद अब ऐसा संभव न हो।

दरअलस कुछ लोगों को ऐसा लगता है कि नफरत फैलाकर हीरो बन सकते हैं लेकिन यह मात्र उनकी भूल है। बहरहाल, किसी भी खिलाड़ी सेलिब्रिटी को जबतक वो किसी पार्टी का चोला न पहन ले तबतक राजनीतिक बयान देकर अपनी छवि धूमिल नहीं करनी चाहिए, चूंकि उसकी लोकप्रियता पर ही इसका खराब प्रभाव पड़ता है। यदि वो ऐसा करेंगे तो उनके प्रशसंक भी वैसी ही प्रतिक्रिया देंगे जिससे नुकसान के अलावा कुछ नहीं होगा।

(लेखक स्वतंत्र टिप्पणीकार हैं।)


 
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