राष्ट्रीय

Blog single photo

राजस्थान और महाराष्ट्र के कुल 56 लोगों को मिली भारतीय नागरिकता

19/06/2019

- राजस्थान में 34 और महाराष्ट्र में 22 पाक विस्थापितों को मिली भारतीय नागरिकता 
- सैकड़ों पाक विस्थापित अब भी नागरिकता पाने के प्रयास में, चल रही प्रक्रिया 

विजय शंकर
नई दिल्ली, 19 जून (हि.स.)। केंद्र सरकार के निर्देशों के बाद देश के बंटवारे के समय से पाकिस्तान से भारत में आये हिन्दू समाज के 56 लोगों को आजादी के 72 साल के बाद आख़िरकार भारतीय नागरिकता प्रदान की गयी। भारतीय नागरिकता पाने के लिए और माथे पर लगे पाकिस्तानी कलंक रूपी दाग को मिटाने के लिए इन लोगों ने लम्बी लड़ाई लड़ी है। 56 लोगों में से राजस्थान में 34 पाक विस्थापितों को भारतीय नागरिकता मिली है जबकि महाराष्ट्र से 22 पाकिस्तानी हिन्दुओं को भारतीय नागरिकता का प्रमाणपत्र बुधवार को प्रदान किया गया। हालाँकि नागरिकता देने के लिए लोगों के चयन का काम मंगलवार को ही पूरा कर लिया गया था। 

भारतीय नागरिकता मिलने के बाद इन सभी नागरिकों ने ख़ुशी जताई है और कहा है कि पाकिस्तानी होने का कलंक उनके माथे से अब मिट गया है। यह कहकर उनलोगों ने खुशी भी जतायी है। भारतीय नागरिकता प्रमाण-पत्र प्राप्त होने के बाद सभी ने ह्रदय से 'भारत माता की जय' के नारे लगाए। अभी भी पाक से आये सैकड़ों हिन्दुओं को भारत की नागरिकता देने की प्रक्रिया चल रही है और सभी औपचारिकतायें पूरी होने के बाद बचे लोगों को भी भारतीय नागरिकता प्रदान की जाएगी और लोग अपना नाम जुड़वाकर भारत में होने वाले चुनावों में वोट भी डाल सकेंगे। 

राजस्थान से मिली रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में लंबे समय से निवास कर रहे 34 पाकिस्तानी विस्थापितों को भारतीय नागरिकता का प्रमाणपत्र बुधवार को प्रदान किया गया। बाड़मेर, पाली व जालोर जिले में जिला प्रशासन के अफसरों ने सादे समारोह में नागरिकता के प्रमाण पत्र दिए। 

राजस्थान के गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव राजीव स्वरूप ने बताया कि पाकिस्तान के अल्पसंख्यक समुदाय के 34 पाक विस्थापित गत एक दशक से अधिक समय से राज्य में निवासरत थे। उन्हें भारतीय नागरिकता प्रदान की गई है। इन विस्थापितों में बाड़मेर के 19, पाली के 10 व जालोर के 5 पाक विस्थापित शामिल हैं। राज्य सरकार ने इस मामले में जो कमियां थीं, उन्हें पूरा करवाकर सभी विस्थापितों को भारतीय नागरिकता प्रदान कर दी है। प्रदेश में जनवरी 2019 से 17 जून 2019 तक कुल 79 पाक विस्थापितों को भारतीय नागरिकता दी गई है। 

बाड़मेर : बाड़मेर जिले में पिछले कई वर्षों से निवास कर रहे पाक विस्थापितों को जिला कलक्टर हिमांशु गुप्ता एवं अतिरिक्त जिला कलक्टर राकेश कुमार शर्मा ने बुधवार को कलेक्ट्रेट के कान्फ्रेन्स हाल में भारतीय नागरिकता के प्रमाण पत्र दिए । इस दौरान पाक विस्थापितों ने खुशी का इजहार करते हुए बताया कि भारतीय नागरिकता मिलने से उनका कई वर्षों पुराना सपना साकार हो गया है। 

