खेल

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आर्थिक तंगी के आगे घुटने टेक रही प्रतिभावान निशानेबाज

25/08/2019

सुनील दुबे
नई दिल्ली, 25 अगस्त (हि.स.)। खेल और खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार प्रयास तो कर रही हैलेकिन आज भी कुछ ऐसे खिलाड़ी हैं, जिनका कैरियर अभाव के चलते दम तोड़ता हुआ नजर आता है। ऐसी ही एक खिलाड़ी हैं महिला निशानेबाज  पूजा चौरसिया की।
तमाम राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में उधार की राइफल से स्वर्ण,रजत और कांस्य पदक पर  निशाना साधने वाली निशानेबाज पूजा चौरसिया एक अदद राइफल की मोहताज हैं। कई राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में सफलता का परचम लहरा उत्तर प्रदेश का नाम रोशन करने वाली राष्ट्रीय स्तर की 50 मी. 22 बोर पीप साईट राइफल की "रेनॉउण्ड शॉट"  निशानेबाज बनारस की इस बेटी के पास इतने पैसे नहीं है कि वह राष्ट्रीय और  अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी अमद दर्ज कराने के लिए एक अदद राइफल खरीद सके।
पूजा की आर्थिक स्थिति कुछ खास नहीं हैं। पूजा के पिता एक पान बेचने वाले हैं और उनकी इतनी आमदनी नहीं है कि घर का खर्च भी ठीक से चल सके ऐसे में पूजा और उनकी बहन मिलकर घर के खर्च को वहन करती हैं।
हिन्दुस्थान समाचार को दिये साक्षात्कार में पूजा ने बताया, “मैंने स्कूल में एनसीसी ली थी उसमें शूटिंग सिखाई जाती थी। एनसीसी  से मैं प्री नेशनल तक खेलने गई हूं। उसके बाद एनसीसी खत्म हो गई। मुझे शूटिंग शौक हो गया मुझे लगा कि मैं शूटिंग को अपना कैरियर बना सकती हूं फिर मुझे पता चला कि बनारस में राइफल क्लब है जहां पर शूटिंग सीखाई जाती है। वहां जा कर पता चला की शूटिंग काफी महंगा खेल है और एनसीसी में हम लोंगों का एक पैसा नही लगता था। मुझे लगा कि अब मैं कभी शूटिंग नही कर पाऊंगी क्योंकि पापा की इतनी इनकम नहीं कि वह पूरी तरह से मेरी सहायता कर सकें। ये बात अपनी दीदी से शेयर की तो दीदी ने कहा की वो सपोर्ट करेंगी तुम शूटिंग करों।
पूजा ने कहा कि राइफल क्लब में मुलाकात पंकज श्रीवास्तव सर से हुई उन्होंने मुझे शूटिंग में आने के लिए प्रोत्साहित किया और मुझे सीखाने हेतु तैयार हो गये। राइफल क्लब में मैने वार्षिक सदस्यता लेकर सीखना शुरू कर दिया और क्लब की राइफल से खेल कर मैं राष्ट्रीय स्तर की शूटर बन सकी।
पूजा ने आगे बताया कि क्लब की राइफल से कई शूटर्स प्रैक्टिस करते है इसलिये प्रैक्टिस का काफी कम समय मिल पाता है।राइफल भी अक्सर खराब भी रहती है। इसीलिये कोच सर के कहने से मैंने एयर राइफल की भी प्रैक्टिस शुरू कर दी जिसमें मैं प्री-नेशनल के लिए क्वालीफाई कर लिया है व दो पदक भी प्राप्त किये है।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में अच्छा प्रदर्शन करने हेतु कोच सर कहते है कि अपना वैपन्स होना आवश्यक है क्योंकि कम्पटीशन काफी कठिन है।
पूजा ने विश्वास जताया कि यदि उन्हें .22 बोर राइफल व कारतूस और एयर राइफल और पर्याप्त छर्रे मिल जाये तो 2 वर्ष के अन्दर वह अंतराराष्ट्रीय शूटिंग में अपने जिलेराज्य व राष्ट्र का नाम गौरवान्वित करेंगी।
पूजा द्वारा विभिन्न राज्य स्तरीय प्रतियोगितों में किया गया प्रदर्शन-
1.       9 वीं प्री यू पी स्टेट शूटिंग चैम्पियनशिप के .22 बोर पीप साइट राइफल प्रोन में रजत पदक व थ्री पोजीशन में कांस्य पदक।
2.       41 वीं यू पी स्टेट शूटिंग चैम्पियनशिप में  रजत पदक। 
3.       प्री नेशनल नार्थ जोन प्रतियोगितादेहरादून में भाग लिया और राष्ट्रीय शूटिंग चैम्पियनशिप प्रतियोगिता हेतु क्वालीफाई किया।
4.       केरल में आयोजित राष्ट्रीय शूटिंग चैम्पियनशिप में भाग लिया और "रेनॉउण्ड शॉट" ख्यातिप्लब्ध शूटर बनी।
5.       वर्ष 2019 में इटावा में आयोजित 11वीं प्री स्टेट में व्यक्तिगत रजत पदक व टीम इवेंट में भी रजत पदक। 
6.       मेरठ में आयोजित 42वीं यू पी स्टेट शूटिंग चैम्पियनशिप में 50 मी0 .22 बोर पीप साइट राइफल थ्री पोजीशन में व्यक्तिगत व टीम को रजत पदक व 10 मी0 .177 बोर पीप साइट एयर राइफल में व्यक्तिगत रजत व टीम स्पर्धा में स्वर्ण  के साथ कुल 4 पदक प्राप्त किया है।
हिन्दुस्थान समाचार


 
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