युगवार्ता

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पांच दिग्गजों पर गिरी गाज

22/10/2019

पांच दिग्गजों पर गिरी गाज

सुधीर जोशी

विनोद तावड़े, एकनाथ खडसे, चंद्रशेखर बावनकुले, प्रकाश मेहता और राज पुरोहित जैसे दिग्गजों का टिकट काटकर भाजपा ने नये चेहरों को अवसर दिया है। इसे लेकर सियासी हलकों में जबर्दस्त चर्चा है।

भाजपा ने अपने पांच दिग्गज नेताओं विनोद तावड़े, एकनाथ खडसे, चंद्रशेखर बावनकुले, प्रकाश मेहता और राज पुरोहित को टिकट न देकर सबको चौंका दिया। इन नेताओं को टिकट न मिलने के कारण अलग अलग हैं। एकनाथ खडसे को जहां मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की खिलाफत करने के लिए तो शिक्षा मंत्री विनोद तावड़े के कार्य करने के तरीकों से असहमति की वजह से टिकट नहीं दिया गया। खडसे का टिकट काटे जाने से नाराज समर्थकों को मनाने की जब सारी कोशिशें विफल हो गई तो उनकी बेटी रोहिणी खडसे को टिकट देकर मामले को ठंडा कर दिया गया। खडसे तथा तावड़े, दोनों का भाजपा से रिश्ता पच्चीस वर्ष पुराना है।
मुंडे-महाजन के दौर की राजनीति में तावड़े खडसे की गणना एक अच्छे नेता के रूप में होती थी। खडसे के पास उत्तर महाराष्ट्र की जिम्मेदारी थी, तो तावड़े को कोकंण क्षेत्र का दायित्व सौंपा गया था। मुंडे-महाजन के नेतृत्व के समाप्ति के साथ जब नितिन गडकरी महाराष्ट्र भाजपा प्रदेशाध्यक्ष बने तो खडसे तथा तावड़े भाजपा की कोर कमेटी में थे। निर्णय प्रक्रिया में सहभागी ये दोनों नेता राज्य में सत्ता आने के वक्त विरोधी पक्ष नेता थे। खडसे और तावड़े की ही तरह घाटकोपर पूर्व से प्रकाश मेहता के स्थान पर पराग शाह को उम्मीदवारी दी गई है। चूंकि यह इलाका गुजराती बहुल है, इसलिए पराग शाह की जीत लगभग तय मानी जा रही है। कोलाबा से विधायक राज पुरोहित के बजाय विधान परिषद् के सभापति रामराजे निंबालकर के दामाद राहुल नार्वेकर को टिकट मिला है।
कामठी से ऊर्जा मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले को टिकट न मिलना सबसे ज्यादा आश्चर्यजनक रहा। बावनकुले का टिकट कटने पर समर्थकों ने कोहराम मचा दिया। बावजूद इसके भाजपा ने टेकचंद सावरकर को टिकट थमा दिया। उपरोक्त पांच दिग्गज नेताओं के अलावा जिन अन्य विधायकों का पत्ता कटा है, उनमें नागपुर दक्षिण से सुधाकर कोहले, भंडारा निर्वाचन क्षेत्र से रामचंद्र अवसरे, साकोली से बाला काशीवार, तुमसर से चरण वाघमारे, मेलघाट से प्रभुदास भिलावेकर, आर्णी से राजू तोडसाम, उमरखेड से राजेंद्र नगरधने तथा बालापुर से सिरस्कार का समावेश है। नागपुर दक्षिण से इस बार भाजपा ने मोहन मते को चुनावी जंग में उतारा है। भंडारा विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र इस बार रिपाई के लिए छोड़े जाने के कारण वर्तमान विधायक रामचंद्र अवसरे को उम्मीदवारी नहीं मिल पाई, इस कारण इस सीट पर रिपाइं उम्मीदवार अरिवंद भालपुरे को महायुती का उम्मीदवार बनाया गया है।
सकोली विधानसभा के लिए भी इस बार नया चेहरा तलाशा गया है। यहां के वर्तमान विधायक बाला काशिवार का टिकट काटकर भाजपा ने साकोली से इस बार वन राज्य मंत्री परिणय फुके को उम्मीदवारी दी है। कांग्रेस ने इस सीट से नाना पडोले को उम्मीदवारी दी है। नाना पडोले ने इसी वर्ष हुए लोकसभा चुनाव में नागपुर संसदीय सीट से केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के खिलाफ चुनाव लड़ा था। तुमसर विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र से इस बार भाजपा ने भंडारा जिला भाजपा अध्यक्ष तथा तुमसर नगर परिषद के नगराध्यक्ष प्रदीप पड़ोले को चुनावी जंग में उतारा है। पिछली बार यहां से भाजपा ने चरण वाघमारे को टिकट दिया था और वाघमारे ने यह सीट अच्छे अंतर से जीती थी। नाराज वाघमारे ने यहां से निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर नामांकन पत्र भरा है, ऐसे में मुकाबला यहां रोचक हो गया है।
यवतमाल जिले के आर्णी से भाजपा विधायक राजू तोडसाम की जगह इस बार संदीप सुर्वे को प्रत्याशी बनाया गया है। जबकि उमरखेड़ निर्वाचन क्षेत्र से वर्तमान विधायक राजेंद्र नजरधने की जगह नामदेव ससाने को टिकट मिला है। इसी तरह अमरावती जिले के मेलघाट के वर्तमान विधायक प्रभुदास भिलावेकर को ब्रेक देकर उनके स्थान पर रमेश मावसकर नामक नया चेहरा भाजपा ने चुनावी जंग में उतारा है।
अकोला जिले के बालापुर निर्वाचन क्षेत्र के वंचित बहुजन आघाडी के एकमात्र विधायक बलीराम सिरस्कार का पत्ता काट कर प्रो. धैर्यवर्धन पुंडकर को उम्मीदवारी दी गई है। बहरहाल, टिकट काटे जाने से नाराज नेताओं को मनाने की कवायद में भाजपा जुट गई है। राज्य के वित्त मंत्री सुधीर मुनगंटीवार ने चंद्रपुर में आयोजित पत्रकार परिषद् में कहा कि खडसे, तावड़े, बावनकुले जैसे वरिष्ठ नेताओं को जल्दी ही नई जिम्मेदारी दी जाएगी।


 
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