बाड़मेर जिले में एक दशक से अधिक समय से निवासरत 19 पाक विस्थापितों को राज्य सरकार ने भारतीय नागरिकता प्रदान की है। बाड़मेर जिले में समंद कंवर पुत्री नरसिंह, रेहमतसिंह पुत्र करणसिंह, धर्मेन्द्र पुत्र पीरदान, देवीदान पुत्र आईदान, सुजानसिंह पुत्र सरूपसिंह, लालजी पुत्र ओमजी, ढेल कंवर पुत्री सरूपसिंह, एवन बाई पुत्री पीरदानसिंह, रेखा पुत्री कालूसिंह, मनवरसिंह पुत्र कुशलसिंह, वसंद कंवर पुत्री नरसिंह, फूल कुमारी पुत्री जसवंतसिंह, ननद कंवर पुत्री नरबतसिंह, हड़मतसिंह पुत्र लाल, तारूबाई पुत्री गेमरसिंह, किरण बाई पुत्री लाल, बबलू कंवर पुत्री मेहताबसिंह, धीनाबाई पुत्री बिहारीलाल, पिन्टूबाई पुत्र कुशलसिंह को भारतीय नागरिकता के प्रमाणपत्र दिए गए हैं । 

जालोर : जिला मैजिस्ट्रेट महेन्द्र सोनी ने बुधवार को सभा कक्ष में जिले में निवासरत 5 पाक विस्थापितों को भारतीय नागरिकता के प्रमाण पत्र प्रदान किए। उन्होंने जिले में अस्थाई निवासरत भारतीय नागरिकता चाहने वाले शेष रहे 71 लोगों के मामलों में भी शीघ्र ही कार्रवाई कर उन्हें नागरिकता देने के निर्देश दिए है। कार्यक्रम में अन्तरबाई पत्नी जेतमाल सिंह निवासी कावतरा, फरसाराम पुत्र चन्दु निवासी सांचौर, डाखोमल पुत्र रानोमल निवासी खेजडिय़ावास, चम्पा पत्नी मानो निवासी देवड़ा, भैरूसिंह पुत्र चैनसिंह निवासी बावतरा को भारतीय नागरिकता के प्रमाण पत्र दिए गए। 

पाली : जिले में निवास कर रहे दस पाक विस्थापितों को अतिरिक्त जिला कलक्टर वीरेन्द्र सिंह चौधरी ने भारतीय नागरिकता के प्रमाण-पत्र प्रदान किए। सभागार में बुधवार को जिले में सात वर्षों से अधिक समय से निवास कर रहे पाक विस्थापित को प्रमाणपत्र दिए गए। एडीएम चौधरी ने बताया कि जिले में 119 नागरिकों ने आवेदन किया था, जिनमें से 11 नागरिकों को पूर्व में तथा बुधवार को 10 नागरिकों को प्रमाण-पत्र दिए गए। शेष आवेदन पत्रों पर कार्रवाई की जा रही है। बुधवार को झीतड़ा गांव के नरपतसिंह, दरिया, उगमसिंह, चन्द्रवीर सिंह, अनवरसिंह, पाली की छगनकंवर, देवी तथा चेतन, रड़ावास गांव की जमना बाई एवं सेवाड़ी के भोमाराम को भारतीय नागरिकता के प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। 


दूसरी तरफ महाराष्ट्र में केन्द्र सरकार के निर्देश के बाद निर्वासित हुए 22 हिंदुओं को भारत की नागरिकता प्रदान की गयी। पुणे के जिलाधिकारी नवल किशोर राम ने सारी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करते हुए पुणे तथा पिंपरी चिंचवड इलाके में रहने वाले 22 हिंदू पाकिस्तानियों को मंगलवार को भारतीय नागरिकता प्रदान कर दी। देश के बंटवारे के बाद पाक से आकर सिंधी समाज के बहुत सारे लोग शरणार्थी के तौर पर भारत में रहने लगे थे, लेकिन उन्हें अब तक भारत की नागरिकता नहीं मिल पाई थी। महाराष्ट्र के पुणे तथा पिंपरी चिंचवड में बड़ी तादाद में निर्वासित हिंदू समाज के लोग वर्षों से रहते हैं। जिलाधिकारी कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार अकेले पुणे शहर में जनवरी से जून 2019 के दरम्यान 60 से अधिक हिंदु को भारतीय नागरिकता प्रदान की गई है। इससे पहले 7 मार्च 2019 को पुणे में बांग्लादेश, पाकिस्तान और अफगानिस्तान से भारत में शरणार्थी के तौर पर रहने वाले 45 लोगों को भारतीय नागरिकता प्रदान की गई थी। इसी कड़ी में 22 हिंदुओं को भारतीय नागरिकता प्रदान की गई है। 

हिन्दुस्थान समाचार


 
Top